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कोरोना से लड़ने के लिए जरूरी है सकारात्मक सोच, जानें कैसे रखें ख्याल

कोरोना से लड़ने के लिए जरूरी है सकारात्मक सोच, जानें कैसे रखें ख्याल

कोरोना वायरस से जुड़े इन भ्रमों की जानें सच्चाई

कोरोना वायरस से जुड़े इन भ्रमों की जानें सच्चाई

"कोरोना वायरस (Corona Virus) से निपटने के लिए लगातार तमाम तरह की चीजें सामने आ रही हैं, लेकिन इससे निपटने में क्या-क्या चीजें मददगार हो सकती है, हम इसकी जानकारी लगातार सामने ला रहे हैं."

    दुनिया कोरोना वायरस से परेशान है. हर बीतते वक्त से साथ कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है. फिलहाल, दुनिया में जहां कोरोना से पीड़ लोगों की संख्या करीब साढ़े 7 लाख हो चुकी है, वहीं भारत में करीब 1100 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. ऐसे में एक चीज जो सामने आ रही हैं वो है आपका बेहतर इम्यून सिस्टम. डॉक्टर से लेकर दुनिया के बड़े वैज्ञानिक तक इस बात को दोहरा रहे हैं कि आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है तो आप इस वायरस का मजबूती से सामना कर सकते हैं.

    इम्यून सिस्टम को बेहतर करने के लिए डॉक्टर हमेशा व्यायाम करने और बेहतर खान-पान पर जोर देते हैं. लेकिन जैसे-जैसे कोरोना फैल रहा है, लोग घरों में कैद होते जा रहे हैं. भारत में लॉकडाउन लागू हो चुका है. लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं. लेकिन इसके साथ ही उनके दिमाग पर अकेलापन, आर्थिक उथल-पुथल हावी है. घर से दूर रहकर लगातार नकारात्मक विचारों में घिरे रहने से आपके इम्यून सिस्टम पर भी घातक प्रभाव हो रहा है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि क्या घर पर रहकर मंत्रों का जाप करने और मेडिटेशन करने से कोरोना को हराया जा सकता है. इस बारे में  ज्योतिषाचार्य प्रवीन चौहान कहते हैं कि हां, ये मुमकिन है कि मेडिटेशन और मंत्रों का जाप करके इस वक्त मानसिक तौर पर मजबूत रहा जा सकता है, जो किसी भी बीमारी से लड़ने के लिए जरूरी है.

    आचार्य प्रवीन कहते हैं कि इस बात का प्रमाण शास्त्रों में है कि मेडिटेशन से बहुत सी बीमारियों को दूर भगाया जा सकता है. वह बताते हैं कि दरअसल, मेडिटेशन आपके इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत करता है. इससे आपकी शारीरिक कार्यप्रणाली बेहतर होती है और यही मजबूत प्रतिरक्षा तंत्र आपको वायरस से लड़ने में मददगार साबित होता है. आपका इम्यून सिस्टम न सिर्फ बीमारियों से लड़ने में सहायक होता है बल्कि इसका असर आपके विचारों और मूड पर भी पड़ता है. ऐसे में जब आप मेडिटेशन के साथ मंत्रों का जाप करते हैं तो इसके वाइब्रेशन से आप बेहतर महसूस करते हैं.

    ज्योतिषाचार्य प्रवीन चौहान बताते हैं कि सदियों से मंत्र और जप कई धार्मिक अनुष्ठानों का हिस्सा हैं. दुनिया की विभिन्न आध्यात्मिक परंरपाओं में मंत्रों को सांसरिक विकास का मार्ग माना गया है. दूसरी ओर ध्यान (मेडिटेशन) आपके शरीर को आराम देता है और शारीरिक प्रक्रिया को मजबूत करता है. वह कहते हैं कि मंत्र, नाद विज्ञान पर आधारित हैं. मंत्र की ध्वनियां और कंपन मन को शांत और केंद्रित करते हैं. उससे आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है और ये कंपन प्रतिरक्षा प्रणाली में सकारात्मक बदलाव लाते हैं और इसे मजबूत करते हैं.

    Tags: Corona, Corona Virus, Coronavirus in India, Lockdown

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