महिला पुरुषों की बीमारी झेलने की क्षमता में ये Genes पैदा करते हैं अंतर- शोध

शोध से पता चला है कि वाय क्रोमोजोम (Y Chromosome) केवल सेक्स संबंधी कार्यों के अलावा कोशिकाओं (Cells) के अन्य कार्यों को भी प्रभावित करता है.  (प्रतीकात्मक तस्वीर)
शोध से पता चला है कि वाय क्रोमोजोम (Y Chromosome) केवल सेक्स संबंधी कार्यों के अलावा कोशिकाओं (Cells) के अन्य कार्यों को भी प्रभावित करता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

महिलाओं (Females) और पुरुषों (Males) में किसी बीमारी (Disease) को झेलने (Suffering) की क्षमता में अंतर की जिम्मेदार वाय क्रोमोजोम्स (Y chromosomes) की जीन्स (Genes) होती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 26, 2020, 12:57 PM IST
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क्या किसी बीमारी को पुरुष (Man) और महिला (Women) अलग तरह से झेलते (Suffer) हैं. किसी बीमारी (Disease) के प्रति दोनों के शरीर अलग प्रतिक्रिया करते हैं यह भी एक खास अंतर है. इसमें कोविड-19 (Covid-19) जैसी बीमारी भी शामिल है. लेकिन इसकी वजह हमारे वैज्ञानिकों को पता नहीं लग पाई थी. नए अध्ययन के मुताबिक वाय क्रोमोजोम जीन्स (Y Chromosome Genes) इस बात की व्याख्या करते है कि विभिन्न बीमारियों को पुरुष महिलाओं की तुलना में अलग तरह से क्यों झेलते हैं.

जीन्स हैं जिम्मेदार
स्त्री और पुरुषों के शरीर का किसी बीमारी के प्रति अलग-अलग बर्ताव हाल ही में कोविड-19 महामारी में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. अब पता चला है कि जो पुरुषों में ही पाया जाने वाला वाय क्रोमोजोम के जीन्स बता सकते हैं कि क्या सार्स कोव-2 के कारण पुरुषों में महिलाओं की तुलना में मृत्यु दर दो गुना के आसपास है.

वाय क्रोमोजोम पर ध्यान
इस अध्ययन की पड़ताल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुई है. यह शोध यूनिवर्सटे डि मोंट्रियाल के प्रोफेस क्रिश्चियन डेसचेपर की अगुआई में हुआ है जो मोंट्रियाल क्लीनिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक्सपेरिमेंटल कार्डियोवर्सकुलर बायोलॉजी रिसर्च यूनिट के डायरेक्टर हैं. उनकी इस पड़ताल में वाय क्रोमोजोम जीन्स की भूमिका पर ध्यान दिया गया.



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महिलाओं (Females) और पुरुषों (Males) के बीच बीमारी (Disease) झेलने के अंतर को समझने में यह शोध मददगार है. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


 इस बात की बेहतर समझ
डेसचेपर इस अध्ययन के प्रमुख लेखक और मैक्गिल यूनिवर्सिटी के एसोसिएट प्रोफेसर भी हैं उनका कहना है, “हमारी खोज इस बात की बेहतर समझ प्रदान करती है कि कैसे वायक्रोमोजोम जीन्स नर कोशिकाएं मादा कोशिकाओं के मुकाबले अलग काम करने में भूमिका निभाती हैं. भविष्य में ये नतीजे  इस बात पर रोशनी डाल सकते है कि क्यों कुछ बीमारी महिलाओं और पुरुषों में अलग होती हैं.”

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क्या है वाय क्रोमोजोम का महत्व
इंसान में क्रोमोजोम्स के 23 जोड़े होते हैं जिसमें एक जोड़ा सेक्स क्रोमोजोम्स का होता है. जहां मादाओं में दो एक्स क्रोमोजोम्स होते हैं तो वहीं नरों में एक एकस क्रोमोजोम होता है और एक वाय क्रोमोजोम. हालांकि ये पुरुष जीन्स शरीर की सभी कोशिकाओं में अभिव्यक्त होती हैं, उनकी भूमिका अभी तक केवल सेक्स अंगों की क्रियाओं तक सीमित रहने की पुष्टि हुई है.

क्या किया शोधकर्ताओं ने
इस अध्ययन में डेसचेपर ने एक जेनेटिक जोड़तोड़ की जिससे वाय क्रोमोजोम्स के दो नर जीन्स निष्क्रिय हो गए. इससे संकेतों के कई रास्तों में बदलाव आया जो गैर यौनांग कोशिकाओं के कुछ कार्यों में अहम भूमिका निभाते हैं. उदाहरण के तौर पर तनाव में कुछ प्रक्रियाएं इस तरह से प्रभावित हो सकती हैं जिससे मानवीय हृदय की कोशिकाएं खुद को अतिदबाव या खून की कम आपूर्ति जैसी आघात की स्थितियों से बचाती हैं.

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इस अध्ययन से महिलाओं (Females) और पुरुषों (Males) की कई बीमारियों (Disease) का इलाज ढूंढने में भी मदद मिलेगी. (प्रतीकात्मक तस्वीर: Pixabay)


यह अलग काम भी करते हैं वाय क्रोमोजोम
इसके अलावा अध्ययन से यह भी पता चला कि गैर यौन क्रोमोजोम जीन्स जिस तरह से नियमित कार्यों के लिए प्रक्रियाओं का उपयोग करती हैं वैसी प्रक्रियाएं पुरुष जीन्स असामान्य तरीके से करती है. यहां जीनोम के स्तर पर सीधे कुछ जीन्स को सक्रिय करने के बजाय वाय क्रोमोजोम्स कोशिकाओं के कार्यों को प्रोटीन उत्पादन से प्रभावित करते हैं.

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कार्य में इस अंतर की खोज इस बात की व्याख्या करने में मदद कर सकती है कि क्यों पुरुषों की वाय क्रोमोजोम जीन्स की क्रियाएं अब तक अच्छे से नहीं समझे गए हैं. बहुत सी बीमारियों में पुरुष महिलाओं से अभिव्यक्ति, गंभीरता, और नतीजों के मामले में अलग होते हैं.
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