COVID-19 Symptoms in Kids: बच्चों में दिखें कोरोना संक्रमण के ये लक्षण तो ऐसे करें बचाव

बच्चे को है कोरोना तो ऐसे करें हिफाज़त (credit: shutterstock/FamVeld)

बच्चे को है कोरोना तो ऐसे करें हिफाज़त (credit: shutterstock/FamVeld)

COVID-19 Symptoms in Kids: कोविड-19 के शिकार बच्चों में बुखार और गेस्ट्रोइंटेराइटिस के लक्षण भी देखने में आ रहे हैं. आइए जानते हैं बच्चों में कोरोना (Coronavirus) के लक्षण और किस तरह से उनकी देखभाल करनी है..

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 16, 2021, 5:24 PM IST
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COVID-19 Symptoms in Kids: कोविड-19 की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है. कोरोना अब आम लोगों के बीच भी काफी तेजी से फ़ैल रहा है. बड़ों के साथ बच्चे भी इसका शिकार हो रहे हैं. व्यस्क लोगों में जहां कोरोना की वजह से काफी ज्यादा बीमारी फ़ैल रही हैं वहीं कुछ बच्चों में संक्रमण के बाद भी वो बड़ों की तरह बीमारी नहीं पड़ जाती और कुछ में तो कोरोना वायरस के लक्षण तक नहीं नज़र आते हैं. हालांकि ये दूसरी लहर बच्चों के लिए भी काफी भारी साबित हो रही है. कोविड-19 का शिकार बच्चों में बुखार और गेस्ट्रोइंटेराइटिस के लक्षण भी देखने में आ रहे हैं. हेल्थ वेबसाइट मायो क्लिनिक के अनुसार आइए जानते हैं बच्चों में कोरोना के लक्षण और किस तरह से उनकी देखभाल करनी है..

बच्चों में COVID-19 के लक्षण:

COVID-19 में बच्चे और वयस्क कुछ समान लक्षण भी महसूस करते हैं जैसे हरारत और ठण्ड महसूस होना. कई बच्चे तो एक से दो सप्ताह में ठीक हो जाते हैं. कोरोना के संभावित लक्षणों में शामिल हो सकते हैं:

बुखार या ठंड लगना
बहती नाक

खांसी

गले में खरास



सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई

थकान

सरदर्द

मांसपेशियों में दर्द या शरीर में दर्द

मतली या उलटी

दस्त

डायरिया, भूख कम लगना

स्वाद या सूंघने की क्षमता घटना

पेट दर्द

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अगर आपको लगता है कि आपके बच्चे में कोविड-19 के लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो बिना देर किए डॉक्टर को कॉल करें. अपने बच्चे को घर के किसी एक कमरे में रखें और घर के बाकी सदस्यों से दूर रखें. हालांकि उसकी देखभाल करने वाले मेडिकल स्टाफ को छोड़कर. अगर संभव हो सके तो बच्चे को बाथरूम से अटैच कमरे में रखें और बाकी अन्य सदस्यों के लिए एक अलग बाथरूम रखें. सीडीसीआर, विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा कोरोना के सन्दर्भ में दिए गए निर्देशों मसलन क्वारंटाइन और आसोलेशन का पूरी तरह से पालन करें.

COVID ​​-19 के लिए नोज़ल स्वैब टेस्ट होता है. जिसमें स्वैब नाक में डाला जाता है. इसके लिए अपने बच्चे को पहले से ही मानसिक तौर पर तैयार करें ताकि ऐन समय पर वो ज्यादा स्ट्रेस ना ले. ऐसे में जब उसका कोविड टेस्ट होगा तो वो भी टेस्ट में सपोर्ट करेगा .
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