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चांदीपुर बीच जहां गायब हो जाता है समुद्रतट! जरूर देखें ये अद्भुत नजारा

समुद्रतट के पास ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ मौजूद हैं. यह समंदर आपके देखते ही देखते कुछ किलोमीटर पीछे खिसकने लगता है.

समुद्रतट के पास ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ मौजूद हैं. यह समंदर आपके देखते ही देखते कुछ किलोमीटर पीछे खिसकने लगता है.

यह समुद्र तट इस मामले में अद्वितीय है कि उच्च ज्वार और भाटे के दौरान पानी 1 से 5 किलोमीटर तक पीछे हट जाता है. समुद्र तट, पर इस विशिष्टता के कारण, काफी जैव विविधता पाई जाती है.

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    ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर से कुछ ही किलोमीटर दूर एकांत में एक समुद्रतट है जहां समंदर कुछ घंटों के लिए गायब हो जाता है और फिर वापिस लौट आता है. इस कुदरत के करिश्मे और अनसुलझी गुत्थी को आज तक कोई नहीं सुलझा पाया है. इस बीच का नाम चांदीपुर है. इस बीच पर पहुंचने के लिए बालेश्वर या बालासोर स्टेशन पर उतरना होता है जहां से चांदीपुर 30 किलोमीटर दूर है. बालासोर ओडिशा का एक छोटा सा शांत कस्बा है.

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    समुद्रतट पीछे खिसक जाता है
    बालासोर से चांदीपुर पहुंचने में करीब एक घंटा लगता है. समुद्रतट के पास ऊंचे-ऊंचे ताड़ के पेड़ मौजूद हैं. यह समंदर आपके देखते ही देखते कुछ किलोमीटर पीछे खिसकने लगता है. लोग समंदर की ओर भागने लगते हैं. यह समुद्र तट इस मामले में अद्वितीय है कि उच्च ज्वार और भाटे के दौरान पानी 1 से 5 किलोमीटर तक पीछे हट जाता है. समुद्र तट, पर इस विशिष्टता के कारण, काफी जैव विविधता पाई जाती है. मछुआरे जमकर यहां पर मछली और केकड़ें पकड़ने आते हैं.

    वास्तुकला की अद्भुत मिसाल
    ओडिशा में ज़्यादातर कस्बे प्राचीन मंदिरों से भरे हैं जो वास्तुकला की अद्भुत मिसाल पेश करते हैं. पत्थर में बारीक नक्काशी करके बनाए हुए ये मंदिर अलग अलग विश्वास के प्रतीक हैं और अलग ही कहानी भी कहते हैं. ऐसा ही एक मंदिर पंचलिंगेश्वर का भी है जो बालासोर से 45 किलोमीटर दूर है. नीलगिरि पर्वत शृंखला के बेहतरीन नजारे के चलते यहां जरूर जाया जा सकता है.

    वैष्णव सिद्धांतों पर बना मंदिर
    खिरचौरा गोपीनाथ मंदिर वैष्णव सिद्धांतों पर बना हुआ है और यह बालासोर से 9 किलोमीटर दूर स्थित है. ये मंदिर यहां मिलने वाले खास प्रसाद खीर की वजह से लोकप्रिय है . मंदिर के अंदर लगे कदंब से पेड़ों से पूरा मंदिर प्रांगण महकता रहता है. ये राज्य सांस्कृतिक, भोजन और ऐतिहासिक रूप से बेहद संपन्न है इसलिए यहां घूमने का एक अलग आनंद आएगा.

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    कैसे पहुंचें बालासोर
    भुवनेश्वर और बालासोर के बीच ट्रेनें अलग अलग अंतराल में चलती रहती हैं. यहां पहुंचने में 2 से 3 घंटे लगते हैं और यात्री कोच की एक टिकट की कीमत 120 रुपए के आसपास है. वहीं बालासोर से चांदीपुर के बीच शेयर जीप और प्राइवेट टैक्सी चलती हैं. एक ओर के लिए टैक्सी का किराया 800 रुपए और जीप का किराया 20 रुपए है. बालासोर यहां के प्राचीन मंदिरों के लिए मशहूर है और ओटीडीसी द्वारा संचालित बसें चलती हैं जो आपको मंदिर घुमाने ले जाती हैं. एक व्यक्ति का बस का किराया लगभग 200 रुपए है.

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