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मांसपेशियों के बनने की प्रक्रिया में रुकावट पैदा करती है कीमोथेरेपी: स्टडी

मांसपेशियों के बनने की प्रक्रिया में रुकावट पैदा करती है कीमोथेरेपी: स्टडी

कीमोथेरेपी एक ऐसा मेडिकल ट्रीटमेंट है जो कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दिया जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-Canva.com)

कीमोथेरेपी एक ऐसा मेडिकल ट्रीटमेंट है जो कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दिया जाता है. (प्रतीकात्मक फोटो-Canva.com)

Chemotherapy Hinders Muscle Building: कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी (Chemotherapy) से शरीर की नई मांसपेशियों (New Muscles) के निर्माण की प्रक्रिया भी बाधित होती है. इस स्टडी का निष्कर्ष अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी - सेल फिजियोलॉजी (American Journal of Physiology -- Cell Physiology) में प्रकाशित हुआ है. रिसर्चर्स के अनुसार. पहले से ये माना जाता रहा है कि कीमोथेरेपी की दवाएं सेल्स के माइटोकांड्रिया (mitochondria) यानी ऊर्जा घर या स्रोत को प्रभावित करती है, जिसके कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (oxidative stress) बढ़ने से मसल्स के टिशू (Muscle Tissue) को नुकसान होता है. लेकिन इस नई स्टडी में कीमोथेरेपी की 3 दवाओं का कल्चर माध्यम (culture medium) में मसल्स टिशू पर बहुत कम इस्तेमाल किया गया. इसके बावजूद मसल्स पर असर हुआ, लेकिन इसमें मांसपेशियों (Muscles) के बनने की प्रक्रिया, जिसे प्रोटीन संश्लेषण (protein synthesis) कहते है, उस पर असर पड़ा.

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    Chemotherapy Hinders Muscle Building : एक नई स्टडी में सामने आया है कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी (Chemotherapy) से शरीर की नई मांसपेशियों (New Muscles) के निर्माण की प्रक्रिया भी बाधित होती है. अमेरिका की पेन स्टेट यूनिवर्सिटी (Penn State University) के साइंटिस्टों द्वारा की गई इस स्टडी का निष्कर्ष अमेरिकन जर्नल ऑफ फिजियोलॉजी – सेल फिजियोलॉजी (American Journal of Physiology — Cell Physiology) में प्रकाशित हुआ है. रिसर्चर्स के अनुसार. पहले से ये माना जाता रहा है कि कीमोथेरेपी की दवाएं सेल्स के माइटोकांड्रिया (mitochondria) यानी ऊर्जा घर या स्रोत को प्रभावित करती है, जिसके कारण ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस (oxidative stress) बढ़ने से मसल्स के टिशू (Muscle Tissue) को नुकसान होता है. लेकिन इस नई स्टडी में कीमोथेरेपी की 3 दवाओं का कल्चर माध्यम (culture medium) में मसल्स टिशू पर बहुत कम इस्तेमाल किया गया. इसके बावजूद मसल्स पर असर हुआ, लेकिन इसमें मांसपेशियों (Muscles) के बनने की प्रक्रिया, जिसे प्रोटीन संश्लेषण (protein synthesis) कहते है, उस पर असर पड़ा.

    पेन स्टेट कॉलेज ऑफ हेल्थ एंड ह्यूमन डेवलपमेंट (Penn State College of Health and Human Development) में काइनेसियोलॉजी (Kinesiology) के एसोसिएट प्रोफेसर और इस स्टडी के राइटर गोस्तावो नादेर (Gustavo Nader) का कहना है, ‘हालांकि इस स्टडी के निष्कर्ष की इंसानों में पुष्टि के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है, लेकिन भविष्य में इसका असर कैंसर के इलाज पर पड़ेगा.’

    स्टडी में क्या निकला
    गोस्तावो नादेर (Gustavo Nader)  ने आगे बताया कि कैंसरे के इलाज में यदि इस पर विचार भी दिया जाए कि दवा की कम डोज दी जाए, जिसमें कि ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा नहीं हो, तब भी कीमोथेरेपी की कुछ दवाएं मांसपेशियों की कोशिकाओं (Muscle Cells) को नुकसान पहुंचाते हैं. ट्यूमर (tumor) तो पहले ही लोगों को कमजोर कर चुका होता है और इलाज के कारण भी मांसपेशी को नुकसान पहुंचता है. इसी वजह से स्पेशलिस्टों को कीमोथेरेपी (Chemotherapy)  इलाज को लेकर विचार करना होगा कि किस तरह से इसे और सुरक्षित बनाया जा सके.

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    गोस्तावो नादेर (Gustavo Nader) ने बताया कि लंबे समय से यह माना जाता रहा है कि कीमोथेरेपी (Chemotherapy)  की वजह से मांसपेशियों के नुकसान का मामला उसमें जमा प्रोटीन का स्तर घटने से जुड़ा है. इसलिए पहले की रिर्सच का फोकस प्रोटीन के लेवल को कम होने से रोकने पर रहा. लेकिन इस नई स्टडी में पाया गया कि समस्या प्रोटीन के संश्लेषण या निर्माण में है.

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    क्या है कीमोथेरेपी
    कीमोथेरेपी (Chemotherapy)  एक ऐसा मेडिकल ट्रीटमेंट है जो कैंसर की कोशिकाओं को नष्ट करने के लिए दिया जाता है. कीमोथेरेपी शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है – कैमिकल यानी रसायन और थेरेपी यानी उपचार. किस को किस तरह की कीमोथेरेपी दी जाए, ये इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज को किसतरह का कैंसर है. कीमोथेरेपी अकेले भी दी जा सकती है या सर्जरी और रेडियोथेरेपी के साथ भी.

    Tags: Cancer, Health, Health tips, Lifestyle

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