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दिवाली २०१९: Green पटाखों संग मनाएं Safe Diwali, ऐसे करें ग्रीन पटाखों की पहचान

News18Hindi
Updated: October 23, 2019, 7:28 PM IST
दिवाली २०१९: Green पटाखों संग मनाएं Safe Diwali, ऐसे करें ग्रीन पटाखों की पहचान
दिवाली ग्रीन पटाखे

ग्रीन पटाखों के रैपर पर QR कोड और स्टिकर लगा होता है. ये कोड और स्टीकर देखने के बाद ही पटाखे खरीदें. ग्रीन पटाखों को जलाने पर सल्फर की बदबू नहीं आती है.

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  • Last Updated: October 23, 2019, 7:28 PM IST
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दिवाली २०१९ (Diwali 2019) इस बार 27 अक्टूबर को मनाई जाएगी. लेकिन कुछ लोगों ने अभी से पटाखे छुड़ाने शुरू कर दिए हैं. यही वजह है कि वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ता जा रहा है. यह बात बड़े समझ सकते हैं लेकिन बच्चे तो दिवाली पटाखों के लिए मचलते ही हैं क्योंकि उनके लिए तो दिवाली का मतलब ही पटाखे छुड़ाना है. ऐसे में बेहतर है कि समझाया जाए कि पटाखे जलाने से हवा कितनी जहरीली होती जा रही है. लेकिन इसके बावजूद भी अगर वो जिद करते हैं तो ग्रीन पटाखे (green crackers) सामान्य तौर पर जलाए जाने वाले पटाखों से काफी कम नुकसानदेह होते हैं. आइए जानते हैं क्या होते हैं ग्रीन पटाखे और किस तरह से करें ग्रीन पटाखे की पहचान...

द हिंदू के अनुसार, ग्रीन पटाखे सामान्य तौर पर इस्तेमाल होने वाले वाले पटाखों से बस थोड़ा सा अलग होते हैं. ग्रीन पटाखों का खोल (shell) सामान्य पटाखों से थोड़ा छोटा होता है. इन्हें बनाने में कम नुकसानदायक कच्चे माल का इस्तेमाल होता है. आज के समय में, भारत में पटाखों के कारोबार से सालाना तौर पर 1,800 करोड़ का फायदा हो रहा है. CSIR (Council of Scientific and Industrial Research) ने पटाखे बनाने और उन्हें बिक्री के लिए उपलब्ध कराने के लिए 230 कंपनियों के साथ करार किए हैं. नैशनल इन्वाइरनमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (NEERI, National Environmental Engineering Research Institute) ने ग्रीन पटाखों को तैयार किया है.



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ग्रीन पटाखों के निर्माण में लिथियम, आर्सेनिक, बेरियम और लेड जैसे घातक और सरकार द्वारा बैन किए जा चुके पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जाता है. यही वजह है कि यह पर्यावरण और हवा को दूषित करते हैं. सामान्य पटाखों को छुड़ाने पर नाइट्रोजन और सल्फर जैसी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है.

ग्रीन पटाखों की पहचान करें ऐसे:
1. ग्रीन पटाखों के रैपर पर QR कोड और स्टिकर लगा होता है. ये कोड और स्टीकर देखने के बाद ही पटाखे खरीदें.
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2. ग्रीन पटाखों को जलाने पर सल्फर की बदबू नहीं आती है.

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First published: October 23, 2019, 10:58 AM IST
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