Corona Warrior: 37 वर्षीय डॉक्टर ने अपना ऑक्सीजन सपोर्ट देकर दूसरे मरीज की बचाई जान

37 वर्षीय डॉक्टर संकेत मेहता को ऑक्सीजन की कमी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद आईसीयू में भर्ती करवाया गया था. 
37 वर्षीय डॉक्टर संकेत मेहता को ऑक्सीजन की कमी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद आईसीयू में भर्ती करवाया गया था. 

37 वर्षीय एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर संकेत मेहता (Dr. Sanket Mehta) ने 70 वर्षीय मरीज दिनेश पुराणी की जिंदगी उस वक्त बचाई जब मेहता खुद आईसीयू (ICU) में भर्ती थे और अपना इलाज करा रहे थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 4:27 PM IST
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कोरोना (Corona) संकट के दौर में कई ऐसे किस्से सामने आ रहे हैं जिन्होंने इंसानियत की एक नई मिसाल पेश की है. देश ने ऐसे कई करोना वॉरियर्स (Corona Warriors) को देखा है जिन्होंने खुद की जान जोखिम में डालकर दूसरे की जान बचाई है. एक ऐसा ही मामला गुजरात (Gujarat) के सूरत (Surat) से सामने आया है. यहां के एक डॉक्टर ने कोरोना संक्रमित होने के बावजूद खुद की चिंता न करते हुए एक बुजुर्ग की जिंदगी बचाई है. दरअसल 37 वर्षीय एनेस्थेटिस्ट डॉक्टर संकेत मेहता ने 70 वर्षीय मरीज दिनेश पुराणी की जिंदगी उस वक्त बचाई जब मेहता खुद आईसीयू में भर्ती थे और अपना इलाज करा रहे थे. अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक पुराणी की इंटुबैषेण (सांस की तकलीफ दूर करने के लिए श्वास नली के रास्ते अंदर पाइप डालना) तीन मिनट के अंदर करना था वरना उनके दिमाग को बड़ा नुकसान पहुंच जाता.

अडाजन के बाप्स अस्पताल में कोरोना से संक्रमित 37 वर्षीय डॉक्टर संकेत मेहता को ऑक्सीजन की कमी और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत के बाद आईसीयू में भर्ती करवाया गया था. बाप्स अस्पताल की ओर से बताया गया कि इंटुबैषेण का काम सिर्फ एक एनेस्थेटिस्ट ही कर सकता है. ऐसे में उस दिन 70 वर्षीय मरीज को आपातकालीन स्थिति में इंटुबैषेण के लिए आईसीयू में लाया गया था.

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हालांकि डॉक्टर्स को कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इलाज से पहले पीपीई किट पहनना पड़ता है, ऐसे में उन्हें 15-20 मिनट का समय लगता, ऐसे में मरीज के साथ कोई भी अप्रिय घटना घट सकती थी. उसी दौरान ऑक्सीजन के सहारे आईसीयू में लेटे डॉ संकेत मेहता ने मरीज को देखा और स्थिति को समझते हुए खुद का ऑक्सीजन मास्क हटा दिया और उठकर मरीज का तुरंत इंटुबैषेण किया.
अस्पताल के स्वस्थ्यकर्मियों के मुताबिक अचानक से डॉक्टर मेहता को इलाज करते देख हर कोई हैरान रह गया था. उधर अस्पताल ने बताया है कि इंटुबैषेण के बाद दिनेश पुराणी की स्थिति स्थिर है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं. वहीं डॉक्टर मेहता जो पिछले दस दिन से कोरोना का इलाज करवा रहे हैं, वह कमजोरी की वजह से फिलहाल बोलने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें हर एक मिनट में छह लीटर ऑक्सीजन की जरूरत होती है.
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