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Anwar Shaoor Shayari: फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था, पढ़ें अनवर शऊर की शायरी

Shayari: 'पढ़ें अनवर शऊर की शायरी
Shayari: 'पढ़ें अनवर शऊर की शायरी

Anwar Shaoor Shayari: हवस बला की मोहब्बत हमें बला की है, कभी बुतों की ख़ुशामद कभी ख़ुदा की है...

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 15, 2021, 4:23 PM IST
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अनवर शऊर की शायरी (Anwar Shaoor Shayari): अनवर शऊर उर्दू के मशहूर शायर हैं. अनवर शऊर ने कई ग़ज़लें, हास्य, शेर और चंद किताबें भी लिखी हैं. अनवर शऊर की गिनती पाकिस्तान के नामचीन शायरों में होती है. अनवर शऊर इसके अलावा अख़बार में रोज़ाना सामयिक विषयों पर 'क़िता' का भी लेखन करते हैं. अनवर शऊर ने खुशकिस्मती और दुनिया में इंसान अपना वजूद कैसे बनाता है इसपर बेहद खूबसूरत शायरी लिखी है- 'इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह, ख़ुद बनाता है जहाँ में आदमी अपनी जगह'. आज हम आपके लिए कविताकोश के साभार से अनवर शऊर की शायरी लेकर आए हैं...

1. फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था

वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था



किया करते थे बातें ज़िंदगी-भर साथ देने की
मगर ये हौसला हम में जुदा होने से पहले था

हक़ीक़त से ख़याल अच्छा है बेदारी से ख़्वाब अच्छा

तसव्वुर में वो कैसा सामना होने से पहले था

अगर मादूम को मौजूद कहने में तअम्मुल है

तो जो कुछ भी यहाँ है आज क्या होने से पहले था

किसी बिछड़े हुए का लौट आना ग़ैर-मुमकिन है

मुझे भी ये गुमाँ इक तजरबा होने से पहले था

'शुऊर' इस से हमें क्या इंतिहा के बा'द क्या होगा

बहुत होगा तो वो जो इब्तिदा होने से पहले था .

2. हवस बला की मोहब्बत हमें बला की है

कभी बुतों की ख़ुशामद कभी ख़ुदा की है

किसी को चाहने वाले यही तो करते हैं

बड़ा कमाल किया है अगर वफ़ा की है

गुज़र बसर है हमारी फ़क़त क़नाअ'त पर

नसीब ने यही दौलत हमें अता की है

तमाम रात पड़ी थी गुज़ारने के लिए

चुनाँचे ख़त्म सुराही ज़रा ज़रा की है

शराब से कोई रग़बत नहीं है मुहतसिबो

हकीम ने हमें तज्वीज़ ये दवा की है

ज़रा सी देर को आए थे शैख़ इधर लेकिन

यहीं जनाब ने मग़रिब यहीं इशा की है

तुम्हारा चेहरा-ए-पुर-नूर देखता हूँ तो

यक़ीन ही नहीं आता कि जिस्म ख़ाकी है

मुझे अज़ीज़ न हो क्यूँ रिजाइयत अपनी

ये ग़म-शरीक मिरे दौर-ए-इब्तिला की है

'शुऊर' ख़ुद को ज़हीन आदमी समझते हैं

ये सादगी है तो वल्लाह इंतिहा की है .
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