Color Therapy: बॉडी को हेल्दी और मन को शांत रखने के लिए बेस्ट है कलर थेरेपी, जानिए इसके फायदे

कलर थेरेपी का लक्ष्य शारीरिक और मनोवैज्ञानिक असंतुलन को ठीक करना
कलर थेरेपी का लक्ष्य शारीरिक और मनोवैज्ञानिक असंतुलन को ठीक करना

Benefits of color therapy: यह थेरेपी शारीरिक और भावनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए विभिन्‍न रंगों के साथ की जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 29, 2020, 8:13 PM IST
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रंगों (Colors) से हमें खुशी (Happiness) मिलती है. रंग हमें और हमारे जीवन को खुशियां देते हैं. आपने आज तक वॉटर थेरेपी, म्यूजिक थेरेपी के बारे में सुना होगा, लेकिन क्या कभी कलर थेरेपी के बारे में सुना है. कलर थेरेपी (Color Therapy) के जरिए इंसान का मन और दिमाग दोनों ही शांत रहता है. यह थेरेपी शारीरिक और भावनात्मक समस्याओं को ठीक करने के लिए विभिन्‍न रंगों के साथ की जाती है. आइए आज जानते हैं क्या है कलर थेरेपी और क्या हैं इसके फायदे.

किस वजह से दी जाती है कलर थेरेपी? (Why color therapy done?)

मेडिकल की भाषा में कलर थेरेपी को क्रोमोपैथी, क्रोमोथेरेपी के नाम से भी जाना जाता है. डॉक्टरों के अनुसार इस थेरेपी में इंसान के शारीरिक और मनोवैज्ञानिक संतुलन को ठीक किया जाता है. जो लोग किसी कारणवश तनावग्रस्त होते हैं तो कलर थेरेपी उनके दिमाग को शांत करने और स्ट्रेस को कम करने में सहायक साबित हो सकती है.



क्यों किया जाता है कलर थेरेपी का इस्तेमाल? (What Is Color Therapy Used For?)
कलर थेरेपी का लक्ष्य शारीरिक और मनोवैज्ञानिक असंतुलन को ठीक करना है. उदाहरण के लिए, यदि आप तनावग्रस्त हैं, तो कलर थेरेपी आपको शांत करने में मदद कर सकती है ताकि आप अपने मनोवैज्ञानिक संतुलन को पुनः प्राप्त कर सकें. यदि आप उदास हैं, तो कलर थेरेपी का उपयोग आपको मज़बूत बनाने के लिए किया जा सकता है.

कलर थेरेपी के फायदे (Benefits of color therapy)

कलर थेरेपी में कुछ खास रंगों को ही शामिल किया जाता है. इस थेरेपी में हर रंग का एक विशेष महत्व है और इसके ढेर सारे फायदे भी हैं. कलर थेरेपी इंसान के अंदर शांति की भावना पैदा करती है. इसके साथ ही यह शरीर में ऊर्जा के प्रवाह को नियंत्रित करने में सहायक मानी जाती है.

हरा रंग (Green Color)

हरा रंग सभी रंगों में सबसे संतुलित माना जाता है. कलर थेरेपी में आमतौर पर हरे रंग को सबसे सुरक्षित रंग मानते हैं और आमतौर पर इसके साथ की इस थेरेपी की शुरुआत की जाती है. जब आप उदास, निराश महसूस कर रहे हों, तो हरा रंग आपकी मनोदशा में सुधार कर सकता है. हालांकि, शुद्ध हरे रंग का होना जरूरी है, क्योंकि हल्का हरा आपको चिंता में डाल सकता है.

लाल रंग (Red Color)

नारंगी की तुलना में लाल और भी अधिक उत्तेजक माना जाता है. यह वित्तीय स्वतंत्रता और भौतिक अस्तित्व जैसे भावनात्मक मुद्दों को प्रभावित करता है. इसका उपयोग ज्यादातर शारीरिक उपचार के लिए किया जाता है क्योंकि इसके भावनात्मक प्रभाव चरम पर हो सकते हैं. कलर थेरेपी में लाल रंग ब्लड सेल्स का निर्माण भी करता है. इस थेरेपी में लाल रंग का इस्तेमाल उन लोगों के लिए किया जाता है, जिनकी मानसिक स्थिति काफी गंभीर होती है.

पीला रंग (Yellow Color)

इस थेरेपी में पीला कलर बुद्धि और समझ को बढ़ाने का काम करता है. यह रंग आपको खुश महसूस करवा सकता है. यह आपकी बुद्धि और विवेक को सामने ला सकता है. हालांक बहुत ज्यादा उज्ज्वल पीलापन विश्वासघात, क्रूरता और छल के साथ जुड़ा हुआ है.

नीला रंग (Blue Color)

नीला एक ऐसा रंग है जिसे अतिरिक्त देखभाल के साथ उपयोग किया जाना चाहिए, क्योंकि यह आपकी ऊर्जा को झपकी दे सकता है. नीला रंग आपको अपनी भावनाओं को व्यक्त करने में मदद करता है. नीला एक ठंडा रंग है जिसका उपयोग आपको अधिक शांत और आराम करने में मदद करने के लिए किया जा सकता है. कलर थेरेपी में नीले रंग का इस्तेमाल पित्त और बुखार आदि समस्‍याओं से निपटने के लिए किया जाता है.

बैंगनी रंग (Purple Color)

कलर थेरेपी में बैंगनी रंग का इस्तेमाल ज्ञान को बढ़ावा देता है. बैंगनी सबसे दृढ़ता से सुंदरता, आध्यात्मिकता और आनंद के साथ जुड़ा हुआ रंग माना जाता है. कलर थेरेपी में इस कलर का उपयोग अक्सर माथे और गर्दन पर किया जाता है ताकि वे शांत रहें और विश्राम की भावनाओं को समझ सकें.

 

 
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.


 
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