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कैंसर रोगियों को स्ट्रोक से मौत का खतरा, रिसर्च में खुलासा

News18Hindi
Updated: November 27, 2019, 6:00 AM IST
कैंसर रोगियों को स्ट्रोक से मौत का खतरा, रिसर्च में खुलासा
जिन लोगों को कैंसर है या कैंसर के इलाज के बाद जिंदा हैं, उनमें स्ट्रोक से मरने का खतरा दो गुना से अधिक है.

एक अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों को कैंसर है या कैंसर के इलाज के बाद जिंदा हैं, उनमें स्ट्रोक से मरने का खतरा दो गुना से अधिक है.

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  • Last Updated: November 27, 2019, 6:00 AM IST
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कैंसर से पीड़ित या उसका इलाज करा करा रहे लोगों की स्ट्रोक से मरने की संभावना अधिक होती है. हाल ही में इस बात का खुलासा एक अध्ययन में हुआ है. अध्ययन में उन 70 लाख से अधिक रोगियों के डाटा का आकलन किया गया, जिनमें बीमारी के गंभीर रूपों की पहचान हुई थी.

कैंसर और स्ट्रोक
अमेरिका की पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट् के सर्विलांस, एपिडेमिओलॉजी और एंड रिजल्ट प्रोग्राम (सीर) से डाटा एकत्रित किया. इसमें अमेरिका की लगभग 28 फीसदी आबादी के कैंसर के मामले, उनके जिंदा रहने, इलाज, उम्र और रोग के वर्ष की जानकारी शामिल थी. इस अध्ययन से पता चला है कि जिन लोगों को कैंसर है या कैंसर के इलाज के बाद जिंदा हैं, उनमें स्ट्रोक से मरने का खतरा दो गुना से अधिक है.

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यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशंस नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है. शोधकर्ताओं ने कहा कि सिर के डाटा से 70 लाख से अधिक रोगियों की जानकारी एकत्रित की गई. इसमें घातक कैंसर से जूझ रहे रोगियों का पता चला था. यह कैंसर epithelal tissue से बाहर फैल गया था. उन्होंने कहा कि स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और बड़ी आंत के कुछ हिस्सों का कैंसर गंभीर स्ट्रोक से संबंधित है.

कम उम्र के कैंसर रोगियों को अधिक खतरा
पेंसिल्वेनिया स्टेट यूनिवर्सिटी में रेडिएशन ऑन्कोलॉजी की असिस्टेंट प्रोफेसर निकोलस जॉस्र्की ने कहा, पिछले शोधों से पता चला है कि अधिकतर कैंसर रोगी अपने कैंसर से नहीं मर रहे, बल्कि मौत का कारण कुछ और ही सामने आ रहा है. जॉस्र्की ने आगे कहा कि निष्कर्ष बताते हैं कि स्ट्रोक से होने वाली इन मौतों को रोकने के लिए रोगियों को एक स्क्रीनिंग प्रोग्राम से फायदा हो सकता है. साथ ही यह पहचानने में
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मदद मिलेगी कि किन रोगियों के लिए यह सही हो सकता है.

शोधकर्ताओं ने कहा, जिन 70 लाख कैंसर रोगियों के आंकड़ों का उन्होंने विश्लेषण किया, उनमें से 80 हजार से अधिक लोगों की मौत स्ट्रोक से हुई थी. इनमें पुरुषों और महिलाओं के स्ट्रोक से मरने की संभावना समान थी. अध्ययन में यह भी कहा गया है कि जिन लोगों को कम उम्र में कैंसर होता है, उनमें गंभीर स्ट्रोक होने का खतरा अधिक होता है.

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स्ट्रोक से 50 लाख से अधिक लोगों की हो चुकी है मौत
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, साल 2018 में कैंसर के कारण लगभग 90 लाख से अधिक लोगों की मौत हुई थी जबकि द लांसेट नामक जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के मुताबिक, दुनियाभर में 50 लाख से अधिक लोगों की मौत स्ट्रोक के कारण हुई थी. शोधकर्ताओं ने कहा कि ये दोनों बीमारियां संबंधित हो सकती हैं.

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First published: November 27, 2019, 6:00 AM IST
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