भारत का है 'बैंगन भर्ता', स्वाद में चटपट और बनाने में झटपट

दिल्ली से अगर किसी दिशा में निकलिए वहां रास्ते में मौजूद ढाबों में दिल्ली वालों के लिए गरम-गरम बैंगन का भर्ता मौजूद होता है.

दिल्ली से अगर किसी दिशा में निकलिए वहां रास्ते में मौजूद ढाबों में दिल्ली वालों के लिए गरम-गरम बैंगन का भर्ता मौजूद होता है.

बैंगन के भर्ते (Baingan Ka Bharta) का ऑरिजिन भारत ही है. साथ ही एक खास तरह के बैंगन का ही भर्ता बनाया जाता है. लंबे पतले वाले बैंगन की जगह गोल बैंगन से भर्ता बनता है.

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(विवेक कुमार पांडेय)

बैंगन तो वैसे दुनियाभर में खाया जाता है. दुनिया के हर कोने में बैंगन की अपनी एक डिश आपको मिल जाएगी. कहीं इसे उबाल कर मांस के साथ पकाया जाता है तो कहीं भून कर ताजा बने गोश्त के साथ परोसा जाता है. लेकिन, इसकी शाकाहारी वैरायटी की लिस्ट भी काफी लंबी है. इसी में से एक है 'बैंगन का भर्ता' (Baingan Bharta).

ढाबों की शान है
बैंगन हमारे देश में भी अलग-अलग ढंग से खाया और पकाया जाता है. लेकिन, नॉर्थ इंडिया में बैंगन का भर्ता काफी मशहूर है. दिल्ली से अगर किसी दिशा में निकलिए वहां रास्ते में मौजूद ढाबों में दिल्ली वालों के लिए गरम-गरम भर्ता मौजूद होता है. रोटी या खासकर पराठे के साथ भर्ते (Mashed Eggplant) का जबरदस्त कॉम्बिनेशन है.
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बिहार में बनाता है चोखा
बिहार और यूपी के पूर्वांचल में इसे थोड़ा अगल ढंग से बनाते हैं और उसे चोखा कहते हैं. बैंगन का चोखा, लिट्टी या सत्तू की मकुनी (पराठे) के साथ खाया जाता है. भारत के सात ही पाकिस्तान और बांग्लादेश में भी बैंगन का भर्ता खाया जाता है. यह एक तरफ जहां जायके में जबरदस्त लगता है वहीं इसे बनाने में भी ज्यादा मुश्किल नहीं होती.

इतिहास भी जान लें
तो एक बात मैं बताते चलूं कि बैंगन के भर्ते का ऑरिजिन भारत ही है. साथ ही एक खास तरह के बैंगन का ही भर्ता बनाया जाता है. लंबे पतले वाले बैंगन की जगह गोल बैंगन से भर्ता बनता है. इसे बीच से चीर कर कोयले, लकड़ी या कंडे पर तेज आंच के बीच भूना जाता है. इसके बाद इसे टमाटर, अदरक, लहसुन की छौंक के साथ फ्राई कर लेते हैं.

जानें क्या अंतर है चोखा में
बिहार और यूपी के पूर्वांचल में इसे भूनने के बाद इसी में सरसों का कच्चा तेल, नींबू, अदरक और लहसुन डाल कर अच्छे से मसल लेते हैं. साथ ही बैंगन के संग-संग आग पर सेंके गए टमाटर को डाल कर चोखा तैयार कर लेते हैं. इसे फ्राई नहीं किया जाता है. लिट्टी के साथ इसकी सोंधी खुशबू भूख को बहुत ही बढ़ा देती है.

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पॉलिटिक्स का भी कारण रहा है भर्ता
भर्ते को लेकर पॉलिटिक्स भी काफी हो चुकी है. बीटी बैंगन और जेनेटेकली मॉडीफाइड बैंगन फसलों का विरोध भारत ने एक रिकॉर्ड बना कर किया था. यहां एक होटल ने दिल्ली हाट में 342 किलोग्राम भर्ता बनाया था. 6 सितंबर, 2011 को यह दुनिया में सबसे ज्यादा मात्रा में बनने वाली एक डिश बनी थी. यह वर्ल्ड रिकॉर्ड है. साथ ही तत्कालीन प्रधानमंत्री को भी यहां से भर्ता भेजा गया था. इसके साथ एक विरोध का पत्र भी उन्हें पहुंचाया गया था.

तो आप भी लीजिए भर्ते का आनंद. बच्चों के टिफिन से लेकर ऑफिस के लंच तक.... पराठों के साथ यह घर-घर बनने वाली डिश आपके यहां कब बनी थी याद करिए. एक बात और यह शरीर में कई पौष्टिक तत्वों को भी पहुंचाता है.
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