घर बैठे कैसे जानें कि सैनिटाइजर नकली या मिलावटी, ये है आसान तरीका

बाजार में कई तरह के सैनिटाइजर मिल रहे हैं, जिनमें कुछ दावा करते हैं कि वह 99.9 प्रतिशत तक वायरस मार सकते हैं.
बाजार में कई तरह के सैनिटाइजर मिल रहे हैं, जिनमें कुछ दावा करते हैं कि वह 99.9 प्रतिशत तक वायरस मार सकते हैं.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के फैलने के बाद से हर दिन सैनिटाइजर (Sanitizers) की मांग बढ़ती जा रही है. कुछ कंपनियों ने इन स्थितियों का फायदा उठाना शुरू कर दिया है. सैनिटाइजर के नाम पर कई गड़बड़ और मिलावटी उत्पाद मार्केट में बेचे जा रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 25, 2020, 11:21 AM IST
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कोरोना (Corona) महामारी ने आज भी दुनियाभर में अपना कहर जारी रखा है. ऐसे में सही वैक्सीन की खोज न होने तक सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing), मास्क (Mask) पहनना, हाथों को बार-बार सैनिटाइज (Sanitize) करना और इम्यूनिटी सिस्टम (Immunity System) को स्ट्रॉन्ग बनाना बहुत ही जरूरी है. कोरोना महामारी की वजह से सैनिटाइजर्स (Sanitizers) हमारी जिंदगी का एक अहम हिस्सा बन गए हैं. सैनिटाइजर को हम कोरोना वायरस (Coronavirus) से लड़ने के लिए ढाल के तौर पर इस्तेमाल करते हैं. कोरोना काल से पहले जब हम काम पर जाते थे या सफर कर रहे होते थे तब हम सैनिटाइजर का इस्तेमाल करते थे. कोरोना वायरस के फैलने के बाद से हर दिन सैनिटाइजर की मांग बढ़ती जा रही है. कुछ कंपनियों ने इन स्थितियों का फायदा उठाना शुरू कर दिया है. सैनिटाइजर के नाम पर कई गड़बड़ और मिलावटी उत्पाद मार्केट में बेचे जा रहे हैं.

बीबीसी हिंदी की खबर के अनुसार बाजार में कई तरह के सैनिटाइजर मिल रहे हैं, जिनमें कुछ दावा करते हैं कि वह 99.9 प्रतिशत तक वायरस मार सकते हैं. वहीं कुछ कहते हैं कि उनका सैनिटाइजर खुशबू वाला है. वहीं कई कंपनियों का कहना है कि उनका सैनिटाइजर अल्कोहल बेस्ड है. कोरोना वायरस से बचने के लिए हम सभी अल्कोहल बेस्ड सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन क्या आपने सोचा है कि आप सही सैनिटाइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं यानहीं. क्या सैनिटाइजर का कोई साइड-इफ़ेक्ट भी होता है? क्या सैनिटाइजर आपकी त्वचा को सूट करते हैं? दरअसल इस समय बाजार में कई घटिया और मिलावटी सैनिटाइजर मिल रहे हैं. ऐसे में ये सभी सवाल लाजमी हैं.

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आधे से ज्यादा सैनिटाइजर हैं मिलावटी
ग्राहकों के अधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था कंज्यूमर गाइडेंस सोसाइटी ऑफ इंडिया की ओर से किए गए एक अध्ययन के मुताबिक, अध्ययन के लिए चुने गए सैनिटाइजरों में से आधे से ज्यादा मिलावटी थे. ये सैंपल मुंबई, ठाणे और नवी मुंबई से लिए गए थे.

कंज्यूमर गाइडेंस सोसाइटी ऑफ इंडिया का अध्ययन क्या कहता है-
जांच के लिए सैनिटाइजर के 122 सैंपल चुने गए थे.
45 सैंपल मिलावटी पाए गए.
5 सैंपल में मेथनॉल था जो इंसानों के लिए नुकसानदायक है.
59 सैंपलों में उन पर लिखे लेबल के मुताबिक ही कंपोजिशन मौजूद थी.

कंज्यूमर गाइडेंस सोसाइटी ऑफ इंडिया के मानद सचिव डॉ एम.एस. कामथ ने इस बारे में बताया कि बाजार से लाए गए 120 सैंपलों पर गैस क्रोमैटोग्राफी टेस्ट किया गया, जिनमें से 45 सैंपल मिलावटी मिले हैं. इसका मतलब ये हुआ कि उनके लेबल पर जो विवरण लिखा होता है वो इससे मेल नहीं खाते. डॉ कामथ ने कहा- सबसे खतरनाक बात ये है कि पांच सैंपल सैनिटाइजर में मिथाइल था. मिथाइल अल्कोहल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध है, इसके बावजूद इसका खुलेआम इस्तेमाल होता है. मिथाइल अल्कोहल का इस्तेमाल करके सैनिटाइजर बनाए जा रहे हैं जो लोगों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं.

मिथाइल अल्कोहल क्या है?
अमरीका स्थित सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (सीडीसी) के मुताबिक मिथाइल अल्कोहल एक जहरीला पदार्थ है. इससे त्वचा, आंखों और फेफड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. मिथाइल अल्कोहल के संपर्क में आने वाले लोगों को ये नुकसान पहुंचा सकता है. इसका उपयोग प्लास्टिक, पॉलिएस्टर और सॉल्वैंट्स के उत्पादन में किया जाता है.

कौन सा सैनिटाइजर खरीदना चाहिए
मुंबई के एक त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ बिंदू स्टालेकर कहते हैं- लोगों को सैनिटाइजर खरीदते वक्त जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए. सैनिटाइजर में इथाइल अल्कोहल की मात्रा 70 प्रतिशत से ज्यादा हो तो अच्छा है. कई बार अल्कोहल हाथों को ड्राई बना सकता है. इसलिए ग्लिसरीन वाला सैनिटाइजर ठीक रहता है. साथ ही जिन्हें अक्सर एलर्जी हो जाती है, उन्हें खुशबू वाले सैनिटाइजर का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

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घर पर कैसे पता करें कि कौन सा सैनिटाइजर अच्छा है और कौन सा खराब

डॉ. कपूर कहती हैं- आप पता कर सकते हैं कि सैनिटाइजर इस्तेमाल के लिए ठीक है या नहीं. इसके लिए आपको एक चम्मच में गेंहू का आटा लेना होगा. अगर आटा चिपचिपा हो जाता है तो सैनिटाइजर अच्छा नहीं है और अगर आटा सूखा रहता है तो सैनिटाइजर इस्तेमाल के लिए ठीक है.

क्या सावधानी बरतनी चाहिए
-नॉन अल्कोहलिक उत्पाद कोविड-19 के खिलाफ उपयोगी नहीं है
-सैनिटाइजर बच्चों से दूर रखें
-इंजेक्शन से जहरीला प्रभाव हो सकता है
-सैनिटाइजर खरीदते वक्त कंपनी का नाम और एक्सपायरी डेट जरूर देखें
-सैनिटाइजर खरीदने से पहले लोगों को उसपर छपे निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए
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