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बहुला गणेश चतुर्दशी: इस दिन गाय की पूजा का होता है विशेष महत्व

बहुला गणेश चतुर्दशी: इस दिन गाय की पूजा का होता है विशेष महत्व

बहुला चतुर्थी को भगवान श्री कृष्ण ने गौ-पूजा के दिन के रूप में मान्यता प्रदान की है. ऐसे में इस दिन भगवान श्री कृष्‍ण की भी पूजा की जा सकती है

बहुला चतुर्थी को भगवान श्री कृष्ण ने गौ-पूजा के दिन के रूप में मान्यता प्रदान की है. ऐसे में इस दिन भगवान श्री कृष्‍ण की भी पूजा की जा सकती है

बहुला चतुर्थी को भगवान श्री कृष्ण ने गौ-पूजा के दिन के रूप में मान्यता प्रदान की है. ऐसे में इस दिन भगवान श्री कृष्‍ण की भी पूजा की जा सकती है

    हिंदू कैलेंडर के अनुसार भादो महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी यानी 19 अगस्त को बहुला गणेश चतुर्थी मनाया जाता है. इस दिन गाय की पूजा की जाती है. हिंदू धर्म में गाय को मां का दर्जा दिया गया है. आमदिनों में भी गाय की पूजा की जाती है, लेकिन इस दिन विशेष संयोग जुड़ा होता है. इस दिन गौ-पूजन को विशेष महत्व दिया गया है.

    पौराणिक मान्यता के अनुसार इस दिन भक्त मिट्टी से बने भगवान शिव-पार्वती, कार्तिकेय-श्रीगणेश और गाय की प्रतिमा को अपने घर में स्थापित करते हैं. फिर विधि-विधानों के साथ इनकी पूजा की जाती है. ऐसा माना जाता है कि इस तरह के पूजन से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती हैं.

    बहुला चतुर्थी को भगवान श्री कृष्ण ने गौ-पूजा के दिन के रूप में मान्यता प्रदान की है. ऐसे में इस दिन भगवान श्री कृष्‍ण की भी पूजा की जा सकती है. वैसे भी भगवान कृष्ण को गायों से अधिक लगाव था.

    क्यों इस व्रत का नाम पड़ा बहुला गणेश चतुर्थी?

    माना जाता है कि एक बार बहुला नाम की गाय जंगल में चरते-चरते काफी दूर जा पहुंची, जहां एक शेर उसे खाने के लिए बीच में आ जाता है. तब बहुला गाय उससे अपने भूखे बछड़े को दूध पिलाकर वापस आने की अनुमति मांगती है. शेर उसे अनुमति दे भी देता है. तब शेर द्वारा बहुला गाय को छोड़ने पर उसे शेर योनि से मुक्ति मिल जाती है और वह अपने पूर्व रूप अर्थात गंधर्व रूप में प्रकट होता है. इसीलिए इस दिन महिलाओं द्वारा दिनभर उपवास रखकर शिव परिवार की पूजा के साथ बहुला नामक गाय की पूजा भी की जाती है.

    कैसे करें व्रत?

    इस रोज दिनभर व्रत रखकर शाम के समय भगवान श्री कृष्‍ण, शिव परिवार और गाय-बछड़े की पूजा की जाती है . जो यह व्रत रखते हैं, उन्हें अपार धन और सभी तरह के ऐश्वर्य और संतान की चाह रखने वालों को संतान सुख की प्राप्ति होती है.

    Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

    Tags: Ganesh Chaturthi, Lifestyle, Religion

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