किताबें पढ़ने की आदत रखेगी स्‍ट्रेस फ्री, आएगी अच्‍छी नींद

किताबें पढ़ने का शौक रखेगा आपकी सेहत का ख्‍याल. Image/shutterstock

किताबें पढ़ने का शौक रखेगा आपकी सेहत का ख्‍याल. Image/shutterstock

किताब पढ़ना (Book Reading) व्‍यक्ति के लिए किसी दवा (Medicine) से कम नहीं है. इसलिए हर व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ देर किताब जरूर पढ़नी चाहिए. पढ़ने की आदत से शब्‍द-भंडार (Vocabulary) बढ़ता है और जानकारी में इजाफा होता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 5:05 PM IST
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किताबें पढ़ने का शौक इंसान को खुशी और आनंद तो देता ही है साथ ही किताबें पढ़ने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) दोनों को लाभ होता है. किताबों के जरिये हम देश दुनिया की सैर तो करते ही हैं, साथ ही अपने इतिहास, समाज को भी करीब से जानने का मौका मिलता है. दरअसल, किताबें (Books) समाज का दर्पण होती हैं, जिनसे देश दुनिया का अक्‍स झलकता है. हालांकि किताबें पढ़ना कई लोगों के लिए यह बोरियत भरा हो सकता है, तो कुछ लोगों का इससे मनोरंजन (Entertainment) होता है. किताबें पढ़ने से जहां जानकारी बढ़ती है, वहीं इससे सेहत को भी कई फायदे मिलते हैं.

तनाव को कम करता है

हेल्‍थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुछ शोध में पाया गया कि छात्रों के तनाव के स्तर पर जिस तरह योग और हास्य प्रभाव डालता है. इसी तरह 30 मिनट पढ़ने से रक्तचाप, हृदय गति और मस्तिष्‍क पर भी सकारात्‍मक प्रभाव पड़ता है. पढ़ने की आदत तनाव को कम करने में मदद करती है. अवसाद से पीड़ित लोग अक्सर अलग-थलग महसूस करते हैं. मगर कहानियां पढ़ने से आप अस्थायी रूप से अपनी दुनिया से दूर इनके पात्रों के काल्पनिक अनुभवों में ध्‍यान लगाते हैं.

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अच्‍छी नींद के लिए पढ़ें किताबें

जहां किताबें पढ़ने की आदत से आनंद मिलता है, जानकारी बढ़ती है, वहीं रात की अच्छी नींद के लिए भी विशेषज्ञ रूटीन में पढ़ने की आदत को शामिल करने का सुझाव देते हैं.

आती है सहानुभूति की भावना



किताबें पढ़ने की आदत लोगों में लोगों के दर्द को समझने और सहानुभूति की भावना को मजबूत करती है. जो लोग साहित्यिक उपन्यास पढ़ते हैं, उनमें कहानियों के पात्रों के आंतरिक जीवन को गहराई से समझने के साथ ही दूसरों की भावनाओं और विश्वासों को समझने की क्षमता विकसित होती है.

बनते हैं खुशहाल संबंध

अपने बच्चों के साथ किताबें पढ़ने की आदत से पैरेंट्स के अपने बच्‍चों के साथ गर्मजोशी भरे और खुशहाल संबंध बनते हैं. वहीं घर पर पढ़ने की आदत स्कूल में बच्‍चों के प्रदर्शन को बेहतर बनाती है. पढ़ने से बच्‍चों का शब्‍दज्ञान बढ़ता है. उन्‍हें जानकारी मिलती है.

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पढ़ने से याद्दाश्त होती है बेहतर

किताबें पढ़ने से याद्दाश्त पर भी अच्‍छा प्रभाव पड़ता है. यह आदत मेमोरी पावर को बढ़ाने में मदद करती है. दरअसल, किताब पढ़ने से मस्तिष्क में नई यादें बनती हैं. इसके अलावा एकाग्रता बनाए रखने में मदद मिलती है.
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