चमकी बुखार से 48 बच्चों की मौत, जानें क्या है चमकी बुखार और इसके लक्षण

चमकी बुखार में कई बार बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं...

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बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में पिछले एक महीने में चमकी बुखार से करीब 48 मासूमों की जान जा चुकी है. रोगियों से हॉस्पिटल के पीआईसीयू यूनिट वार्ड फुल हैं. चमकी बुखार/ जापानी इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) या एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है. आइए जानते हैं चमकी बुखार के बारे में और इसके लक्षण:

चमकी बुखार के लक्षण:
जापानी इंसेफलाइटिस (दिमागी बुखार) या एईएस (एक्टूड इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) को बिहार के कई क्षेत्रों में चमकी बुखार कहा जाता है. इससे पीड़ित मरीजों को काफी तेज दर्द के साथ शरीर ऐंठने लगता है और तेज बुखार आता है. कई बार तो बुखार इतना तेज होता है कि बच्चे बेहोश तक हो जाते हैं. इससे पीड़ित मरीजों को कई बार उल्टी होती है और उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ जाता है. लेकिन अगर इलाज में देर होने पर बीमारी बढ़ जाए तो मरीज में निम्नलिखित लक्षण दिखाई देते हैं.

- इसमें रोगी का दिमाग काम करना बंद कर देता है और वो भ्रम का शिकार भी हो जाता है.
- चिड़चिड़ेपन के कारण कई बार दिमागी संतुलन बिगड़ जाता है.



- ज्यादा बीमारी बढ़ने पर कई अंग काम करना बंद कर देते हैं और शरीर को लकवा मार जाता है.

- इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सुनने और बोलने में भी तकलीफ होने लगती है.

- कई बार मरीज गश खाकर बेहोश होकर गिर भी पड़ता है.
इन इलाकों में फैली है ये बीमारी:
डॉक्टरों के मुताबिक़, उत्तरी बिहार के सीतामढ़ी, शिवहर, मोतिहारी और वैशाली के कई इलाकों में इस समय इस बीमारी का कहर देखने को मिल रहा है. इस सिलसिले में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने कहा है कि दिमागी बुखार की वजह से इतने ज्यादा बच्चों की मौत एक गंभीर विषय है. इसके अलावा स्वास्थय विभाग के सचिव भी इस हालत पर कड़ी निगरानी बनाए हुए हैं. उनके मुताबिक, सभी चिकित्सकों को इस मामले में अलर्ट रहने के आदेश जारी किए जा चुके हैं.

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