अपना शहर चुनें

States

बच्चों की ऑनलाइन सलामती के लिए कैसे बनें जवाबदेह

बच्चों को शुरुआत से ही अनुशासन में रहना सिखाया जाना चाहिए.
बच्चों को शुरुआत से ही अनुशासन में रहना सिखाया जाना चाहिए.

एक पैरेंट्स (Parents) के नाते हमें आए दिन बच्चों को ऑनलाइन (Online) से होने वाले खतरों के वाकए सुनने को मिलते हैं.फिर चाहे वो साइबर बुलिंग (Cyber Bullying) हो, अनुचित सामग्री हो या फिर उनमें बुरी आदतों का पड़ना हो.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 19, 2021, 10:13 AM IST
  • Share this:
एक पैरेंट्स (Parents) होने के नाते हमें बच्चों की हर ऑनलाइन (Online) गतिविधि की निगरानी की सलाह दी जाती है. ऐसे में सवाल ये उठता है कि जब हमारे "बच्चे" वास्तव में, यंग एडल्ट होते हैं - हम उन्हें आवश्यक सुरक्षा कैसे दे सकते हैं? उनकी निजता पर हमला किए बगैर क्या यह संभव है? तकनीक के मामले में युवा अक्सर पैरेंट्स से मीलों आगे होते हैं.लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे सभी खतरों को समझते हैं और यहीं से पेरेंट्स की जवाबदेही शुरू होती है. ऐसे अनजान खतरों से निपटने का सबसे अच्छा तरीका इस विषय पर जानकारी है. यहां हम आपको जवाबदेही तय करने के ऐसे ही तरीकों के बारे में बताने जा रहे हैं.

आपकी जिम्मेदारी

अपने सोशल ग्रुप से जुड़ने के लिए युवा व्हाट्सएप, स्नैपचैट और इंस्टाग्राम इस्तेमाल करते हैं. पैरेंट्स फेसबुक और ट्विटर अधिक यूज करते है. यदि आप अपने बच्चों की जैसी समान एप्लिकेशन यूज नहीं करते हैं, तो आप वास्तव में यह नहीं समझ पाएंगे कि वे ऑनलाइन क्या करते हैं. आपको यह जांचने में सक्षम होना चाहिए कि ये एप्लिकेशन आपके बच्चे के आयु समूह के लिए सही हैं या नहीं. आपको उन्हें कैसे एक्सेस करना आना चाहिए ताकि आप जान सकें कि आपके बच्चे वहां क्या बातचीत कर रहे हैं.



इसे भी पढ़ेंः कहीं आपका बच्‍चा मोबाइल एडिक्‍टेड तो नहीं, इग्‍नोर न करें, तुरंत अपनाएं ये 7 तरीके
बनें जानकार सोशल नेटवर्क यूजर  

आपकी सोशल नेटवर्क के बारे में जानकारी जितनी अधिक होगी ये आपके बच्चे के लिए उतना अधिक अच्छा होगा. आपके बच्चे वर्चुएल वर्ल्ड में सुरक्षित कैसे रहें इस बारे में बताने के लिए आपके दिए गए वक्त का सम्मान करेंगे.

बुरी आदतें पहचानने की नजर

ऑनलाइन बुरी आदतों का लगना आसान होता है. जैसे-जैसे आपके बच्चे बड़े हो जाते हैं और आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो जाते हैं, उनके जुआ, जबरदस्ती कराई गई शॉपिंग और पोर्न साइटों जैसे अनुचित सामग्री को देखने के खतरों में पड़ने की संभावना बढ़ जाती है. आपको बच्चों में इस तरह की आदतों को आसानी पहचानने की क्षमता को बढ़ाना होगा. उदाहरण के लिए आपकी सुरक्षा सेटिंग्स ऐसी होनी चाहिए कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना ऑनलाइन कैसीनो का उपयोग न कर पाएं. गैंबलिंग साइटों को ब्लॉक करने के लिए सॉफ्टवेयर डाउनलोड करें. अपनी बैंकिंग जानकारी को गुप्त रखें.

निजी जानकारी को निजी रखना

स्कूल में, बच्चों को पासवर्ड, व्यक्तिगत जानकारी और गोपनीयता सेटिंग्स के बारे में बातें सिखाई जाएंगी,लेकिन यह सिर्फ एक सबक है, और इसका मतलब यह नहीं है कि वे वास्तव में वही करते हैं जो उन्हें सिखाया जाता है. यदि बच्चा शेयर्ड डिवाइस यूज कर रहा है. आप को समझना होगा कि युवा लोग अपने सभी ऑनलाइन खातों में नियमित रूप से एक ही पासवर्ड का उपयोग करते हैं. वे अक्सर संवेदनशील जानकारी जैसे बैंक विवरण और अपनी आईडी की प्रतियां ऑनलाइन साझा करते हैं, इससे वे खुद को धोखाधड़ी  के खतरे में डाल रहे होते हैं.

अपने बच्चे के लिए एक पासवर्ड मैनेजर ऐप सेट करें, और सुनिश्चित करें कि परिवार में हर कोई इसी का इस्तेमाल करें. .अपने परिवार के फ़ोन, होम कंप्यूटर और गेम कंसोल, प्लस सर्च इंजन और ब्राउज़र के लिए सभी आवश्यक पेरेंटल कंट्रोल पढ़ें. आप विशिष्ट कार्यों, साइटों या सामग्री को ब्लॉक कर सकते हैं. आप अपने बैंकिंग और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारी भी सेट कर सकते  हैं.(Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज