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वायु प्रदूषण से सावधान, हो सकते हैं इन गंभीर बीमारियों के शिकार

News18Hindi
Updated: November 3, 2019, 6:01 AM IST
वायु प्रदूषण से सावधान, हो सकते हैं इन गंभीर बीमारियों के शिकार
इस प्रदूषण के वजह से शुरुआत में तो सिर्फ खांसी होती है लेकिन आगे चलकर यह एक गंभीर बीमारी बन सकती है.

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को सीवीयर प्लस कैटेगरी में रखा गया है. इस वायु प्रदूषण के वजह से लोगों के बीच संक्रामक बीमारियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं.

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  • Last Updated: November 3, 2019, 6:01 AM IST
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Delhi-NCR में बढ़ता वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है. धुंध की चादर ओढ़े दिल्ली एनसीआर की हालात इस समय बहुत गंभीर है. हर ढलते दिन के साथ दिल्ली की हवा की गुणवत्ता के बारे में नकारात्मक खबरें मिल रही हैं. हवा में घुली जहरीली गैसों के चलते सांस लेना भी मुश्किल हो रहा है. दिल्ली में लोगों को सांस लेने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. सुप्रीम कोर्ट के एक पैनल ने दिल्ली-एनसीआर में पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दी है.

दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण के स्तर को सीवीयर प्लस कैटेगरी में रखा गया है. इस वायु प्रदूषण के वजह से लोगों के बीच संक्रामक बीमारियां भी लगातार बढ़ती जा रही हैं. इंसान के शरीर में वायु प्रदूषण जल्दी असर करता है क्योंकि यह सांस के साथ हवा के रूप में शरीर में पहुंचता है. इस प्रदूषण की वजह से शुरुआत में तो सिर्फ खांसी होती है लेकिन आगे चलकर यह एक गंभीर बीमारी बन सकती है. आइए जानते हैं प्रदूषण से होने वाली गंभीर बीमारियों के बारे में.

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अस्थमा

वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारियों में सबसे ज्यादा खतरा अस्थमा का होता है. इसके अलावा जो लोग पहले से ही अस्थमा से पीड़ित हैं, उनका इस जहरीली हवा में सांस लेना बेहद खतरनाक हो जाता है. प्रदूषित हवा के कारण सांस की नली में सूजन आ जाती है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है.

निमोनिया
प्रदूषित हवा में कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया होते हैं, जो सांस लेने के दौरान हमारे शरीर में चले जाते हैं. ये बैक्टीरिया निमोनिया जैसी बीमारी को जन्म देते हैं. लगातार प्रदूषित हवा में रहने से यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.
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फेफड़ों में कैंसर
प्रदूषित हो चुकी हवा में मौजूद जहरीली गैसों के कारण फेफड़ों में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है. इस बीमारी में फेफड़ों की कोशिकाएं जरूरत से ज्यादा ग्रोथ करने लगती हैं, जिससे शरीर में ठीक तरह से ऑक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है.

बर्थ डिफेक्ट
प्रदूषित हवा केवल आम लोगों को ही नहीं बल्कि गर्भ में पल रहे बच्चों के लिए भी बेहद खतरनाक है. नवजात शिशुओं में वायु प्रदुषण के कारण कई तरह के डिफेक्ट्स होने का खतरा रहता है. ऐसे जगहों पर जन्मे बच्चों की इम्युनिटी पावर बहुत ही कमजोर होती है. इसके अलावा इन बच्चों में खांसी, जुखाम, एलर्जी और इंफेक्शन की संभावना अधिक होती है.

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इम्यूनिटी सिस्टम कमजोर होना
शरीर के इम्यूनिटी सिस्टम के कमजोर होने से प्रतिरक्षा प्रणाली की क्षमता भी कमजोर हो जाती है. ऐसे में हमारा शरीर बाहरी जीवाणुओं से लड़ने में असमर्थ हो जाता है. शरीर कमजोर होने लगता है और बीमारियां घेरने लगती हैं.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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First published: November 3, 2019, 6:01 AM IST
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