मां के दूध से बच्चे का दिमाग होता है तेज, आंखों को मिलता है ये खास फायदा

मां के दूध से बच्चे का दिमाग होता है तेज, आंखों को मिलता है ये खास फायदा
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने 50 माताओं और उनके बच्चों पर शोध किया.

बच्चों के दिमागी विकास पर अध्ययन करने वाले शोधकर्ता लार्स बोड ने कहा, मां के दूध के कई नमूनों में हमने ओलिगोसैकाराइड2 एफएल की मात्रा की पहचान की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2020, 6:12 PM IST
  • Share this:
मां का दूध बच्चों के लिए अमृत समान होता है. ये न सिर्फ बच्चे के दिमाग के विकास में सहायक होता है, बल्कि इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट ओलिगोसैकाराइड 2 एफएल संज्ञानात्मक (ज्ञान संबंधी) विकास में भी मदद करता है. एक हालिया शोध में यह खुलासा हुआ है.

अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया ने 50 माताओं और उनके बच्चों पर शोध किया. शोधकर्ताओं ने मां के दूध में मौजूद तत्वों और एक से छह महीने के बच्चों को दूध पिलाने का विश्लेषण किया. जब इन बच्चों की उम्र 24 महीने हो गई तो बेले-3 स्केल की मदद से बच्चों के संज्ञानात्मक विकास को मापा गया. यह एक ऐसा परीक्षण है जिससे बच्चे के दिमागी विकास के बारे में पता लगाया जाता है.

दूध के नमूनों की गई पहचान
बच्चों के दिमागी विकास पर अध्ययन करने वाले शोधकर्ता लार्स बोड ने कहा, मां के दूध के कई नमूनों में हमने ओलिगोसैकाराइड2 एफएल की मात्रा की पहचान की. यह तकनीक हमें दूध में मौजूद तत्वों में अंतर करने की क्षमता देती है. इससे बच्चे के संज्ञानात्मक विकास के बारे में कई जानकारियां मिलती हैं.



 



मां के दूध में पहले के एक महीने में ओलिगोसैकाराइड2 एफएल मौजूद होता है.
मां के दूध में पहले के एक महीने में ओलिगोसैकाराइड2 एफएल मौजूद होता है.


शारीरिक और मानसिक दोनों विकास के लिए जरूरी
पत्रिका प्लोस वन में प्रकाशित शोध में दर्शाया गया है कि मां के दूध में पहले के एक महीने में मौजूद ओलिगोसैकाराइड2 एफएल की मात्रा का संबंध दो साल के उम्र के बच्चों के संज्ञानात्मक विकास से था. इससे पता चलता है कि जन्म के बाद शुरुआती महीने में मां के दूध का सेवन करने से बच्चों का संज्ञानात्मक विकास अच्छा होता है. शुरुआती दो साल में बेहतर संज्ञानात्मक विकास होने से बच्चों के जीवन पर लंबा प्रभाव पड़ता है. वे स्कूल और विभिन्न कार्यों में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.

 

इसे भी पढ़ें : चेहरे को खूबसूरत और बेदाग बनाएंगी नीम की पत्तियां, यहां जानिए दादी-नानी का खास नुस्खा

 

स्तनतान से बच्चे और मां दोनों में कैंसर का खतरा कम होता है.
स्तनतान से बच्चे और मां दोनों में कैंसर का खतरा कम होता है.


बच्चे को स्तनपान से होने वाले फायदे

- स्तनपान से बच्चो को ही नहीं बल्कि माताओं को भी बहुत सारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता मिलती है. स्तनतान से बच्चे और मां दोनों में कैंसर का खतरा कम होता है.

- स्तनपान से बच्चे की आंखों की रोशनी तेज होती है. लंदन में 2007 के अध्ययन बाल स्वास्थ्य संस्थान के शोधकर्ताओं के अनुसार, जिन शिशुओं को रेगुलर बेसिस पर स्तनपान कराया जाता है, उनकी आंखों की रोशनी तेज होती है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading