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पार्किंसंस पीड़ित पुरुषों के लिए सक्रिय सेक्स लाइफ फायदेमंद


Updated: December 2, 2019, 9:14 AM IST
पार्किंसंस पीड़ित पुरुषों के लिए सक्रिय सेक्स लाइफ फायदेमंद
SEX चॉइस को लेकर लोगों ने चौंकाने वाले खुलासे किये हैं

जो पुरुष पार्किंसंस (Parkinson's in male) से पीड़ित होते हैं उनके लिए यह उम्मीद की नई किरण मानी जा सकती है. अध्ययन में बताया गया है कि जिन पुरुषों को पार्किंसंस के लक्षण हैं उनकी सेक्स लाइफ (Sex life) इसे काबू में रख सकती है.

  • Last Updated: December 2, 2019, 9:14 AM IST
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वॉशिंगटन. यूरोपियन जर्नल ऑफ न्यूरोलॉजी (European Journal of Neurology) में छपे एक शोध की माने तो पार्किंसंस के शुरुआती लक्षणों (Parkinson's disease symtoms) पर काबू पाने का तरीका मिल गया है. खासकर जो पुरुष पार्किंसंस (Parkinson's in male) से पीड़ित होते हैं उनके लिए यह उम्मीद की नई किरण मानी जा सकती है. अध्ययन में बताया गया है कि जिन पुरुषों को पार्किंसंस के लक्षण हैं उनकी सेक्स लाइफ (Sex life) इसे काबू में रख सकती है.

वैज्ञानिकों ने अपने शोध में पाया कि सक्रिय यौन जीवन से पार्किंसंस की शुरुआत मे होने वाली आंशिक विकलांगता को काबू किया जा सकता है. दो साल तक चले इस रिसर्च में 355 मरीजों को शामिल किया गया.

पार्किंसंस से पीड़ित मरीजों का इलाज करने वाले डाक्टरों के लिए भी यह शोध मददगार साबित हो सकती है. अब वो अपने मरीजों से उनके यौन जीवन की सक्रियता के विषय में बात करके उनकी मदद कर सकते हैं.

वैज्ञानिकों की इस टीम का नेतृत्व करने वाली डॉक्टर मरीना पिसिल्लो का कहना है कि यह शोध पुरुषों के सेक्सुअल हेल्थ और जनरल हेल्थ के बीच संबंध की पुष्टि करती है. व्यक्ति की सेक्सुअल एक्टिविटी से आप उसके स्वास्थ्य का आंकलन कर सकते हैं.

डॉक्टर पिसिलो इटली की सलेर्नो युनिवर्सिटी के न्यूरोडिजेनरेटिव डिसीसेज सेंटर में अस्सिटेंट प्रोफेसर हैं. शोध करने वाली वैज्ञानिकों की टीम में ब्रिटेन और इटली के डॉक्टर शामिल थे.

हालांकि अभी वैज्ञानिकों की टीम ने इस केवल पुरुषों के लिए मददगार बताया है. उनका कहना है कि महिलाओं में पार्किसंस बीमारी के लक्षण वैसे नहीं होते जैसे पुरुषों में पाए जाते हैं. महिलाओं में इस बीमारी के भिन्न लक्षण देखे गए हैं. इस शोध में 238 पुरुष और 117 महिला मरीजों को शामिल किया गया था.

पार्किंसंस बीमारी के दौरान मरीज को अपने शरीर पर नियंत्रण नहीं रहता. समय-समय पर उसे शरीर में झटकों के दौरे पड़ते रहते हैं. पार्किंसंस होने के बाद उसे चलने में दिक्कत आत है. शरीर में जकड़न महसूस होती है. शरीर का संतुलन बनाने में भी समस्या होती.
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डॉक्टरों की माने तो अभी तक पार्किंसंस बीमारी का कोई एक इलाज या उससे बचने के तरीके की खोज नहीं हो पाई है. इसीलिए वैज्ञानिकों ने अपने शोध में मरीजों की सेक्सुअल लाइफ से जु़ड़े पहलुओं की जांच करने का प्लान बनाया.

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First published: December 2, 2019, 9:14 AM IST
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