राष्ट्रीय पक्षी की तरफ से एक जज को खुला ख़त

जज साहब, आपके एक बयान ने रातोंरात मेरी जिंदगी बदल दी. कल रात तक जीवन में सब सुख-शांति थी. अगले दिन मैं गूगल, फेसबुक, व्‍हॉसएप पर ट्रेंड होने लगा. मुझे ऐसा लगा, जैसे पूरा देश मेरे बेडरूम में घुस आया है. मेरी रिलेशनशिप तबाह होने की कगार पर थी.

Manisha Pandey | News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 3:56 PM IST
राष्ट्रीय पक्षी की तरफ से एक जज को खुला ख़त
राष्‍ट्रीय पक्षी मोर का खुला खत
Manisha Pandey | News18Hindi
Updated: January 31, 2019, 3:56 PM IST
जज महेश चंद शर्मा जी,

आपको तो याद भी नहीं होगा, आज ही के दिन मुझे भारत राष्ट्रीय पक्षी घोषित किया गया था.

ऐसा नहीं था कि मुझे पहले भाव नहीं मिलता था. चाहे भगवान कृष्ण के मोरमुकुट की बात हो या फिर पेप्सी का ‘ये दिल मांगे मोर’ विज्ञापन या फिर फिल्मों के गाने.

पर किसी ने भी मुझे इतने प्रख्यात नहीं बनाया जितना आपने. 1 जून, 2017 की सुबह सोकर उठा तो बवाल कटा हुआ था. सारे अखबारों और न्‍यूज चैनलों में मैं ही छाया हुआ था. पर मुझसे ज्यादा बात मेरे प्रजनन के तरीके पर हो रही थी. आपने पता नहीं बीती रात या उस सुबह ही क्या खाया, पिया या सूंघा था कि पूरा हिंदुस्तान तमाम जरूरी मुद्दों को छोड़कर ये जानने के लिए धक्कामुक्की कर रहा था कि मोर के बच्चे कैसे पैदा होते हैं. पता चला, आपने कुछ कह दिया था.

ऐसा वे इसलिए नहीं कर रहे थे कि उन्हें मेरे ब्रह्मचारी होने में कोई दिलचस्पी थी या फिर ‘प्यासा’ के उस गाने की तरह ‘उफ न करेंगे, लब सी लेंगे, आंसू पी लेंगे’ पर कोई तमाशा चल रहा था. वे मेरे और मोरनी के रिश्‍तों पर बात कर रहे थे. लाखों लोग यू-ट्यूब पर ‘पिकॉक मेटिंग वीडियो’ टाइप कर रहे थे, मोरनी के साथ मुझे सेक्‍स करते देखने के लिए बावले हुए जा रहे थे. मुझे समझ में नहीं आया कि अचानक ये हुआ क्‍या है. वे गूगल पर मेरे और मोरनी के नाम के साथ बार-बार सेक्‍स वर्ड टाइप कर रहे थे. हमारी प्राइवेट लाइफ और मॉमेंट्स की तस्‍वीरें लीक हो रही थीं, वीडियो वायरल हो रहा था, लोग एक-दूसरे को व्‍हॉट्स एप कर रहे थे, मुझ पर मीम बनाए जा रहे थे.

आपके कारण राष्ट्रीय पक्षी का रायता फैल चुका था.

कल रात तक जिंदगी में सब सुख-शांति थी. अगले दिन हम गूगल, फेसबुक, व्‍हॉट्स एप पर ट्रेंड होने लगे थे. मुझे ऐसा लगा, जैसे पूरा देश मेरे बेडरूम में घुस आया है. मेरी रिलेशनशिप तबाह होने की कगार पर थी.
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शर्मा साहब, शर्म क्या होती है, उस दिन मालूम पड़ा. इसकी वजह आप थे. आप जज की जगह कोई बाबू या हवलदार होते तो लोग आपकी बात को मज़ाक में उड़ा देते. पर आपने जो कहा, वह न अब तक के विज्ञान में दर्ज था, न ही कहीं देखा-सुना गया था. आपने कहा था, “हमने मोर को राष्ट्रीय पक्षी इसलिए घोषित किया है क्योंकि वह आजीवन ब्रह्मचारी रहता है. उसके जो आंसू निकलते हैं, मोरनी उसे चुगकर गर्भवती होती है. मोर कभी भी मोरनी के साथ सेक्स नहीं करता.”

जब एक जज इस तरह की बात कहता है तो उसका वज़न, मायने, छाया सब भारी और असरदार होते हैं. आप तब अपने रिटायरमेंट के करीब थे और अभी तक के इतने लम्बे करियर में आपको कभी भी इतनी बड़ी हेडलाइन नहीं मिली थी. ज्यादातर ईमानदार जजों की तरह आपको रिटायरमेंट के बाद किसी बड़े बेनिफिट की उम्मीद नहीं रही होगी, ऐसा मुझे तब लग रहा था.

आखिर 21वीं सदी के ब्रह्मचर्य को आपसे बड़ा ब्रैंड ऐम्बेसडर कैसे मिल सकता था, भले ही आपने अपनी तोप या तमंचा मोर के नाम पर चलाया था. पता नहीं आपके महान कथन के बाद कितने लोगों ने ब्रह्मचारी होने की लंगोट कसके बांध ली पर मोर की सेक्स लाइफ में दुनिया का कौतुहल जरूर कई गुना बढ़ गया.
हमारी सेक्स लाइफ आपके कारण शर्मा जी, हमेशा के लिए बदल गई. वैसे कहां से लेकर आये ये गुप्तज्ञान आप. किसी किताब में पढ़ा या इलहाम हुआ या फिर किसी तोता-मैना के किस्से में.

खुद अपने आंखों से देखा. कैसे सोचा. यानी ये विचार आये तो कहां से आये. ये कैसा रहस्यवाद है जज साहब, कौन सी लाल किताब, गरुड़ पुराण के किस पन्ने पर.

क्या आप नेशनल ज्योग्राफिक या डिस्कवरी के रिसर्चर या कैमरापरसन हैं, जो अपनी ज़िंदगी इस पर लगा देते हैं. डारविन को जानते हैं आप.. पढ़ा है उनके बारे में.. डारविन का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता आपकी जजमेंटल बातों से.

आप जानते हैं आंसू क्या होते हैं. नमकीन होने के अलावा उनका कैमिकल कम्पोजिशन क्या होता है. अगर आंसू से ही हमारी सृष्टि चलती होती तो मोरनी बजाय मेरे संगीत और नृत्य और सावन के पहले के उन ख़ूबसूरत पलों में मुझ पर मोहित होने की बजाय, मुझे पीट-पीट कर अधमरा करती. जितने आंसू बहते, उतने अंडे देती रहती.

आप थोड़े से भी रोमांटिक होते, रीतिकाल का पद्य अगर आपने पढ़ा होता, बॉलीवुड की फिल्में और गाने आपने देखे होते, पहले सावन में अगर आप भीगे होते, रास और लीला को अगर आपने अपनी परम्परा और संस्कृति का हिस्सा माना होता, झूठ पर यकीन करने की बजाय, सवाल करने का कौतुक रखते, तर्क और तथ्य की कसौटी पर कसते और विज्ञान की तरफ जिज्ञासा से देखते, तब भी शर्मा जी क्या आप इसी तरह की बात कहते.

हम तो पहले से ही एनडेंजर्ड पक्षी थे. आपकी मेहरबानी से हमारा विलुप्त होना थोड़ा और मुमकिन हो गया है.

आपको क्या फर्क पड़ा. घर-परिवार-गली-मुहल्ले में. क्या आप लोगों की आंखों में और सम्मान पढ़ने लगे. क्या आपको नींद बेहतर आने लगी.

क्या अपने सांस्कारिक सपनों में आपको मोर ही दीखते रहे तदुपरांत.

आज के इस पुनीत अवसर पर मैं आपको वे दस यू-ट्यूब लिंक्स भेज रहा हूं, जिनके वायरल होने का कारण हमारी प्रजाति के बीच के सामान्य यौन सम्बन्ध नहीं हैं, बल्कि आपका असामान्य ज्ञान है.

मैं उन तमाम पक्षकारों को भी अपनी शुभकामनाएं देना चाहता हूं, जिनकी जिंदगियां आपके फैसलों के कारण हमेशा के लिए बदल गईं.

दुआ रहेगी कि आपके साथ कभी ऐसा कुछ न हो, जो आपके कारण हमारी जिंदगियों के साथ हुआ.

अपना खयाल रखियेगा.

आपका
राष्ट्रीय पक्षी मोर

ये रहे 10 यू्-ट्यूब लिंक










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First published: January 31, 2019, 2:20 PM IST
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