होम /न्यूज /जीवन शैली /दुनियाभर में सेब की हैं 7500 से ज्यादा किस्में, इस फल का बड़ा रोचक है इतिहास

दुनियाभर में सेब की हैं 7500 से ज्यादा किस्में, इस फल का बड़ा रोचक है इतिहास

गुणों से भरपूर है सेबफल. Image/Canva

गुणों से भरपूर है सेबफल. Image/Canva

सेबफल खाने में जितना स्वादिष्ट लगता है, सेहत के लिहाज से भी उतना ही गुणकारी होता है. कहा जाता है कि इंसान की उत्पत्ति क ...अधिक पढ़ें

  • News18Hindi
  • Last Updated :

हाइलाइट्स

सेब ऐसा फल है, जिसमें 25 प्रतिशत हवा मौजूद होती है.
सेब हजारों वर्षों से एशिया और यूरोप में उगाया जा रहा है.
शुगर, गठिया और मोतियाबिंद का जोखिम कम करता है सेब.

मीठे, रसदार और फाइबर से भरपूर सेब (Apple) को लेकर अंग्रेजी की एक कहावत मशहूर है कि An Apple A Day Keeps The Doctor Away. यानी एक सेब रोज खाओ, डॉक्टर को दूर भगाओ. इस उक्ति में कोई अतिशयोक्ति नहीं है. सेब को खाने से वाकई कई बीमारियों का जोखिम कम हो जाता है. क्योंकि यह पाचक तो है ही, वजन भी कम देता है. दिल के लिए भी गुणकारी है. इसलिए इसको खाकर स्वस्थ रहा जा सकता है. माना जाता है कि जब से मनुष्य इस धरती पर आया, सेब का अस्तित्व भी उसके साथ रहा. जंगलों में पैदा हुआ सेब अब मनुष्य के लिए हितकारी फल बन गया है.

पूरी दुनिया पर असर डाला है इस चमत्कारी फल ने!

पोषक तत्व और अन्य मसलों पर सेब गजब है. यह ऐसा फल है जिसमें 25 प्रतिशत हवा होती है, इसलिए अधिकतर सेब तैरते रहते हैं. सेब एथिलीन गैस छोड़ता है, जिससे यह अपने-आप पक जाता है, साथ में रखे अन्य फलों को भी पका देगा. ऐसी विशेषता किसी फल में नहीं है. हिंदू धर्म या पुराणों में सेब को लेकर कोई विशेष व्याख्या नहीं है. लेकिन इसकी विशेषता और नाम ने पूरे विश्व पर असर डाला है. कहते हैं कि आदम-हव्वा ने भले और बुरे के ज्ञान का जो फल खाया वह सेब ही था. वैसे उन्होंने सेब खाया या अंजीर? इस पर आज भी बहस जारी है. प्राचीन यूनानी शास्त्रों ने सेब को सुंदरता और प्रेम के प्रतीक के रूप में दर्शाया है. वहां की प्रेम और सौंदर्य की देवी एफ्रोडाइट ने सेब को पवित्र माना है.

apple

कहते हैं मनुष्य की उत्पत्ति के साथ ही सेबफल का अस्तित्व मौजूद रहा है. (Image/Canva)

दूसरी ओर गुरुत्वाकर्षण नियम की खोज सर आइजैक न्यूटन ने तभी की, जब उनके सिर पर सेब टपका था. स्टीव जॉब्स को आज सारी दुनिया इसलिए जानती है, क्योंकि उनके Apple गैजेट्स ने पूरी दुनिया बदल दी. कहा जाता है कि सत्तर के दशक में स्टीव भारत में अपने जिस गुरु से मिलने आए थे, उनका पसंदीदा फल सेब (Apple) ही था, जिससे प्रभावित होकर स्टीव अपने प्रॉडक्ट का नाम व लोगो Apple बनाया.

इसे भी पढ़ें: डाइजेशन को सुधारने के साथ बीपी को भी कंट्रोल रखता है लोबिया

पाषाण युग से ही अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है

सेब के इतिहास को किसी काल में नहीं बांधा जा सकता. खोजबीन बताती है कि यह फल मनुष्य के साथ ही पृथ्वी पर आया. पाषाण व लौह युग (करीब 10,000 से 8,500 ईसा पूर्व) में इसका वर्णन है, तब यह जंगली फल था. वनस्पति शास्त्री कहते हैं कि सेब सबसे पहले मध्य एशियाई देश कजाकिस्तान में पैदा हुआ. वहीं से यह बाकी दुनिया में पहुंचा. लेकिन इस बात में भी दम है कि यह फल हजारों वर्षों से एशिया और यूरोप में उगाया जा रहा है. भारत-अमेरिकी वनस्पति विज्ञानी सुषमा नैथानी ने सेब के चार उत्पत्ति स्थल माने हैं. इनमें फर्टाइल क्रिसेंट (इजराइल, जोर्डन, सीरिया, इराक आदि देश), मिडिल ईस्ट सेंटर (ईरान, तुर्कमेनिस्तान), सेंट्रल एशियाटिक सेंटर (कजाकिस्तान, उजबेकिस्तान, भारत) व चीन व दक्षिण पूर्वी एशिया (चीन, थाइलेंड, विएतनाम, कोरिया) शामिल हैं.

एक थ्योरी यह भी कहती है कि स्विट्जरलैंड की एक झील में प्रागैतिहासिक सेब के कार्बोनेटेड अवशेष पाए हैं, तो दूसरी का दावा है कि जंगली सेब का मूल स्थान कैस्पियन सागर और काला सागर के बीच काकेशस नामक पहाड़ों की एक श्रृंखला में है. वैसे यह स्पष्ट है कि सेब का प्रसार सिल्क रूट से हुआ था जो मध्य एशियाई देशों से निकलकर चीन, भारत भी आता था.

इसे भी पढ़ें: शुगर कंट्रोल करने में ‘रामबाण’ है मेथी दाना, औषधीय गुणों से भरपूर इस मसाले का जानें रोचक इतिहास

पूरी दुनिया में सेब की 7500 किस्में मौजूद हैं

भारत के प्राचीन ग्रंथ ‘चरकसंहिता’ में सिंचितिका (सेब) का संक्षिप्त वर्णन है. इसके ‘फलवर्ग:’ में सेब को कषाय-मधुर, शीतल और खाने योग्य माना गया है. आज पूरी दुनिया में सेब उगाया और खाया जा रहा है और इसकी लगभग 7500 किस्में मौजूद हैं. आधुनिक विज्ञान के अनुसार बिना छिले मध्यम आकार के सेब में 86% पानी, कैलोरी: 52, प्रोटीन 0.3 ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 13.8 ग्राम, चीनी 10.4 ग्राम, फाइबर 2.4 ग्राम, वसा: 0.2 ग्राम होती है. यह फल विटामिन सी, पोटेशियम, तांबा, मैंगनीज और ट्रिप्टोफैन (भूख, नींद और दर्द को कंट्रोल करने वाला तत्व) का एक अच्छा स्रोत हैं. इसलिए यह शरीर में कई बीमारियों का जोखिम कम कर देता है. यह कोलेस्ट्रॉल से लड़ता है और दिल के रोगों के जोखिम को कम करता है.

apple

सेब के गुण शुगर, गठिया और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के जोखिम को भी कम कर देते हैं. (Image/Canva)

जवान बने रहना है, तो सेब खाओ

जानी-मानी डायटिशियन अनिता लांबा के अनुसार चूंकि सेब में कैलोरी, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट ठीक-ठाक है, इसलिए पेट भरा-भरा लगता है. ऐसा होने से वजन कंट्रोल में रहेगा. इसमें पाए जाने वाला पेक्टिन यानी घुलनशील फाइबर पाचन सिस्टम को मजबूत रखता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कंट्रोल में रखता है. इसमें पाए जाने वाले तत्व एंटीऑक्सिडेंट भी होते हैं, जो फ्री रेडिकल डैमेज से लड़ने में मदद करते हैं. सेब के गुण शुगर, गठिया और मोतियाबिंद जैसी बीमारियों के जोखिम को भी कम कर देते हैं. यह त्वचा को भी निखारता है. यानी इसमें पाए जाने वाले अधिकतर तत्व शरीर को लंबे समय तक जवान बनाए रखने में सहायक हैं. सेब अगर ज्यादा खा लिया तो यह गैस पैदा कर सकता है. जिन लोगों को एलर्जी की समस्या है, उन्हें सेब खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.

Tags: Food, Lifestyle