Ambedkar Jayanti 2021: डॉ भीमराव अंबेडकर के ये अमूल्य विचार बदल देंगे आपकी जिंदगी

धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए- डॉ. भीमराव अंबेडकर.

धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए- डॉ. भीमराव अंबेडकर.

Ambedkar Jayanti 2021: डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर समाज में दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे. अंबेडकर के विचारों ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया और उनके विचारों पर चलकर कई युवाओं की जिंदगी बदली है.

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  • Last Updated: April 14, 2021, 11:33 AM IST
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Ambedkar Jayanti 2021: आज 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती है. देश में सरकारी दफ्तरों में और आम जनता अपने-अपने तरीके से अंबेडकर जयंती मनाती है. बाबा साहेब अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था. उनका मूल नाम भीमराव था. अंबेडकर के पिता रामजी वल्द मालोजी सकपाल महू में ही मेजर सूबेदार थे. अंबेडकर का परिवार मराठी था और वो मूल रूप से महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के अंबडवेकर गांव ताल्लुक रखते थे. मां का नाम भीमाबाई सकपाल था. अंबेडकर के पिता कबीर पंथी थे. महार जाति के होने की वजह से अंबेडकर के साथ बचपन से ही भेदभाव शुरू हो गया था.

उन्हें प्रारंभिक शिक्षा लेने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन इन सबके बावजूद भी अंबेडकर ने न केवल उच्च शिक्षा हासिल की बल्कि, स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बने. उन्होंने अपना पूरा जीवन देश के नाम अर्पित कर दिया था. डॉक्‍टर भीमराव अंबेडकर समाज में दलित वर्ग को समानता दिलाने के लिए जीवन भर संघर्ष करते रहे. अंबेडकर के विचारों ने लाखों युवाओं को प्रेरित किया और उनके विचारों पर चलकर कई युवाओं की जिंदगी बदली है. आज बाबासाहब अंबेडकर की जयंती के मौके पर आइए इनके 10 ऐसे विचार जानते हैं जो जिंदगी के हर कठिन क्षण में आपको प्रेरणा देंगे.

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बाबा अंबेडकर के 10 अमूल्य विचार
1. मुझे वह धर्म पसंद है जो स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व सिखाता है.

2. मैं एक समुदाय की प्रगति को उस डिग्री से मापता हूं जो महिलाओं ने हासिल की है.

3. वे इतिहास नहीं बना सकते जो इतिहास को भूल जाते हैं.



4. शिक्षित बनो, संगठित रहो और उत्तेजित बनो.

5. धर्म मनुष्य के लिए है न कि मनुष्य धर्म के लिए.

6. मनुष्य नश्वर है, उसी तरह विचार भी नश्वर हैं. एक विचार को प्रचार-प्रसार की जरूरत होती है, जैसे कि एक पौधे को पानी की, नहीं तो दोनों मुरझाकर मर जाते हैं.

7. एक महान आदमी एक प्रतिष्ठित आदमी से इस तरह से अलग होता है कि वह समाज का नौकर बनने को तैयार रहता है.

8. समानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा.

9. बुद्धि का विकास मानव के अस्तित्व का अंतिम लक्ष्य होना चाहिए.

10. मानता एक कल्पना हो सकती है, लेकिन फिर भी इसे एक गवर्निंग सिद्धांत रूप में स्वीकार करना होगा.
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