Home /News /lifestyle /

ब्लड टेस्ट से पता चलेगा डिप्रेशन का कारण और इलाज: स्टडी

ब्लड टेस्ट से पता चलेगा डिप्रेशन का कारण और इलाज: स्टडी

बाइपोलर डिसऑर्डर भयानक डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है. प्रतीकात्मक फोटो- shutterstock.com

बाइपोलर डिसऑर्डर भयानक डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है. प्रतीकात्मक फोटो- shutterstock.com

Blood Test for Depression & Bipolar Disorder : बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) जिसे मूड डिसऑर्डर भी कहते हैं. इसमें में मूड में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. यह भयानक डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है. ऐसी स्थिति में मेडिकेशन जरूरी होती है. अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी (Indiana University) के साइंटिस्टों की एक स्टडी मिले नतीजों से ऐसा लगता है कि मेंटल हैल्थ और मूड डिसऑर्डर की बढ़ती समस्या से अब निजात मिलने के आसार बढ़ गए हैं. साइंटिस्टों ने एक स्टडी में पाया है कि ब्लड टेस्ट के जरिए मेंटल हैल्थ और डिप्रेशन का कारण और इलाज का पता लगाने में ब्लड टेस्ट कागर साबित हो सकता है. इस ब्लड टेस्ट में आरएनए मार्कर (RNA marker) की पहचान की जाती है. इसके आधार पर नर्व और इम्यून सिस्टम (Nervous and Immune system) के बारे में पता चलाया जाता है. इससे डिप्रेशन का बेहतर ढंग से इलाज किया जा सकेगा.

अधिक पढ़ें ...

    Blood Test for Depression & Bipolar Disorder : आजकल के लाइफस्टाइल में तनाव (Stress), चिंता (anxiety), बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) और अवसाद (Depression) जैसी मेंटल हेल्थ (Mental Health) जुड़ी समस्याएं आम बात हो गई है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक दुनिया भर में करीब 5% वयस्क आबादी किसी न किसी रूप में डिप्रेशन (Depression) की चपेट में हैं. जब व्यक्ति ज्यादा समय तक तनाव (Stress) में रहता है, तो वह अवसादग्रस्त होने लगता है. वहीं बाइपोलर डिसऑर्डर (Bipolar Disorder) जिसे मूड डिसऑर्डर भी कहते हैं. इसमें में मूड में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. यह भयानक डिप्रेशन का रूप भी ले सकता है. ऐसी स्थिति में मेडिकेशन जरूरी होती है. अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी (Indiana University) के साइंटिस्टों की एक स्टडी मिले नतीजों से ऐसा लगता है कि मेंटल हैल्थ और मूड डिसऑर्डर की बढ़ती समस्या से अब निजात मिलने के आसार बढ़ गए हैं.

    साइंटिस्टों ने एक स्टडी में पाया है कि ब्लड टेस्ट के जरिए मेंटल हैल्थ और डिप्रेशन का कारण और इलाज का पता लगाने में ब्लड टेस्ट कागर साबित हो सकता है. इस ब्लड टेस्ट में आरएनए मार्कर (RNA marker) की पहचान की जाती है. इसके आधार पर नर्व और इम्यून सिस्टम (Nervous and Immune system) के बारे में पता चलाया जाता है. इससे डिप्रेशन का बेहतर ढंग से इलाज किया जा सकेगा.

    इस स्टडी को लीड करने वाले डॉ एलेक्जेंडर निकुलेस्कु (Alexander B. Niculescu) का कहना है कि ब्लड टेस्ट से डिप्रेशन (Depression) और बायापोलर डिसऑर्डर  (Bipolar Disorder)  में आसान से अंतर का पता चलाया जा सकेगा. इससे पहले डिप्रेशन के इलाज के लए डॉक्टरों को दवाओं के कॉम्बिनेशन पर निर्भर रहना पड़ता था.

    स्टडी में क्या निकला
    इस स्टडी से सामने आया कि डिप्रेशन का जैविक कारण (Biological cause) भी होता है. हर इंसान के ब्लड जीन बायोमार्कर (Blood Gene Biomarker) में में आरएनए, डीएनए और प्रोटीन के अंश होते हैं.

    यह भी पढ़ें-
    हार्ट डिजीज के खतरे का सही लगेगा पता, दो प्रोटीन के जरिए जांच होगी ज्यादा सटीक: स्टडी

    ब्लड टेस्ट के जरिए इन्हें डीकोड किया जाता है. शरीर में दिमाग, नर्व सस्टम और इम्यून सिस्टम के विकास का एक समान पैटर्न होता है. अब ब्ल्ड टेस्ट के जरिए इसको पहचान कर डिप्रेशन का इलाज हो सकेगा.

    क्या कहते हैं जानकार
    डॉ एलेक्जेंडर निकुलेस्कु (Alexander B. Niculescu) का कहना है कि इस स्टडी में सामने आया कि डिप्रेशन और अन्य प्रकार की मानसिक समस्या होने पर शरीर में हार्मोन का रिसाव होता है. ये रिसाव ब्लड और इम्यून सिस्टम को इफैक्ट करता है.

    यह भी पढ़ें-
    कोरोना मरीजों को स्ट्रोक का ज्यादा खतरा, स्टडी में समाने आए दिमाग में संक्रमण के लक्षण

    स्टडी के दौरान डॉक्टर डिप्रेशन के शिकार इंसान के ब्लड में मौजूद बायोमार्कर्स (Biomarkers in Blood) की पहचान करने में सफल रहे. इससे उसे समुचित दवाएं दी गईं. जिससे कि इस प्रकार डिप्रेशन को बेहतर ढंग से चिन्हित किया जा सका. अन्य डॉक्टरों का कहना है कि स्टडी आने वाले समय में बहुत सहायक साबित होगी.

    Tags: Health, Health tips, Lifestyle, Mental health

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर