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होम आइसोलेशन के दौरान अपने पास रखें ये चीज नहीं तो मुसीबत में पड़ सकती है जान: शोध

होम आइसोलेशन के दौरान व्यक्ति को अपने पास ये उपरण रखना चाहिए.

होम आइसोलेशन के दौरान व्यक्ति को अपने पास ये उपरण रखना चाहिए.

एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों ने एक शोध (Research) में बताया है कि कोविड- 19 के कारण होम क्वरांटीन (Home Quarantine) मरीजों को अपने पास पल्स ऑक्सीमीटर (Pulse Oximeter) रखना चाहिए. इससे आप आक्सीजन का स्तर नाप सकते हैं. आक्सीजन का स्तर कम होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.

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    देश में कोरोना (corona) के मरीजों की संख्या रोज बढ़ रही है, लेकिन दिल्ली (Delhi) में कोरोना के मरीजों का ग्राफ घटता जा रहा है. दिल्ली के मुख्यमंत्री कह चुके हैं कि कोरोना से लड़ाई के लिए उन्होंने खास रणनीति (Policy) बनाई है. दस अगस्त तक दिल्ली में कोरोना के 10,000 से अधिक एक्टिव मामले हैं. वहीं 4,098 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है. आज दिल्ली में होम आइसोलेशन (Home Isolation) में 5,372 लोग रह रहे हैं. यह कोरोना वायरस के एक्टिव मामलों का लगभग 50 प्रतिशत है.

    जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिख रहे हैं उनको घर पर ही होम क्वारंटीन किया गया है. उनको कई तरह की दवाइयां दी जा रही हैं. होम आइसोलेशन के दौरान लोगों का इलाज किस तरह होना चाहिए इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों ने कुछ खास तरीकों के बारे में बताया है. एक्सपर्ट्स ने कहा है कि होम आइसोलेशन में रहने वाले लोगों को घर में ऑक्सीजन सिलेंडर रखना चाहिए. ऐसा करने से संभावित खतरों को टाला जा सकता है.

    एम्स की 'हैप्पी हाइपोक्सिया' केस स्टडी क्या कहती है
    ऑनली हेल्थ की खबर के अनुसार COVID-19 पर नेशनल क्लिनिकल ग्रैंड राउंड्स के एक इंटरैक्टिव सत्र में दिल्ली स्थित AIIMS के चिकित्सा विशेषज्ञों ने होम क्वारंटीन कोरोना रोगियों के लिए उपचार के तरीकों पर चर्चा की. यहां पर डॉक्टरों ने बुखार, गले में खराश और सांस फूलने की शिकायत वाली 35 वर्षीय महिला की केस स्टडी को साझा किया. महिला को तब अस्पताल ले जाया गया जब उसका ऑक्सीजन लेवल 67 प्रतिशत तक गिर गया था. बाद में महिला कोरोना पॉजिटिव मिली.

    कम ऑक्सीजन लेवल है खतरनाक
    विशेषज्ञों ने बताया कि हैप्पी हाइपोक्सिया या साइलेंट हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है, जब किसी कोविड-19 रोगी को बिना किसी खास परेशानी महसूस हुए उसका ब्लड ऑक्सीजन स्तर असामान्य रूप से कम होने लगता है. उन्होंने कहा कि महिला का ऑक्सीजन लेवल खतरनाक रूप से निम्न स्तर तक गिर गया था, लेकिन उसे सांस लेने में तकलीफ या सांस की समस्याओं के कोई अन्य स्पष्ट लक्षण महसूस हुए.

    होम क्वरांटाइन में मरीजों को अपने पास रखना चाहिए पल्स ऑक्सीमीटर
    एम्स के चिकित्सकों ने कहा कि कोविड-19 रोगियों को होम क्वारंटीन होने पर पल्स ऑक्सीमीटर पर अपने पास रखना चाहिए. क्योंकि कब ऑक्सीजन का लेवल कम होने लगे पता नहीं. आक्सीजन का लेवल कम होने से जान भी जा सकती है. अगर ऑक्सीजन लेवल को मापने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का उपयोग कर रहे हैं, तो 95 SpO2 के नीचे किसी भी रीडिंग को कम और असामान्य माना जाता है. अगर आपका लेवल 93 SpO2 से कम हो जाता है, तो भी आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए. पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से अपने ऑक्सीजन लेवल को मापने का सही तरीका सीखना भी महत्वपूर्ण है ताकि आप गलत माप पर भरोसा न करें.

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