Coronavirus: बच्चों का कैसे रखें ख्याल, पैरेंट्स अपनाएं ये गाइडलाइंस

Coronavirus: बच्चों का कैसे रखें ख्याल, पैरेंट्स अपनाएं ये गाइडलाइंस
पैरेंट्स को चाहिए कि बच्चों के लिए घर का एक करिकुलम (पाठ्यक्रम) बना लें.

डॉक्टरों की मानें तो बच्चों को इसलिए सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि उनकी इम्युनिटी (Immunity) पावर कम होती है. ऐसे में बच्चों को बाहर जाने से रोकने के लिए पैरेंट्स (Parents) को कुछ तरीके अपनाने की जरूरत है.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की गाइडलाइन (Guideline) के मुताबिक 10 साल से कम उम्र के बच्चों को कोरोना वायरस (Coronavirus) का खतरा ज्यादा है. गाइडलाइन में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसे बच्चों को घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए. डॉक्टरों की मानें तो बच्चों को इसलिए सबसे ज्यादा खतरा है क्योंकि उनकी इम्युनिटी (Immunity) पावर कम होती है. ऐसे में बच्चों को बाहर जाने से रोकने के लिए पैरेंट्स (Parents) को कुछ तरीके अपनाने की जरूरत है. बच्चों को सही से गाइड करने की जरूरत है. आइए जानते हैं बच्चों को कैसे करें गाइड.

बच्चों को गाइड कैसे करें?

बच्चों को गाइड करने के लिए पैरेंट्स ोक कुछ खास टिप्स अपनाने पड़ेंगे. इन टिप्स की मदद से ही बच्चे घर में रहेंगे और कोरोना से बच सकेंगे. आइए जानते हैं कौन से हैं वो टिप्स...



बच्चों को घर में फिट कैसे रखें?



लॉकडाउन 4 के खत्म होने के बाद अनलॉक-1 शुरू हो गया है. हालांकि अभी भी ज्यादातर राज्यों में पार्क और स्कूल बंद हैं. ऐसे में ज्यादातर बच्चों का वक्त घरों में ही बीत रहा है. पैरेंट्स बच्चों को लेकर बाहर नहीं निकल पा रहे हैं. ऐसे में पैरेंट्स के सामने सबसे बड़ा सवाल ये है कि वह बच्चों को किस तरह पॉजिटिव और फिट रख सकते हैं. डॉक्टरों का मानना है कि पैरेंट्स को चाहिए कि बच्चों के लिए घर का एक करिकुलम (पाठ्यक्रम) बना लें. इसमें तय करें कि कौन से ऐसे काम हैं जो बच्चों को सीखाने चाहिए. इसके कुछ तरीके ऐसे हो सकते हैं.

सामान्य ज्ञान बढ़ाएं
पैरेंट्स ये तय कर सकते हैं कि बच्चे इस वक्त कौन सा सीरियल या कौन सा टीवी प्रोग्राम देखें ताकि उनका सामान्य ज्ञान बढ़ सके. इसके लिए पैरेंट्स को अच्छा रिसर्च करना चाहिए. आजकल बहुत से ऐसे चैनल हैं, जिसके जरिए बच्चे घर पर बैठकर अपना नॉलेज बढ़ा सकते हैं जैसे कि नेशनल जियोग्रॉफी, डिस्कवरी. कई बार ऑफिस के काम के चलते पैरेंट्स के पास बच्चों के लिए समय नहीं होता है, ऐसे में वह बच्चों को ऐसे चैनल देखने के लिए बोलकर उनका ज्ञान बढ़ाने में मदद कर सकते हैं.

बच्चों की स्ट्रेंथ मजबूत करें
बच्चों को घर में रोजमर्रा के काम का हिसाब रखने के लिए बोलें. इससे उनकी स्ट्रेंथ मजबूत होगी. इसके लिए पहले उन्हें एक कॉपी-पेन दें, फिर बोलें कि घर में रोज क्या-क्या सामान आ रहा है, कितने रुपए का आ रहा है इसका हिसाब रखें. इस तरह से एक महीने का कितना खर्च आ रहा है, साल का कितना आ रहा है, इसका हिसाब करें. इससे बच्चों में सेंस ऑफ वैल्यू का एहसास होगा.

बच्चों में बचत का सेंस डेवलप करें
बच्चे मैगी, बिस्कुट्स, टॉफी, चॉकलेट खाते रहते हैं. इसलिए बच्चों की पसंद का सामान उन्हें खरीदकर दें. फिर बच्चों को बोलें, यह तुम्हारा सामान है, इसे तुम्हें महीने भर चलाना होगा. इससे उनमें बचत का सेंस तैयार होगा.

बच्चों में फैमिली वैल्यू बढ़ाएं
यह समय ऐसा है, जब बच्चों के अंदर फैमिली वैल्यू को बढ़ाया जा सकता है. इस वक्त यदि आप पूरे परिवार के साथ सुबह-शाम चाय-कॉफी पी रहे हैं, तो बच्चे को भी साथ लेकर बैठें. उन्हें चाय की जगह दूध या गर्म पानी गें. इससे बच्चे में फैमिली के लिए इमोशनल भाव विकसित होगा. पैरेंट्स अपने बचपन की गलतियों को भी बच्चों के साथ शेयर कर सकते हैं. बच्चों को भाई-बहनों, दादा-दादी, घर-परिवार की कहानियां बता सकते हैं. इससे उन्हें सही गलत का एहसास होगा.

बच्चों को अपने में रहने देना चाहिए
अपने आप के साथ समय बिताना भी एक कला है. इसे हर इंसान को सीखना चाहिए. इसलिए कोशिश करें कि यह मत कहें कि बच्चा बोर हो रहा है. बोरियत से क्रिएटिविटी आती है. इसलिए बच्चों को अपने में रहने देना चाहिए, बोर होने देना भी जरूरी है. जब वो बोर होंगे, तो थक जाएंगे, तब जाकर वह एक टूटे हुए खिलौने की एहमियत समझ पाएंगे. खुद के साथ टाइम स्पेंड करना, कल्पना करने से क्रिएटिविटी आती है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.
First published: June 2, 2020, 4:17 PM IST
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