नीदरलैंड की मारिके लुकास बनीं सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली लेखिका

नीदरलैंड की मारिके लुकास बनीं सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली लेखिका
रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ को बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए विजेता घोषित किया गया.

नीदरलैंड की 29 वर्षीय लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marieke Lucas Rijneveld) अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International Booker Prize) जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका बन गई हैं.

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  • Last Updated: August 27, 2020, 2:45 PM IST
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नीदरलैंड की 29 वर्षीय लेखिका मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marieke Lucas Rijneveld) अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International Booker Prize) जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखक बन गई हैं. इसके बाद से साहित्य जगत में उनके नाम की धूम है.उनके जानने वाले और शुभचिंतक मारिके को शुभकामनाएं दे रहे हैं. मारिके लुकास का पुरस्कार मूल बुकर पुरस्कार से अलग है और इसका लक्ष्य विश्वभर में अच्छे उपन्यास के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है.

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रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ को बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए विजेता घोषित किया गया है. इस किताब में ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के किसान परिवार की कहानी है. नियमों के अनुसार पुरस्कार में इनाम की राशि 50,000 पाउंड दी गई है, जिसको लेखक और अनुवादक मिशेल हचिसन के दोनों आपस में बाटेंगे.



बता दें कि इस साल अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार के लिए 30 भाषाओं से अनुवाद की गई 124 किताबें दौड़ में थीं. यह पुरस्कार हर साल किसी भी भाषा के काल्पनिक कथा उपन्यास को दिया जाता है, जिसका अनुवाद अंग्रेजी में हुआ है और प्रकाशन ब्रिटेन अथवा आयरलैंड में हुआ हो.
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