ब्रह्मचारी होने के बाद भी वात्‍स्‍यायन ने कैसे लिखा था कामसूत्र

महर्षि वात्स्यायन के जीवन का बड़ा हिस्सा वाराणसी में गुजरा. बताते हैं कि उन्होंने यहीं कामसूत्र जैसी कालजयी रचना की

महर्षि वात्स्यायन के जीवन का बड़ा हिस्सा वाराणसी में गुजरा. बताते हैं कि उन्होंने यहीं कामसूत्र जैसी कालजयी रचना की

महर्षि वात्स्यायन के जीवन का बड़ा हिस्सा वाराणसी में गुजरा. बताते हैं कि उन्होंने यहीं कामसूत्र जैसी कालजयी रचना की

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  • Last Updated: August 10, 2018, 1:05 PM IST
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पांचवीं सदी के आसपास भारत में ऐसी किताब लिखी गई, जिसने दुनियाभर में तहलका मचा दिया. यह किताब थी कामसूत्र. दो हजार साल बाद आज भीह किताब सेक्स की जानकारी देने वाली सबसे प्रमाणिक किताब मानी जाती है. इसे महर्षि वात्स्यायन ने लिखा था. वात्स्यायन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने यह किताब वेश्यालयों में जाकर देखी गई मुद्राओं और वेश्याओं से बात करके लिखी. उन्होंने तो कभी इस तरह की गतिविधियों में ना तो हिस्सा लिया और ना ही इसका आनंद लिया. वो आजीवन ब्रह्मचारी रहे.  मशहूर लेखिका वेंडी डोनिगर ने अपनी किताब रिडिमिंग द कामसूत्रा में विस्तार से महर्षि वात्सयायन के बारे में भी बताया है.



कौन थे वात्स्यायन

वात्स्यायन एक ऋषि थे. जिन्हें बहुत ज्ञानवान माना जाता रहा है. उन्हें खासकर वेदों का जबरदस्त ज्ञान था. उनका काफी समय बनारस में गुजरा. उन्होंने पहली बार वैज्ञानिक तौर पर बताया कि अाकर्षण का विज्ञान आखिर क्या है. उनका मानना था कि जिस तरह हम जीवन से जुड़े तमाम पहलुओं की बात करते हैं, उसी तरह हमें सेक्स की भी उपेक्षा नहीं करनी चाहिए. वात्स्यायन धार्मिक शिक्षाओं से जुड़े हुए थे. बेशक उन्होंने कामसूत्र लिखा लेकिन उनके बारे में कहा जाता है कि वो कभी सेक्स गतिविधियों में संलग्न नहीं रहे.



वात्स्यायन ने ये किताब क्यों लिखी
इतिहासकारों का मानना है कि वात्स्यायन ने सोचा कि सेक्स पर चर्चा होनी चाहिए और इसे अनदेखा नहीं किया जा सकता. उनकी किताब ने सुनिश्चित किया कि लोग इस संबध में बेहतर जानकारी हासिल कर सकें. यह किताब लोगों के लिए काफी जानकारीपरक भी है. उन दिनों सेक्स को लेकर न कोई किताब थी और न ही इस पर जानकारी देने की कोई व्यवस्था थी. इस किताब को पढ़ने के लिए लोगों का सेक्स ज्ञान निःसंदेह बढ़ता है. दुनियाभर में अब इस किताब को रेफर किया जाता है. इस किताब में क्या करें और क्या नहीं करें की काफी चर्चा है. हजारों साल बाद भी यह उपयोगी बनी हुई है.









किताब पर विवाद भी

इस किताब के कुछ अंश ऐसे हैं जिनपर विवाद हो सकता है. क्योंकि उनकी इस किताब में स्त्रियों को कमजोर दिखाया गया है. यह कहा गया है कि उन्हें भावनात्मक आर्थिक सुरक्षा के तौर पर हमेशा पुरुषों की जरूरत रहेगी. हालांकि इसमें यह भी कहा गया है कि किस तरह स्त्रियां पुरुषों में लालसा पैदा करके उनसे कुछ भी करा सकती हैं.



क्या वात्स्यायन आज इस किताब में बदलाव करते

यकीनन अगर वात्स्यायन आज यह किताब लिखते तो इसमें बहुत सारे बदलाव करते. समय के बदलने के साथ स्थितियां भी बदली हैं. जब उन्होंने किताब लिखी तब वो पांचवीं या चौथी सदी के हिसाब से सोच रहे थे लेकिन अब 21वीं चल रही है. ये भी सही है कि चौथी सदी के समाज, सामाजिक स्थितियों, स्त्रियों की स्थितियों में भी काफी बदलाव आ चुका है.







क्या वात्स्यायन ने और भी किताबें लिखीं

वात्स्यायन महान दार्शनिक भी थे. उन्होंने न्याय सूत्र नाम भी किताब भी लिखी. ये किताब आमतौर पर आध्यात्मिक उदारवाद पर थी-जो जन्म और जीवन पर आधारित थी. ये मोक्ष की भी बात करती है. ये शानदार किताब है, जो ये बताती है कि वात्स्यायन कितनी विलक्षण बुद्धि के थे. हालांकि इस किताब पर ज्यादा चर्चा नहीं हुई.



वात्स्यायन की कामसूत्र पर क्यों हैरान होना चाहिए

वात्स्यायन के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने बगैर सेक्स अनुभव किए ऐसी किताब लिख दी, जिसे सेक्स संबंधी जानकारी के लिए दुनिया की सबसे प्रमाणिक किताब माना जाता है. हालांकि सवाल भी उठते रहे बगैर इस आनंद को जाने उन्होंने यौन आसनों और इससे जुड़े विज्ञान पर कैसे लिख दिया.



तो उन्होंने ये किताब कैसे लिखी

कहा जाता है कि वो लगातार वेश्यालयों में जाते थे. वहां गुप्त तरीके से लोगों को सेक्स परफार्म करते देखते थे. अपने इन्हीं निरीक्षणों के जरिए उन्होंने कामसूत्र जैसे ग्रंथ की रचना कर दी. कहा जा सकता है कि वो एक ट्रेंड सेट करने वाले दार्शनिक थे. ये उनकी दोनों किताबों से झलका भी, जो उन्होंने लिखीं.







कामसूत्र किताब को किस तरह से देखा जाना चाहिए

कामसूत्र की असल किताब जीवन जीने की कला यानि आर्ट ऑफ लिविंग की तरह देखना चाहिए.



गूगल पर कितनी बार कामसूत्र को सर्च किया जाता है

हर सेकेंड दुनियाभर में 1.4 करोड़ से ज्यादा लोग कामसूत्र सर्च करते हैं. हालांकि इस नाम से बहुत ढेर सारी चीजें हैं, मसलन-किताब, कंडोम, खिलौने, घड़ियां, एप, चाकलेट, टीवी सीरीज और फिल्में.



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