जन्मदिन विशेषः अलीबाबा आईकॉन का नाम जैक मा कैसे पड़ा, जानें कुछ अनकही बातें

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Updated: September 10, 2019, 11:23 AM IST
जन्मदिन विशेषः अलीबाबा आईकॉन का नाम जैक मा कैसे पड़ा, जानें कुछ अनकही बातें
अंग्रेजी सीखने की इच्छा से जैक हर रोज सुबह करीब 112 किलोमीटर साइकिल चलाकर एक होटल में जाते थे जहां अक्सर विदेशी नागरिक ठहरते थे. जैक मा शुरुआत में उनके साथ टूटी फूटी अंग्रेजी में बात करते थे.

अंग्रेजी सीखने की इच्छा से जैक हर रोज सुबह करीब 112 किलोमीटर साइकिल चलाकर एक होटल में जाते थे जहां अक्सर विदेशी नागरिक ठहरते थे. जैक मा शुरुआत में उनके साथ टूटी फूटी अंग्रेजी में बात करते थे.

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चीन के बिजनेस आईकॉन जैक मा का जन्म जेजिआंग प्रांत के हन्हाजु गांव (Hangzhou,Zhejiang)में हुआ था. जैक मा के माता-पिता पारम्परिक गाना गाने और कहानियां सुनाने का काम करते थे. जैक मा को बचपन से ही कुछ अलग करने की इच्छा थी. वह दुनिया के सामने खुद को साबित करना चाहते थे. इसके लिए स्थानीय भाषा के अलावा अंग्रेजी जानना जरूरी था जो उन्हें बिल्कुल नहीं आती थी. अंग्रेजी सीखने की इच्छा से वह हर रोज सुबह करीब 112 किलोमीटर साइकिल चलाकर एक होटल में जाते थे जहां अक्सर विदेशी नागरिक ठहरते थे. जैक मा शुरुआत में उनके साथ टूटी फूटी अंग्रेजी में बात करते थे. वह अपने खाली समय में विदेशी लोगों को मुफ्त में शहर घुमाते थे जिससे उनकी अंग्रेजी बोलने की प्रैक्टिस भी होती थी. ऐसा करते करते उनकी अंग्रेजी में भी सुधार होता चला गया. उन्होंने करीब 9 साल तक गाइड बनकर पर्यटकों को घुमाने का काम किया.

इन विदेशियों को गाइड करते हुए एक विदेशी मित्र से उनकी गहरी मित्रता हो गई. जैक मा उन्हें पत्र लिखा करते थे और उसी विदेशी मित्र ने उन्हें जैक नाम दिया. इससे पहले तक उनका नाम मा युन था जिसे बोलना और लिखना बड़ा कठिन था. इसके बाद से उनको जैक के नाम से ही जाना जाने लगा. आपको बता दें कि जैक ने जब विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा दी तो वह तीन बार फेल हो गए. उसके बाद जैक ने हंजाऊ टीचर्स इंस्टिट्यूट में एडमिशन लिया जहां से 1988 में उन्होंने इंग्लिश में स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण की. स्नातक के बाद में वह हंजाऊ यूनिवर्सिटी में ही अंग्रेजी और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लेक्चरर बन गए.

जैक मा का करियर

जैक मा के करियर की शुरुआत काफी चुनौतीपूर्ण रही. जैक मा ने 30 अलग अलग जगहों पर नौकरी के लिए आवेदन किए थे लेकिन हर बार उन्हें निराशा ही हाथ लगी. जैक मां ने सबसे पहले एक पुलिस की नौकरी के लिए आवेदन किया था लेकिन उनके शारीरिक गठन को देखकर उन्हें साफ मना कर दिया गया. इसके बाद वह KFC में भी नौकरी के लिए गए लेकिन वहां भी उनका चयन नहीं हुआ.

कभी इंटरनेट नहीं चलाया था

साल 1994 में जैक मा ने पहली बार इंटरनेट का नाम सुना. वहीं 1995 में वह अपने दोस्तों की मदद से अमेरिका गए जहां उन्होंने पहली बार इंटरनेट देखा. जैक मा ने इससे पहले कभी इंटरनेट नहीं चलाया था. इंटरनेट पर उन्होंने चीन के बारे में सामान्य जानकारी ढूंढने की कोशिश की लेकिन वह चौक गए कि चीन की कोई जानकारी इंटरनेट पर उपलब्ध नहीं थी.

चीन की जानकारी देने वाली पहली वेबसाइट बनाई
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अपने देश की जानकारी इंटरनेट पर न होने से जैक काफी दुखी हुए. उन्हें लग गया था कि चीन तकनीकी क्षेत्र में अन्य देशों से काफी पीछे है. इसके बाद उन्होंने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर चीन की जानकारी देने वाली पहली वेबसाइट ugly बनाई. इस वेबसाइट के बनाने के पांच घंटे के अंदर उन्हें कुछ चीनी लोगों के ईमेल आए जो जैक के बारे में जानना चाहते थे. तब जैक मा को एहसास हुआ कि इंटरनेट से बहुत कुछ किया जा सकता है.

20,000 डॉलर में एक कंपनी की शुरुआत की

1995 में जैक मा, उनकी पत्नी और दोस्तों ने मिलकर 20,000 डॉलर में एक कंपनी की शुरुआत की. इस कंपनी का मुख्य काम दुसरी कंपनियों के लिए वेबसाइट बनाना था. उन्होंने अपनी कंपनी का नाम China Yellow Pages रखा था. तीन साल के अंदर उनकी कंपनी ने 8 लाख डॉलर कमाए.

चीन की पहली B2B वेबसाइट अलीबाबा की स्थापना की

1998 से 1999 में Jack Ma जैक ने China International Electronic Commerce Center द्वारा स्थापित एक आईटी कंपनी की अध्यक्षता का कार्य किया. 1999 में उन्होंने वहां से काम छोड़ दिया और हंजाऊ अपनी टीम के साथ लौट आए. जहां उन्होंने अपने 17 दोस्तों के साथ मिलकर अपने घर से चीन की पहली B2B वेबसाइट अलीबाबा की स्थापना की. उन्होंने अलीबाबा की मदद से इतिहास रच दिया जो उन्होंने 5 लाख युवान से शूरू की और जिसके 79 मिलियन सदस्य 240 से ज्यादा देशो में फैले हुए हैं.

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First published: September 10, 2019, 11:23 AM IST
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