शोध में दावा-अस्पताल के ICU में मोबाइल लेकर जाने से खतरे में पड़ सकती है मरीजों की जान

शोध में दावा-अस्पताल के ICU में मोबाइल लेकर जाने से खतरे में पड़ सकती है मरीजों की जान
आईसीयू में मरीजों को बैक्टीरिया और वायरस के इन्फेक्शन से बचाने के लिए रखा जाता है.

हाल ही में हुए एक रिसर्च (Research)में पता चला है कि आईसीयू (ICU) वार्ड में मोबाइल फोन (Mobile Phone) लेकर जाना मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है. इसलिए यहां मोबाइल फोन लेकर जाने पर रोक लगानी चाहिए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 7, 2020, 6:29 PM IST
  • Share this:
आईसीयू (ICU) यानि इंटेंसिव केयर यूनिट हर अस्पताल का एक बहुत ही महत्वपूर्ण और संवेदनशील वार्ड होता है. इस वार्ड में गंभीर मरीजों को चौबीस घंटे आधुनिक मशीनों और डॉक्टरों की देखरेख में रखा जाता है. आईसीयू में मरीजों को बैक्टीरिया और वायरस के इन्फेक्शन से बचाने के लिए रखा जाता है, ताकि मरीज जल्दी से जल्दी स्वस्थ हो सकें. आपने देखा हो कि आईसीयू का स्टाफ अलग होता है और उनका पहनावा भी अलग होता है. वार्ड में अंदर जाने के लिए मास्क और वार्ड की चप्पल पहनने के साथ ही दूसरी तरह की सावधानियों को बरता जाता है. यह सब इसलिये किया जाता है कि आईसीयू वार्ड में वायरस न पहुंच सके. अगर आप इस वार्ड में मोबाइल फोन लेकर जाते हैं, तो वैक्टीरिया इसके द्वारा भी आपके वार्ड में पहुंच सकते हैं.

क्या हो सकता है नुकसान
एबीपी न्यूज के अनुसार एक रिसर्च में सामने आया है कि अस्पतालों के ICU में मोबाइल लेकर जाना या यहां पर मोबाइल का प्रयोग करना मरीजों के लिये जानलेवा साबित हो सकता है. रिसर्च में कहा गया है कि इस खतरे के चलते डॉक्टरों और वार्ड को स्टाफ को आईसीयू में मोबाइल लेकर जाने पर रोक लगानी चाहिए.

इस रिसर्च में कुल 100 डॉक्टरों के मोबाइल फोन को चेक करने के लिए जमा कराया गया था. इनमें से 56 डॉक्टरों के मोबाइल फोन के कीपैड में बैक्टीरिया और वायरस मिले हैं. इनमें कई तरह के हानिकारक बैक्टीरिया थे और डराने वाली बात ये थी कि ज्यादातर बैक्टीरिया एंटी बायोटिक दवाओं से लड़ने की क्षमता बढ़ा चुके थे यानि उन पर कई एंटीबायोटिक दवाएं भी बेअसर थीं.
रिसर्च में क्या बात आई सामने


रिसर्च में बताया गया है कि मोबाइल को हाथ में पकड़ने और कान पर लगाने के दौरान शरीर का पसीना और गंदगी मोबाइल के की-पैड में जम जाती है. वहीं जब हम बात करते हैं तो मुंह से लार के छींटे मोबाइल पर गिरते हैं, जिससे बैक्टीरिया और वायरस को मोबाइल कीपैड और उसके गैप में पनपने का मौका मिल जाता है. अगर मोबाइल के कीपैड को साफ ना किया जाए तो बैक्टीरिया-वायरस के मामले में धीरे-धीरे ये टॉयलेट की सीट से भी ज्यादा गंदा हो जाता है. यही वजह है कि ICU में भर्ती मरीजों के लिये कोई भी मोबाइल बड़ा खतरा साबित हो सकता है.

यूरोप के कई देशों में है बैन
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यूरोप के देशों में अस्पतालों के आईसीयू में मोबाइल लेकर जाने पर पाबंदी है.कई हालांकि यहां पर बैक्टीरिया न फैले इस वजह से नहीं कई दूसरी वजहों से पाबंदी लगाई गई है. ये पाबंदी मोबाइल फोन से निकलने वाली तरंगों को लेकर लगाई गई है. यहां पर मोबाइल फोन के तरंगों के एक मीटर के दायरे में आने पर मेडिकल जांच की कई मशीनों में गड़बड़ियों की आशंका होती है. इसके कारण आईसीयू में फोन लेकर जाने पर पाबंदी है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading