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क्या भारत का गेहूं निर्यात प्रतिबंध लाने जा रहा है दुनिया में बड़ा संकट

भारत के गेहूं (Wheat) निर्यात पर प्रतिबंध के फैसले का असर दुनिया भर में पड़ने लगा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

भारत के गेहूं (Wheat) निर्यात पर प्रतिबंध के फैसले का असर दुनिया भर में पड़ने लगा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

भारत (India) ने हाल ही में गेहूं निर्यात पर प्रतिबंध (Ban on wheat Export) लगा दिया है. दुनिया भर के विशेषज्ञ इसे अच्छा संकेत नहीं मान रहे हैं. रूस यूक्रेन युद्ध (Russia Ukraine War) के चलते पहले से ही दुनिया में गेहूं आपूर्ति संकट में हैं. इसकी वजह से विकासशील देशों के साथ साथ संयुक्त राष्ट्र के खाद्य कार्यक्रमों पर भी विपरीत असर होने लगा है.

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    रूस यूक्रन युद्ध (Russia Ukraine War) के कारण दुनिया भर में महंगाई (Global Inflation) और तेजी से बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. इसमें ईंधन और उसके बाद गेंहू की सबसे ज्यादा चर्चा है. हाल ही में भारत सरकार ने गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध (Wheat Export ban by India) लगा दिया है. जबकि इससे कुछ समय पहले भारत सरकार संकट के समय दुनिया में गेहूं का निर्यात कर देशों की मदद करने की बातें कर रही थीं. इस फैसले की वजह अन्य कारणों के साथ गेहूं के अंतरराष्ट्रीय कीमतों में उछाल बताया जा रहा है. लेकिन वजह कुछ भी हो इस फैसला का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी असर पड़ेगा.

    गेहूं का निर्यात
    रूस यूक्रेन युद्ध के कारण गेहूं सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाली वस्तु है. इसकी वजह यह है कि दोनों रूस और यूक्रेन गेंहू निर्यातक देश हैं और दोनों मिलकर दुनिया में 30 प्रतिशत गेहूं निर्यात करते हैं. लेकिन भारत में गेहूं के दामों में आई तेजी के बाद भारत सरकार ने यू टर्न ले लिया. वैसे तो भारत गेहूं का नियमित निर्यातक नहीं है, फिर भी भारत के इस फैसला का असर दुनिया भर में पड़ना तय माना जा रहा था.

    एक निर्यातक बनता जा रहा था भारत
    उल्लेखनीय है कि भारत ने साल 2020-21 मे 2.6 मैट्रिक टन का गेहूं निर्यात किया था और इसके बाद साल 2021-22 में यह बढ़ कर 8.2 मैट्रिक टन हो गया था. इसी संभावना के चलते कुछ दिनों पहले ही भारत सरकार ने ऐलान किया था कि वह गेहूं का निर्यात करेगा. इससे यूद्ध की वजह से दुनिया भर में आए गेहूं की आपूर्ति का संकट कुछ हद तक कम होने की उम्मीद भी की जाने लगी थी.

    भुखमरी बढ़ सकती है
    भारत का पिछले साल वैश्विक गेहूं निर्यात में 4.1 प्रतिशत योगदान था. लेकिन अब निर्यात पर प्रतिबंध वैश्विक गेहूं आपूर्ति संकट को गहराने वाले कदम ही साबित होगा ऐसा बताया जा रहा है. न्यूयार्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुबातिक इसका सीधा असर भुखमरी से जूझ रहे दुनिया के कई हिस्सों पर पड़ेगा. संयुक्त राष्ट्र की संस्था विश्व खाद्य कार्यक्रम ने चेताया है कि युद्ध के असर के कारण वर्तमान खाद्य संकट और गहरा जाएगा जिससे 4.7 करोड़ और ज्यादा लोग भुखमरी का शिकार हो सकते हैं.

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    गेहूं (Wheat) के निर्यात पर प्रतिबंध से भारत में उसकी कीमतों पर लगाम लगेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    भारत चीन सबसे बड़े उत्पादक
    भारत चीन के बाद दुनिया का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक देश है. लेकिन दोनों ही देश अपनी घरेलू उच्च मांग के चलते दुनिया के शीर्ष गेहूं निर्यातकों में शामिल नहीं है. पश्चिमी मीडिया में इस बात की खबरें आ रही हैं कि कई विकासशील देशों में इसका असर भी दिखाई देने लगा है और बढ़ती कीमतों को  विरोध भी होने लगा है.

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    इस तरह का प्रतिबंध मुसीबत ही बढ़ाएगा
    ब्लूमबर्ग की संपादकीय टीम ने लिखा है कि सरकारें संरक्षणवादी हो कर खाद्य बाजार की समस्या को  बढ़ा ही रही हैं. यूक्रेन पर हमले के बाद से कम से कम 20 देशों ने खाद्य निर्यात पर प्रतिबंध लगाया है. इसी तरह का काम इंडोनेशिया ने भी ताड़ के तेल का निर्यात रोक लगाकर किया है जिसकी  घरेलू कीमतें बढ़ रही थीं. ऐसपाबंदियां सभी के लिए दाम बढ़ाने का काम करेंगी.

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    यूक्रेन (Ukraine) के बंदरगाहों पर अभी कई मैट्रिक टन की मात्रा में गेहूं अटका पड़ा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: shutterstock)

    यूक्रेन में अटका है बहुत सारा गेहूं
    वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री एनानेला बेयरबॉक ने कहा है कि जी7 के देश  आपातकाल स्थिति में यूक्रेन के गेंहू निर्यात के लिए वैकल्पिक रास्तों की मांग कर रहे हैं. युद्ध की वजह से काला सागर के रास्ता बंद हो गया है जिससे करीब 25 मैट्रिक टन का गेहूं यूक्रेन के बंदरगाहों पर अटका पड़ा है जिसकी दुनिया को बहुत ज्यादा जरूरत है.

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    फिलहाल यूक्रेन गेंहू का निर्यात रेल यातायात के जरिए कर रहा है, लेकिन यह क्षमता से बहुत ही कम हिस्सा है. यूक्रेन अभी रेल यातायात से हर महीने 15 लाख टन से ज्यादा गेहूं नहीं भेज सकता है. वहीं जिस तरह से रूस यूक्रेन युद्ध के खत्म होने के आसार नहीं दिख रहे हैं गेहूं संकट भी आने वाले समय में गहरा सकता है.

    Tags: India, Research, Russia ukraine war, World

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