Bird Flu: क्या इस समय चिकन और अंडे खाना सुरक्षित है? जानें बर्ड फ्लू से जुड़े कुछ सवालों के जवाब

जब कोई पक्षी बर्ड फ्लू से प्रभावित होता है और इंसान उसके यूरिन और स्टूल के संपर्क में जाता है तो उससे यह वायरस इंसान तक पहुंच जाता है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है.

जब कोई पक्षी बर्ड फ्लू से प्रभावित होता है और इंसान उसके यूरिन और स्टूल के संपर्क में जाता है तो उससे यह वायरस इंसान तक पहुंच जाता है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है.

बर्ड फ्लू को मेडिकली एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है. यह एक संक्रामक बीमारी है. यह एक पक्षी से दूसरे पक्षियों, जानवरों या इंसानों तक फैल सकती है. इसकी वजह से हर साल दुनियाभर में कई पक्षियों की मौत हो जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 10, 2021, 4:39 PM IST
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एक तरफ जहां लोग पिछले एक साल से कोरोना वायरस संक्रमण से परेशान चल रहे हैं वहीं अब बर्ड फ्लू ने भारत में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार भारत के कई राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश, केरल, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बर्ड इन्फ्लूएंजा के चलते कई पक्षी मारे जा रहे हैं. ऐसे में इन राज्यों के अधिकारियों को हजारों अन्य पक्षी प्रजातियों को बंद रखने के लिए मजबूर किया गया है. हालांकि ऐसा नहीं है कि भारत वासियों ने पहली बार बर्ड फ्लू के बारे में सुना हो. यह इससे पहले भी कोहराम मचा चुका है. टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार बर्ड फ्लू एक ऐसा संक्रमण है जो आसानी से पक्षियों से इंसानों में फैल सकता है. यह पक्षियों के अंडों से भी फैलता है जिसके चलते इस संक्रमण में पोल्ट्री फॉर्म्स को भी बंद कर दिया जाता है. यह पोल्ट्री के जरिए भी इंसानों में फैल सकता है. अगर आप इस बीमारी को लेकर चिंतित हैं तो आइए जानते हैं बर्ड फ्लू से जुड़े कुछ सवालों के जवाब.

बर्ड फ्लू इंसानों को कैसे संक्रमित कर सकता है?

बर्ड फ्लू को मेडिकली एवियन इन्फ्लूएंजा कहा जाता है. यह एक संक्रामक बीमारी है. यह एक पक्षी से दूसरे पक्षियों, जानवरों या इंसानों तक फैल सकती है. इसकी वजह से हर साल दुनियाभर में कई पक्षियों की मौत हो जाती है. यह जानलेवा भी हो सकता है. यह फ्लू का सबसे खतरनाक H5N1 स्ट्रेन है. यह स्ट्रेन पक्षियों के साथ-साथ इंसानों को भी प्रभावित करता है. अगर यह वाला स्ट्रेन पक्षियों में पाया जा रहा है तो यह इंसान को भी अपनी चपेट में ले सकता है और समय पर इलाज नहीं होने पर जान जाने का भी खतरा है.

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कैसे फैलता है ये वायरस?

पक्षियों के संपर्क में आने से यह फैलता है. यह वायरस आमतौर पर सर्दी के मौसम में फैलता है, जब विदेशी पक्षी भारत में आते हैं. माइग्रेटेड पक्षियों के जरिए भारतीय पक्षियों में ये वायरस आता है और फिर यहां पर फैल जाता है. अधिकतर वाइल्ड पक्षी और पोल्ट्री पक्षियों में यह बीमारी देखी जाती है. पोल्ट्री पक्षियों जैसे बत्तख और मुर्गियों में यह बीमारी देखी जाती है.

क्या अंडे और चिकन का सेवन करने से आपको बर्ड फ्लू हो सकता है?



जब कोई पक्षी बर्ड फ्लू से प्रभावित होता है और इंसान उसके यूरिन और स्टूल के संपर्क में जाता है तो उससे यह वायरस इंसान तक पहुंच जाता है, क्योंकि यह संक्रामक बीमारी है. इसलिए अगर इन दिनों कहीं पर आपको कोई पक्षी मरा हुआ दिखे तो उससे दूर रहें. उसे न छूएं, उससे संक्रमण का खतरा हो सकता है. इसके अलावा चिकन और अंडा खाने से बचें. हालांकि अगर ये दोनों अच्छी तरह से धुले हुए हों और साफ तरीके से पके हुए हों तो आप इनका सेवन कर सकते हैं. इससे संक्रमण का खतरा नहीं होता है.

अंडे और चिकन को कैसे धोएं?

बहुत से लोगों को लगता है कि साफ पानी से चिकन या अंडे को धोने से उस पर मौजूद बैक्टीरिया और कीटाणु मर जाते हैं जबकि ऐसा नहीं है. बर्ड फ्लू जैसे संक्रमण में आपको चिकन और अंडा नमक पानी में धोना चाहिए. उसके बाद इन्हें पेपर टावल से साफ करें. इन्हें सही तापमान में पकाएं और पूरी तरह से पकने के बाद ही खाएं.

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बर्ड फ्लू का इलाज

डॉक्टरों के अनुसार पक्षियों में इस बीमारी का इलाज नहीं है. हां, इंसान में इसके खिलाफ एंटी वायरल दवा है. अगर किसी में इसके लक्षण दिखें तो तुरंत इलाके लिए डॉक्टर के पास जाएं. देश में एम्स और पुणे की एनवाईवी लैब में इसकी जांच संभव है. अगर समय पर इलाज के लिए नहीं जाते हैं तो जान जाने का खतरा है.
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