क्या आप जानते हैं इन 10 चीजों के सेवन से हो सकती है आपको फूड एलर्जी?

10 फूड एलर्जी के बारे में जानें (साभार: pexels/cottonbro)

10 फूड एलर्जी के बारे में जानें (साभार: pexels/cottonbro)

10 Most Common Food Allergies- एलर्जी की मुख्य वजह है कि कभी-कभी इम्यून सिस्टम खाने में मौजूद प्रोटीन को खतरा समझने लगता है और उस पर प्रतिक्रिया करता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 4, 2021, 12:45 PM IST
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10 Most Common Food Allergies: किसी खाद्य पदार्थ (food Ingredient) को खाने से इम्यून सिस्टम (Immune System) यदि अस्वाभाविक रूप से प्रतिक्रिया दे तो फूड एलर्जी इसकी वजह हो सकती है. कोई भी चीज खाने के बाद असहज महसूस होना ही फूड एलर्जी (Food Allergy) है. हालांकि बहुत-सी चीजें हैं जो कि फूड एलर्जी जैसी लग सकती है, ऐसे में डॉक्टर से परामर्श लेना बेहद जरूरी है. वास्तव में एलर्जी की मुख्य वजह है कि कभी-कभी इम्यून सिस्टम खाने में मौजूद प्रोटीन को खतरा समझने लगता है और उस पर प्रतिक्रिया करता है. इससे शरीर में कई तरह के केमिकल बनने लगते हैं और ये ही एलर्जी के लक्षण पैदा करते हैं. फूड एलर्जी के कारण उल्टी आना, पेट में दर्द होना, सांस फूलना, बार-बार खांसी, नाक में अधिक बलगम, गले में अकड़न, होंठ, जीभ और चेहरे पर सूजन, चक्कर आना, त्वचा का रंग नीला या पीला पड़ना आदि शामिल हैं. आइए कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से जानते हैं कि किन फूड प्रोडक्ट्स से आपको एलर्जी हो सकती है...

अंडे
अंडे प्रोटीन और एनर्जी से भरपूर होते हैं. लेकिन कुछ लोगों को अंडे से एलर्जी होती है. ऐसे लोगों के लिए किसी भी तरह से अंडे का सेवन हानिकारक साबित हो सकता है. कई 5 साल से कम उम्र के शिशुओं में और कई बार बड़ों में भी अंडे से एलर्जी पाई जाती है. अंडे खरीदते वक्त हमेशा इस पर एल्बुमिन, ग्लोब्युलिन, लेसिथिन, लिवेटिन, लाइसोजाइम, 'ओवा' और 'ओवो', सिल्की एल्बुमिनेट, सिम्पेसी और विटेलिन लेबल जरूर चेक करें. ये बताते हैं कि एग प्रोटीन मौजूद है.

दूध
दूध वाकई कुछ लोगों के लिए बेहद फायदेमंद होता है. कई लोग इसे लैक्टोज एलर्जी की तरह भी लेते हैं जबकि यह इससे अलग है. मिल्क एलर्जी तब होती है जब शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मिल्क प्रोटीन के लिए असामान्य रूप से रिएक्ट करती है, जबकि लैक्टोज एलर्जी में कुछ एंजाइमों को तोड़ने में असमर्थ होने के कारण पाचन में दिक्कत आती है.



मूंगफली
मूंगफली प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत है. लेकिन कई लोगों को मूंगफली से भी एलर्जी होती है. मूंगफली से लगभग 4-8% बच्चों और 1–2% वयस्कों को एलर्जी होती है. जब आपकी बॉडी में मूंगफली के प्रोटीन से एलर्जी होती है तो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली कई तरह के लक्षण प्रदर्शित करता है. अगर आपको भी मूंगफली से एलर्जी है तो आपको इसका सेवन पूर्णतः बंद करना होगा.

सोया
सोया एलर्जी लगभग 0.4% बच्चों को प्रभावित करती है और आमतौर पर शिशुओं और तीन से कम उम्र के बच्चों में देखी जाती है. सोया एलर्जी सोयाबीन या सोयाबीन युक्त उत्पादों में मौजूद प्रोटीन के कारण होती है. सोया एलर्जी के लक्षण खुजली, मुंह से और मुंह और नाक बहने से लेकर दाने या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. केवल चंद केसेस में, सोया एलर्जी एनाफिलेक्सिस का कारण भी बन सकती है.

गेहूं
गेहूं से भी कई लोगों को एलर्जी होती है. इसका कारण गेहूं में पाया जाने वाला प्रोटीन 'ग्लूटेन' है. जिन लोगों को गेंहू से एलर्जी होती है उन्हें इसके सेवन से पाचन की दिक्कत, पित्ती, उल्टी, चकते, सूजन और, गंभीर मामलों में, एनाफिलेक्सिस की समस्या भी हो सकती है. कई मामलों में गेहूं से एलर्जी घातक साबित हो सकती है. जिन लोगों को गेहूं से एलर्जी है उनके लिए इससे बचने का केवल एक ही उपाय है कि किसी भी तरह से न खाने की चीजों या पेय पदार्थ या गेंहूं से बने किसी ब्यूटी प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से परहेज करें.

मछली
मछली से कई लोगों को एलर्जी होती है जो बेहद आम भी है. इससे करीब 2 प्रतिशत लोग पीड़ित हैं. करीब 40 फीसदी लोगों को बढ़ती उम्र में मछली के सेवन से एलर्जी हो जाती है. फिश एलर्जी से पीड़ित व्यक्ति में उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं. हालांकि, दुर्लभ मामलों में एनाफिलेक्सिस भी हो सकता है.इससे बचने के लिए मछली से सेवन से परहेज करें.

तिल
कई लोग नाश्ते में तिल का सेवन करना पसंद करते हैं. लेकिन कुछ को तिल से भी एलर्जी होती है. यूएस में कई लोगों में तिल से एलर्जी देखी गई है. कई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि इजरायल में बच्चों में पाई जाने वाली यह तीसरे नंबर की एलर्जी है. ऐसे में एलर्जी से पीड़ित लोगों को तिल से बना कोई भी सामान खरीदने से बचना चाहिए.

कच्ची सब्जियां और फल
कुछ एलर्जी कच्चे गाजर, आडू के सेवन से भी होती है. दरअसल, फलों में कुछ ऐसे प्रोटीन पाए जाते हैं जिन्हें यदि एलर्जी से ग्रस्त व्यक्ति खाए तो उसके मुंह में एलर्जी होती है. कुछ मामलों में ये एनाफिलेक्सिस का कारण भी बन सकते हैं.

शेलफिश
शेलफिश से एलर्जी बेहद आम है. यह आपके इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है. बच्चों की तुलना में वयस्कों में शेलफिश से एलर्जी ज्यादा पायी जाती है. क्रस्टेशियन की पहचान करना और बचना आसान है, लेकिन मोलस्क को खाने पर कई बार एलर्जी का सामना करना पड़ सकता है. हालांकि सबके साथ ऐसा हो यह आवश्यक नहीं है.

ट्री नट्स
अमेरिकन एकेडमी ऑफ एलर्जी, अस्थमा और इम्यूनोलॉजी (एएएएआई) के अनुसार, ट्री नट्स से 1.2 प्रतिशत आबादी को एलर्जी है. ट्री नट्स में बादाम से लेकर काजू और पेकान से लेकर मैकाडामिया तक सब कुछ शामिल है, और अगर आपको इनमें से किसी एक से एलर्जी है, तो आपको इनमें से किसी चीज के सेवन से दिक्कत हो सकती है. जिन लोगों को ट्री नट्स से ट्री नट्स है उन्हें नट्स के आलावा बारबेक्यू सॉस, सलाद ड्रेसिंग से भी बचना चाहिए. इन नटों से एलर्जी भी एनाफिलेक्सिस का कारण बन सकती है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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