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बच्चों में तेजी से फैल रही है ये बीमारी, ऐसे करें लक्षणों की पहचान

News18Hindi
Updated: February 4, 2020, 11:52 AM IST
बच्चों में तेजी से फैल रही है ये बीमारी, ऐसे करें लक्षणों की पहचान
1995 में कम वजन वाले बच्चों में ह्रदय व श्वसन स्वस्थ संबंधी परेशानी 27 फीसदी थी

शोधकर्ताओं ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हृदय और श्वसन प्रणाली का स्वस्थ होना बहुत महत्वपूर्ण है. इससे कई बीमारियों और समय से पहले मौत का खतरा कम हो सकता है.

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  • Last Updated: February 4, 2020, 11:52 AM IST
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हाल में हुए एक शोध में पाया गया है कि जन्म के दौरान जिन बच्चों का वजन कम होता है उनको हृदय और श्वसन संबंधी परेशानियां ज्यादा होती हैं. शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसे बच्चों में हृदय और श्वसन से संबंधी जटिलताएं जीवनभर रहती हैं. साथ ही इनमें सांस फूलने और सांस लेने में परेशानियां जैसी समस्याएं ज्यादा होती हैं.

शोधकर्ताओं ने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हार्ट और सांसों का स्वस्थ होना बहुत जरूरी  है. इससे कई बीमारियों और समय से पहले मौत का खतरा कम हो सकता है. यह अध्ययन जर्नल जेएएचए में प्रकाशित हुआ है. अध्ययन के मुताबिक, 1995 में कम वजन वाले बच्चों में ह्रदय व श्वसन स्वस्थ संबंधी परेशानी 27 फीसदी थी, जो 2017 में बढ़कर 46 प्रतिशत हो गई. शोधकर्ताओं के अनुसार यह अंतर काफी चिंताजनक है.

कुपोषण से बचने के लिए इसके लक्षणों की पहचान जरूरी है.
कुपोषण से बचने के लिए इसके लक्षणों की पहचान जरूरी है.


इन लक्षणों से करें कुपोषण की पहचान


  • कमजोर या दुर्बल शरीर

  • सांस लेने में परेशानी होना
  • ज्यादा ठंड लगना

  • थकान या उदासीनता

  • लगातार बीमार पड़ना

  • विशेष प्रकार के संक्रमण का कई दिनों तक रहना

  • मांसपेशियों का कम होना या कमजोर होना

  • मानसिक विकास कम होगा या धीरे होना

  • पाचन संबंधी समस्या होना

  • कार्यक्षमता का कम होना


दालें प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होती है इसलिए अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा दालों को जगह दें.
दालें प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होती है इसलिए अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा दालों को जगह दें.


कुपोषण से कैसे पाएं छुटकारा

रात को 50 ग्राम किशमिश पानी में भिगो कर रख दें और सुबह इसे अच्छी तरह से चबाकर खा लें. इस प्रक्रिया को 2-3 महीने नियमित तौर पर करने से तीन महीने में ही कुपोषण मुक्त हो जाएंगे और आपका वजन भी बढ़ जाएगा.

अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा को बढ़ाएं. दालें प्रोटीन का सबसे अच्छा स्रोत होती है इसलिए अपने खाने में ज्यादा से ज्यादा दालों को जगह दें.

दूध और दूध से बने उत्पादों का सेवन करने से भी आप कुपोषण के खिलाफ जंग लड़ सकते हैं. इसके लिए आपको रोजाना 300-500 मिली लीटर दूध पीना होगा.
रोजाना एक कटोरी बींस खाना आपकी सेहत के लिए काफी लाभकारी हो सकता है. रोजाना अखरोट खाने से आपका वजन बढ़ जाएगा. इसमें मौजूद मोनो सैचुरेटिड फैट आपकी सेहत के लिए फायदेमंद होता है.

पूरी नींद ना लेने की वजह से आपके शरीर पर प्रभाव पड़ता है साथ ही शरीर थका हुआ महसूस करता है. इसलिए रोजाना 7-8 घंटे की नींद जरूर लें.
रोजाना 100-200 ग्राम काले भुने हुए चने खाने से भी आप कुपोषण को मात दे सकते हैं. आप चाहें तो इन्हें रात में भिगोकर रख दें और सुखा लें. इससे भी आपको फर्क साफ दिखेगा.

कैल्शियम और आयरन की दवाओं को नियमित खाने से भी आप कुपोषण से मुक्ति पा सकते हैं. ये दवाए आप किसी भी सरकारी अस्पताल से मुफ्त में ले सकते हैं.

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First published: February 4, 2020, 9:20 AM IST
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