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इंसुलिन का यह नया पैच करेगा डायबिटीज का इलाज आसान: शोध


Updated: February 12, 2020, 9:31 AM IST
इंसुलिन का यह नया पैच करेगा डायबिटीज का इलाज आसान: शोध
इंसुलिन पैच करेगा डायबिटीज का इलाज आसान

प्रमुख शोधकर्ता जेन गू ने कहा, हमारा मुख्य उद्देश्य मधुमेह से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर करना और जीवन की क्वालिटी में सुधार करना है.

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डायबिटीज के मरीजों की बॉडी में ग्लूकोज के लेवल को चेक करना और उसे कंट्रोल करना अब काफी आसान होगा. दरअसल, शोधकर्ताओं ने हाल में ही सिक्के के आकार का इंसुलिन डिलीवरी पैच बनाया है, जो डायबिटीज से परेशान मरीजों के शरीर में ग्लूकोज के बढ़ते लेवल की निगरानी करने और उसे नियंत्रित करने में मदद करेगा. यह पैच शरीर में मौजूद शुगर के स्तर को स्वयं मापकर इंसुलिन की डोज रिलीज करेगा जिससे शुगर का स्तर नियंत्रित रहेगा. जर्नल नेचर बायोमेडिकल इंजीनियरिंग में प्रकाशित शोध के अनुसार यह चिपकने वाला पैच एक छोटे सिक्के के आकार का है. इसे बनाना बेहद आसान है और एक पैच का इस्तेमाल एक ही दिन किया जाता है.

इंसुलिन शुगर के स्तर को रखता है मेंटेन:
यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलिना के शोधकर्ताओं ने कहा कि इंसुलिन नामक हार्मोन अग्नाशय में उत्पादित होता है और शरीर में शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है. यह खाद्य पदार्थों से शरीर को मिलने वाली ऊर्जा का मुख्य स्रोत है. दुनियाभर में 40 करोड़ लोग टाइप-1 और टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित हैं.

शोधकर्ताओं के अनुसार यह पैच रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार यह पैच रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करता है.


प्रमुख शोधकर्ता जेन गू ने कहा, हमारा मुख्य उद्देश्य मधुमेह से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य को बेहतर करना और जीवन की क्वालिटी में सुधार करना है. इस स्मार्ट पैच का इस्तेमाल करने से ब्लड में शुगर स्तर को मापने की, इंसुलिन का इंजेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ती है. यह आग्नाशय के कार्यों की नकल करता है और जरूरत के समय पर इंसुलिन रिलीज कर शर्करा के स्तर को नियंत्रित करता है.

शुगर लेवल करता है चेक:
शोधकर्ताओं के अनुसार यह पैच रक्त शर्करा के स्तर की निगरानी करता है. इसमें कई सूक्ष्म आकार की सुई लगी होती है, जिसमें इंसुलिन के डोज भरे रहते हैं. इन सुई की लंबाई एक मिलीमीटर होती है, जो दवा को तुरंत रिलीज कर रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती है.जब रक्त शर्करा का स्तर सामान्य हो जाता है तब पैच में मौजूद इंसुलिन के स्राव में भी कमी आ जाती है. इससे इंसुलिन के ओवरडोज का खतरा नहीं रहता. इंसुलिन के ओवरडोज से शर्करा का स्तर कम हो सकता है, इससे बेहोशी या कोमा का खतरा बढ़ जाता है.
ग्लूकोज की पहचान करने वाले पॉलीमर से बनाया पैच में मौजूद सुई को ग्लूकोज को पहचानने वाले पॉलिमर से बनाया गया है.
ग्लूकोज की पहचान करने वाले पॉलीमर से बनाया पैच में मौजूद सुई को ग्लूकोज को पहचानने वाले पॉलिमर से बनाया गया है.


ग्लूकोज की पहचान करने वाले पॉलीमर से बनाया पैच में मौजूद सुई को ग्लूकोज को पहचानने वाले पॉलिमर से बनाया गया है. एक बार त्वचा पर लगाए जाने पर यह सुई त्वचा में धंस जाती है और इस तरह यह रक्त में मौजूद शर्करा के स्तर की पहचान कर लेती है. जब भी शर्करा का स्तर बढ़ता है इंसुलिन रिलीज होने लगता है. शोधकर्ता रोबर्ट लैंगर ने कहा, मुझे खुशी है कि यह स्मार्ट इंसुलिन पैच प्रभावी साबित हुआ है और जल्द ही इसे इलाज में इस्तेमाल किया जा सकेगा.

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First published: February 12, 2020, 8:49 AM IST
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