Covid-19: कोरोना काल में बच्‍चों से जुड़ी परेशानियों पर यूनिसेफ ने दिए 5 सुझाव

कोरोना काल में बच्‍चों पर पड़ रहे असर को देखते हुए उनका ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत है.
कोरोना काल में बच्‍चों पर पड़ रहे असर को देखते हुए उनका ज्‍यादा ध्‍यान रखने की जरूरत है.

कोरोना महामारी (Corona Epidemic) के दौर में बच्‍चे लंबे समय से बाहरी दुनिया से दूर हैं. यहां तक कि वे घरों पर रह कर ही ऑनलाइन पढ़ाई (Online Study) कर रहे हैं. ऐसे में उनको मानसिक तौर पर स्‍वस्‍थ रखने के लिए यूनिसेफ (Unicef) ने कुछ सुझाव दिए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 29, 2020, 4:02 PM IST
  • Share this:
कोविड -19 (Covid 19) महामारी ने वैश्विक स्तर पर लोगों को प्रभावित किया है और साथ ही इसने उनके दैनिक जीवन को अस्त-व्यस्त किया है. स्कूल के बंद होने, सुदूर इलाके से काम करने और सामाजिक दूरी के कारण माता-पिता के लिए जीवन बहुत अधिक जटिल हो गया है कि वे अपने बच्चों के अध्ययन की व्यस्तता को कैसे नेविगेट कर सकें. यूनिसेफ (UNICEF) के ग्लोबल चीफ ऑफ एजुकेशन आपके बच्चों को शिक्षा से जुड़े और उनके दैनिक जीवन में संतुलन बहाल करने में मदद करने के लिए पांच सुझाव दिए हैं.

दिनचर्या की योजना बनाना
ऐसी दिनचर्या बनाएं, जो आपके बच्चे के लिए एक निश्चित समय निर्धारित करती हो. जिसमें अध्ययन समय, प्ले-टाइम, झपकी समय (Nap time) और ऑनलाइन समय जैसी सभी गतिविधियां शामिल हो. अपने बच्चों को सीखाने की प्रक्रिया के रूप में रोजमर्रा की गतिविधियों का उपयोग करें. इस महामारी के समय बच्चों और युवाओं के लिए दैनिक दिनचर्या और संरचना बनाना बेहद महत्वपूर्ण है. योजना बनाएं और उन्हें घर के कामों में शामिल करें.

ये भी पढ़ें - बच्चों के दांत से काटने की आदत होगी दूर, फॉलो करें ये टिप्‍स
खुली बातचीत करें


अपने बच्चों को सवाल पूछने और अपनी भावनाओं को आपके साथ व्यक्त करने के लिए प्रोत्साहित करें. आपको धैर्य और समझदारी रखनी होगी, क्योंकि तनाव और अन्य भावनाओं के लिए उनकी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं हो सकती हैं. महामारी के बाद स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में बात करना भी एक अच्छी बातचीत हो सकती है. सबसे महत्वपूर्ण बात, उन्हें फर्जी खबरों के बारे में आगाह करें और उन्हें बताएं कि जब भी उन्हें जरूरत हो या जब भी संदेह हो, आपसे बात करें.

पर्याप्त समय लें
उन्हें ठीक से और उत्तरोत्तर रूप से सीखने के लिए एक छोटा सत्र बनाएं. शिक्षण को अधिक मजेदार और दिलचस्प बनाने के लिए ऑफ़लाइन गतिविधियों के साथ ऑनलाइन का भी सहारा लें.

ये भी पढ़ें -Irritable Bowel Syndrome: जानिए क्‍या है इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, कैसे मिलेगी इस दर्द से राहत

ऑनलाइन बच्चों की सुरक्षा करें
डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म बच्चों को अपने दोस्तों के साथ सीखने और उनके साथ समय बिताने के लिए एक शानदार अवसर प्रदान करता है. हालांकि ऑनलाइन सामग्री तक पहुंच बढ़ाना उनकी सुरक्षा, संरक्षण और गोपनीयता के लिए जोखिम हो सकता है. विशेष रूप से छोटे बच्चों के लिए. उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को नेविगेट (Navigate) करने के लिए उनके उपकरणों पर माता-पिता का नियंत्रण स्थापित रहना जरूरी हैं. ऑनलाइन कक्षाओं और सत्रों के बारे में अपने स्कूल के शिक्षकों से जांच करें.

अपने बच्चों के स्कूलों के संपर्क में रहें
नई सीखने की प्रक्रिया और गतिविधियों से अवगत रहने के लिए अपने बच्चों के शिक्षक या स्कूल के संपर्क में रहें. अभिभावक समूह (Parent Groups) और समुदाय समूह (Community Groups) अपने बच्चे के घर-स्कूलिंग के साथ एक-दूसरे का समर्थन करने के लिए उनसे सवाल पूछें और शिक्षकों से अधिक मार्गदर्शन प्राप्त करें.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज