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Coronavirus: कंपकंपी लगना, मसल्स पेन भी हो सकते हैं कोरोना के लक्षण- विशेषज्ञ

Coronavirus: कंपकंपी लगना, मसल्स पेन भी हो सकते हैं कोरोना के लक्षण- विशेषज्ञ

वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 6 नए लक्षण खोजे हैं

वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के 6 नए लक्षण खोजे हैं

कोरोना (Coronavirus/Covid 19) के कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे. ऐसे लक्षण वाले मरीजों को फीसदी एसिम्टोमैटिक मरीज कहा गया...

    सेंटर ऑफ़ डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन को नोवल कोरोना वायरस संक्रमण को 6 नए लक्षण मिले हैं. यह लक्षण कोरोना के मरीजों में कई बार सामने आए हैं. पहले कोरोना वायरस के मरीजों में केवल सांस लेने में तकलीफ, खांसी और बुखार की शिकायत देखी जाती थी. लेकिन कोरोनावायरस के नए लक्षणों में ठंड लगना, सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द शामिल है. अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम विभाग (सीडीसी) ने इस सिलसिले में कोरोना संक्रमण की ओर से इशारा करने वाले लक्षणों में छह नए संकेतक जोड़ते हुए सलाह जारी की है. इंडिया टूडे में छपी रिपोर्ट के मुताबिक़, विभाग का मानना है कि सिरदर्द, कंपकंपी, गले में खराश को हल्के में न लें. कंपकंपी के साथ शरीर थरथराने, मांसपेशियों में तनाव और मुंह का स्वाद बिगड़ने या सूंघने की क्षमता कमजोर पड़ने की शिकायत हो तो भी चिकित्सकों से संपर्क करें. यह कोरोना के नए लक्षण हो सकते हैं.

    सीडीसी ने अब कोरोनावायरस लक्षणों की अपनी सूची को अपडेट किया है, इसमें छह और जोड़ दिए गए हैं.छह नए लक्षण इस तरह हैं:

    कोरोना से पीड़ित व्ताक्ति को ठंड लगना.
    कोरोना से पीड़ित व्ताक्ति को ठिठुरन के साथ बार-बार झटके आना.
    मांसपेशियों में दर्द
    सिर दर्द
    गले में खराश
    स्वाद या गंध का का पता न चलना.

    क्या है 'कोविड टोज':
    सीडीसी के मुताबिक़, कोरोना वायरस से संक्रमित कुछ लोगों, खासकर बच्चों और युवाओं को पैर व पंजे में नीले या बैंगनी रंग के छाले पड़ सकते हैं.चिकित्सकों ने इसे ‘कोविड टोज' नाम दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया कि कोरोना संक्रमण में नाक बहने की शिकायत कम ही देखने को मिलती है. छींक आने को भी फिलहाल कोराना का लक्षण नहीं माना गया है.

    न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने मरीजों में संक्रमण बढ़ने पर अंगों में खून गाढ़ा होने समस्या देखी थी. उन्होंने चेताया किया था कि इस वायरस कम उम्र के मरीजों में स्ट्रोक का कारण भी बन सकता है. कोरोना के कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं जिनमें मरीज में कोई लक्षण नहीं दिखाई दे रहे थे. ऐसे लक्षण वाले मरीजों को फीसदी एसिम्टोमैटिक मरीज कहा गया. महाराष्ट्र में एसिम्टोमैटिक मरीज 65 फीसदी हैं. वहीं उत्त्तर प्रदेश में एसिम्टोमैटिक मरीज 75 फीसदी है.

    Tags: Corona Health and Fitness, Health, Health News, Lifestyle

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