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कामाख्या देवी में आज से अंबुवाची मेले के लिए दुनिया भर से जुटे तांत्रिक, जानें हैरान करने वाला रहस्य

News18Hindi
Updated: June 22, 2019, 4:21 PM IST
कामाख्या देवी में आज से अंबुवाची मेले के लिए दुनिया भर से जुटे तांत्रिक, जानें हैरान करने वाला रहस्य
कामाख्या देवी मंदिर अंबुवाची मेला रहस्य

कामाख्या देवी मंदिर को लेकर ये मान्यता प्रचलित है कि अंबुवाची मेले के दौरान 3 दिन के लिए मंदिर के दरवाजे अपने आप बंद हो जाते हैं क्योंकि इस दौरान मां को पीरियड्स होते हैं...

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असम के गुवाहाटी में स्थित कामाख्या देवी मंदिर माता सती के 51 शक्तिपीठों में से एक है. इसे लेकर कई रहस्मय बातें और चमत्कार परचित हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि देवी कामाख्या को पीरियड्स होते हैं. देवी पुराण के मुताबिक़, भगवान शिव जब सती का शव लेकर वायु मार्ग से जा रहे थे तब उनके शरीर के कुछ हिस्से रास्ते में गिर गए थे. जिस जगह पर सती की योनि गिरी थी आगे जाकर वहां कामाख्या देवी के शक्तिपीठ का निर्माण हुआ. 22 जून से देवी के मंदिर में अम्बुवाची मेले की शुरुआत हो चुकी है. दूर दूर से तांत्रिक यहां तंत्र साधना करने आते हैं. ये मेला 3 दिन तक चलता है. ऐसा माना जाता है कि इस समय मंदिर के द्वार अपने आप ही बंद हो जाते हैं. इसके पीछे को वजह है वह बेहद दिलचस्प है. आइए जानते हैं मंदिर से जुड़ी रोचक बातें.

(AP Photo/ Anupam Nath)


कामाख्या देवी मंदिर को लेकर ये मान्यता प्रचलित है कि अंबुवाची मेले के दौरान 3 दिन के लिए मंदिर के दरवाजे अपने आप बंद हो जाते हैं क्योंकि इस दौरान मां को रजस्वला (पीरियड्स) होते हैं.



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आज रात 9 बजकर 27 मिनट 54 सेकंड्स पर देवी मां को पीरियड्स शुरू होने के साथ ही मंदिर के दरवाजे बंद हो जाएंगे. वहीं, 26 जून को प्रातः 7 बजकर 51 मिनट 58 सेकंड पर देवी को पीरियड्स बंद होने के बाद ही मंदिर के कपाट खुलेंगे.

(AP Photo/ Anupam Nath)
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इस मंदिर में प्रसाद के रूप में भक्तों को माता के पीरियड्स वाला गीला कपड़ा दिया जाता है. इसे अंबुवाची वस्त्र कहा जाता है.

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First published: June 22, 2019, 12:38 PM IST
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