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प्रेग्नेंसी में कोरोना का मां और बच्चे पर पड़ता है अलग-अलग प्रभाव - स्टडी

प्रेग्नेंसी में कोरोना का मां और बच्चे पर पड़ता है अलग-अलग प्रभाव - स्टडी

एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण प्रेग्नेंट महिला और बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ता है. फोटो-shutterstock

एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण प्रेग्नेंट महिला और बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ता है. फोटो-shutterstock

Corona During Pregnancy : अब प्रेग्नेंसी के दौरान कोरोना संक्रमित होने वाली महिलाओं और उनके बच्चों से जुड़ी एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण प्रेग्नेंट महिला और बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ता है. स्टडी के मुताबिक कोविड संक्रमण प्रेग्नेंट महिला के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और बिना लक्षण वाली व गंभीर रूप से संक्रमित महिलाओं का इम्यून सिस्टम (Immune System) भी अलग प्रतिक्रियाएं देता हैं.

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    Corona During Pregnancy :  पिछले दो सालों से पूरी दुनिया को प्रभावित करने वाले कोरोना वायरस संक्रमण पर कई देशों में अलग-अलग स्टडीज अभी भी जारी है. अब प्रेग्नेंसी के दौरान कोरोना संक्रमित होने वाली महिलाओं और उनके बच्चों से जुड़ी एक रिसर्च में दावा किया गया है कि कोरोना संक्रमण प्रेग्नेंट महिला और बच्चे की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ता है. स्टडी के मुताबिक कोविड संक्रमण प्रेग्नेंट महिला के इम्यून सिस्टम को कमजोर कर देता है और बिना लक्षण वाली व गंभीर रूप से संक्रमित महिलाओं का इम्यून सिस्टम (Immune System) भी अलग प्रतिक्रियाएं देता हैं.

    क्लीवलैंड क्लीनिकल ग्लोबल सेंटर फॉर पैथोजन एंड ह्यूमन हेल्थ रिसर्च (Cleveland Clinical Global Center for Pathogen and Human Health Research) द्वारा की गई इस स्टडी को सेल रिपो‌र्ट्स मेडिसिन (cell reports medicine) नामक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित किया गया है. क्लीवलैंड क्लीनिकल ग्लोबल सेंटर निदेशक जे. जंग (Jea Jung) ने कहा, ‘हम जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान कोविड संक्रमण से महिलाओं के लिए खतरा बढ़ जाता है. लेकिन हम गर्भ में पल रहे बच्चे से जुड़े रिस्क के लंबे समय बाद आने वाले नतीजों के बारे में जितना जानना चाहिए उससे कम जानते हैं.’

    जे. जंग (Jea Jung) ने आगे बताया, ‘इसलिए इस स्टडी में इस बात पर गौर किया गया है कि प्रेग्नेंट होने के बाद समय-समय पर जांच से किस तरह से गर्भ में पल रहे बच्चे में अनपेक्षित (unexpected) संक्रमण के खतरे का पता लगाकर उसे रोका जा सकता है.’

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    इस तरह की गई स्टडी
    इस स्टडी में रिसर्चर्स ने 93 माताओं व उनमें से 45 के बच्चों को शामिल किया जो कोरोना संक्रमण की चपेट में आ चुके थे. टीम ने ब्लड से लिए गए साइटोकिन (Cytokines) व अन्य इंफ्लेमेट्री प्रोटीन (Inflammatory Proteins) की 1,400 से अधिक इम्यून प्रोफाइल की स्टडी की. रिसर्चर्स ने माताओं के कोरोना संक्रमित होने के शुरुआती दौर के ब्लड सैंपल और प्रेग्नेंसी के दौरान अन्य समय के सैंपल की तुलना की. इससे पता चला कि किस तरह मां से गर्भ में पल रहे बच्चे में संक्रमण फैलता है.

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    अभी भी कम नहीं हो रहे हैं कोरोना के मामले
    आपको बता दें कि दुनिया के कई देशों में अभी भी कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं. हाल ही में डब्ल्यूएचओ (WHO) ने बताया कि यूरोप क्षेत्र में पिछले हफ्ते कोरोना के मामलों में 11 फीसद की बढ़ोतरी हुई है. यह एक मात्र ऐसा क्षेत्र है, जहां अक्टूबर मध्य से मामलों में वृद्धि का अभी भी सिलसिला जारी है.

    Tags: Coronavirus, Health News, Lifestyle, Women Health

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