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सैलेरी में हो 1 डॉलर का इंक्रीमेंट तो 6 फीसदी कम हो सकते हैं आत्महत्या के मामले: स्टडी

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Updated: January 12, 2020, 12:22 PM IST
सैलेरी में हो 1 डॉलर का इंक्रीमेंट तो 6 फीसदी कम हो सकते हैं आत्महत्या के मामले: स्टडी
सैलेरी में हो 1 डॉलर का इंक्रीमेंट तो 6 फीसदी कम हो जायेंगे आत्महत्या के मामले

विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या के मामलों में समाज और आसपास के माहौल को कम नहीं समझना चाहिए. ये कारक उतने ही महत्वपूर्ण है जितना कि किसी इंसान की मानसिक सेहत.

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  • Last Updated: January 12, 2020, 12:22 PM IST
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सैलेरी में केवल कुछ बढ़त ही आत्महत्या के मामलों को 6 प्रतिशत तक कम कर सकती है. अमेरिका में इस विषय पर हुए एक अध्ययन के मुताबिक़, अगर बेसिक सैलेरी में 1 डॉलर (72 रुपये) का इजाफा कर दिया जाए तो अमेरिका में आत्महत्या की वार्षिक दर 6 प्रतिशत तक कम हो सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो 2018 के आत्महत्या के मामले में डाटा पेश करने से पहले यह बात सामने आई थी कि भारत में आर्थिक तौर से कमजोर जिस वर्ग ने आत्महत्या की थी, उसमें से 10 में से 7 की सैलेरी एक लाख रुपये वार्षिक से कम थी.

इस विषय में विशेषज्ञों का कहना है कि आत्महत्या के मामलों में समाज और आसपास के माहौल को कम नहीं समझना चाहिए. ये कारक उतने ही महत्वपूर्ण है जितना कि किसी इंसान की मानसिक सेहत. रिपोर्ट में PGIMER, चंडीगढ़ में इंडियन जरनल ऑफ सोशल साइकायट्री के एडिटर व प्रोफेसर डॉ. देबाशीष बासु के हवाले से बताया गया कि आत्महत्या के लिए उकसाने वाले कारकों में सामाजिक कारण ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. ऐसा इसलिए कि इन कारणों की अक्सर ही अनदेखी की गई है.

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बीते हफ्ते इंडेक्स्ड जर्नल ऑफ एपिडेमियॉलजी ऐंड कम्युनिटी हेल्थ में प्रकाशित अमेरिकी स्टडी के अनुसार, '1990 से 2015 के बीच हर स्टेट में न्यूनतम वेतन में 1 डॉलर का इजाफा करने से करीब 27000 लोगों को मौत के मुंह में जाने से रोका जा सकता है. 2 डॉलर की बढ़ोतरी कर 57,000 आत्महत्या के मामलों पर लगाम लगाई जा सकती थी.'

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First published: January 12, 2020, 11:25 AM IST
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