बारिश के मौसम में इस तरह फल खाना हो सकता है जानलेवा!

चिकित्सकों की सलाह है कि फल धोकर ही खाना चाहिए. साथ ही इस महीने में पानी को उबालकर पीना चाहिए, क्योंकि घातक बीमारियां पानी उबालकर ना पीने से होती हैं.

Alauddin Ayub | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 8:44 PM IST
बारिश के मौसम में इस तरह फल खाना हो सकता है जानलेवा!
बारिश में बीमारी से बचना है तो कटे हुए फल और बासी खाने से बचें.
Alauddin Ayub | News18 Uttar Pradesh
Updated: July 9, 2019, 8:44 PM IST
बरसात के महीने की शुरुआत के साथ मौसमी बीमारियां भी दस्तक देती हैं. सच कहा जाए तो इस दौरान बैक्टीरिया और वायरस ज्यादा प्रभावशाली हो जाते हैं. अक्सर लोगों को देखा गया है कि कटे हुए फलों का इस्तेमाल भी करते हैं और सड़क के किनारे बिकने वाले कटे फल न सिर्फ दूषित होते हैं बल्कि मक्खियों, धूल, गर्दे और साफ सफाई ना होने की वजह से डायरिया, दस्त और पीलिया का कारक बनते हैं. यकीनन बरसात में कटे फलों का इस्तेमाल किसी खतरे से कम नहीं है.

कटे हुए फल बीमारी को देते हैं आमंत्रण


लोहिया संस्थान के निदेशक डॉक्‍टर एके त्रिपाठी की मानें तो बरसात में बैक्टीरिया और वायरस बहुत तेजी से काम करना शुरू कर देते हैं. इस महीने में वायरस से बचना बहुत जरूरी है.

उन्‍होंने कहा, ' जो लोग कटे हुए फलों का इस्तेमाल करते हैं वह बीमारियों को खुद दावत देते हैं.

करें ये खास काम
चिकित्सकों की सलाह है कि फल धोकर ही खाना चाहिए. साथ ही इस महीने में पानी को उबालकर पीना चाहिए, क्योंकि घातक बीमारियां पानी उबालकर ना पीने से होती हैं. इस महीने में बासी भोजन करने से भी बचने की जरूरत है. इस महीने ही डेंगू और मलेरिया भी तेजी से पांव पसारते हैं.
सिविल हॉस्पिटल लखनऊ के CMS डॉ. आशुतोष दूबे मानते हैं कि कटे हुए फल बीमारी का फल होते हैं. उल्टी, दस्त, फंगल इन्फेक्शन भी फलों से होना कोई बड़ी बात नहीं है. जबकि गैस्ट्रो की कई बीमारियां भी कटे हुए फल से हो जाती हैं. खासतौर से लोगों में दस्त और पीलिया कई बार कटे फलों के इस्तेमाल से होती है.
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फल को बेहतर तंदुरुस्ती के लिए इस्तेमाल करने वाले लोगों को कटे फल तकलीफ दे जाते हैं. अगर किसी को फलों का इस्तेमाल करना ही है तो उसको तरीके से पहले भिगोकर साफ सफाई के साथ काट कर ही इस्तेमाल करना चाहिए. वैसे भी सड़क के किनारे बिकने वाले कटे फलों का इस्तेमाल सेहत के लिए हमेशा नुकसानदायक साबित होता रहा है.

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