Corona virus: हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स के लिए वीडियो कंसल्टेंसी का विकल्‍प चुनें, मगर अपनाएं ये तरीका

Corona virus: हेल्‍थ प्रॉब्‍लम्‍स के लिए वीडियो कंसल्टेंसी का विकल्‍प चुनें, मगर अपनाएं ये तरीका
वीडियो कंसल्‍टेंसी के जरिये इलाज चाहते हैं, तो कुछ बातों का रखें ध्‍यान.

अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मगर कोरोना वायरस (Coronavirus) का खतरा अब भी बना हुआ है. ऐसे में बड़ी दिक्‍कत उन मरीजों के सामने हैं जो अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याओं (Health Problems) से पीड़ित हैं. यही वजह है कि लोग वीडियो कंसल्‍टेंसी (Video Consultancy) का सहारा ले रहे हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 3, 2020, 10:22 AM IST
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कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण के मद्देनजर लॉकडाउन (Lockdown) में रहते हुए काफी समय बीत चुका है. हालांकि अब अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया शुरू हो गई है. मगर संक्रमण (Infection) का खतरा अब भी टला नहीं है. यही वजह है कि लोग अपनी अन्‍य स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी (Health Problems) समस्‍याओं के लिए भी अस्‍पताल जाने से बच रहे हैं. क्‍योंकि इससे भी खतरे का अंदेशा है. ऐसे में लोग वीडियो कंसल्टेंसी का तरीका अपना रहे हैं. लोगों को सहूलियत देते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय (Ministry of Health) ने भी कुछ गाइड लाइंस के साथ डॉक्टर्स को इस बात की अनुमति दे दी है कि वे अपने मरीजों को ऑनलाइन या वीडियो कंसल्टेंसी (Video Consultancy) का सहारा ले रहे हैं. दे सकते हैं. अगर आप भी वीडियो कंसल्‍टेंसी के जरिये अपना इलाज चाहते हैं, तो आपको कुछ बातों का ध्‍यान रखना बहुत जरूरी हैं.

पहले यह जान लें कि वीडियो कंसल्‍टेंसी किन हालात में फायदेमंद है. ऐसे में थायरॉयड, हाई ब्‍लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्याओं से पीड़ित मरीज इसका सहारा ले सकते हैं.

इसके अलावा पाचन संबंधी समस्‍याओं, ज्‍वाइंट पेन आदि से पीड़ित लोग भी इसके जरिये परामर्श ले सकते हैं.



अगर आप अपने फैमिली डॉक्‍टर के अलावा अन्‍य कोई डॉक्‍टर ढूंढ़ रहे हैं तो इसके लिए किसी रजिस्‍टर्ड ऐप या वेबसाइट की मदद से अपने मुताबिक डॉक्‍टर चुन सकते हैं और उनकी योग्‍यता आदि के बारे में भी जान सकते हैं.
इन बातों का रखें ध्‍यान

अगर आपके मरीज को किसी दवा से एलर्जी है तो यह डॉक्‍टर को जरूर बताएं. साथ ही मरीज की उम्र, उनकी मेडिकल हिस्‍ट्री को भी डॉक्‍टर को बताना जरूरी है. इससे इलाज में आसानी होगी.

अगर दिल से जुड़ी समस्‍याओं के लिए डॉक्‍टर से संपर्क कर रहे हैं तो उनकी अन्‍य जांच रिपोर्ट आदि डॉक्‍टर को पहले से ही व्‍हाट्सएप कर दें. तब डॉक्टर से सलाह लेना आसान होगा.

जब आप अपने डॉक्‍टर के साथ ऑनलाइन वीडियो पर जुड़ रहे हों तो बच्‍चों और बुजुर्गों के मामले में बात करने से पहले उनकी समस्‍याएं समझ लें और किसी कागज पर नोट भी करलें, ताकि जब आप डॉक्‍टर से जुड़ें तो इनकी पूरी समस्‍या उन्‍हें बता सकें.

जब मरीज को असहनीय दर्द हो, प्रेग्नेंसी से जुड़ी कोई दिक्‍कत हो तब ऐसी स्‍वास्‍थ्‍य समस्याओं की जांच के लिए मरीज का डॉक्‍टर के सामने मौजूद रहना जरूरी हो जाता है. इस स्थिति में डॉक्‍टर से फोन पर संपर्क करें और मिलने का समय लेकर मरीज को दिखाने चले जाएं.

यह भी है जरूरी 

ऑनलाइन वीडियो कंसल्‍टेंसी के लिए उन्‍हीं डॉक्टर को चुनें जिनसे आपका या आपके घर के मरीज का इलाज होता आया है. इससे डॉक्‍टर को मरीज की स्थिति समझने में और आपको बताने में आसानी होती है. कम से कम बच्चों और बुजुर्गों के मामले में तो ऐसा ही करें और बहुत जरूरी होने पर ही अन्‍य डॉक्‍टर से संपर्क करें.
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अगर डॉक्‍टर से मिलने जा रहे हैं, तो पहले से ही दिन, समय ले लें और घर से थोड़ा पहले निकलें. ताकि आप समय पर डॉक्‍टर के पास पहुंच जाएं और आपको वहां बैठ कर इंतजार भी न करना पड़े.

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डॉक्‍टर से ऑनलाइन संपर्क से पहले मरीज से संबंधित हर बात नोट करके रख लें. जिस मरीज को दिखाना है, अगर वह शुगर और ब्‍लडप्रेशर का मरीज है, तो उसके शुगर लेवल और बीपी की जांच पहले से कर लें. ताकि जब डॉक्‍टर से ऑनलाइन जुड़ें तो बताने में ज्‍यादा समय न लगे.

अगर दिल से जुड़ी समस्‍याओं के लिए डॉक्‍टर से संपर्क कर रहे हैं तो उनकी अन्‍य जांच जो हो चुकी हों, उनकी रिपोर्ट सामने रख लें या इसे व्‍हाट्सएप कर दें. तब डॉक्टर से सलाह लेना आसान होगा.
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