Home /News /lifestyle /

lucknow forest department will plant 36 lakh medicinal plants to bring greenery

लखनऊ:-हरियाली लाने के लिए 36 लाख औषधीय पौधों को लगाएगा वन विभाग

X

लखनऊ:-खत्म होने की कगार पर पहुंच चुके पौधे जो पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त कराते हैं और लोगों के लिए स्वस्थ वातावरण उत्पन्न करते हैं.उन पौधों को बचाने के लिए वन विभाग इस साल वर्षा काल के दौरान जुलाई से लेकर अगस्त के बीच उनको रोपित करेगा.इस साल वर्षा काल के दौरान वन विभाग

अधिक पढ़ें ...

    रिपोर्ट:अंजलि सिंह राजपूत,लखनऊ

    लखनऊ:-खत्म होने की कगार पर पहुंच चुके पौधे जो पर्यावरण को प्रदूषण से मुक्त कराते हैं और लोगों के लिए स्वस्थ वातावरण उत्पन्न करते हैं.उन पौधों को बचाने के लिए वन विभाग इस साल वर्षा काल के दौरान जुलाई से लेकर अगस्त के बीच उनको रोपित करेगा.इस साल वर्षा काल के दौरान वन विभाग करीब 36 लाख पौधे लगाएगा.इन पौधों में खास बात यह कि वन विभाग ने इस बार पूरा महत्व नीम, पाकड़ और पीपल जैसे पौधों को दिया है.साथ ही औषधीय पौधों को भी रोपित किया जाएगा.जो कि लोगों के लिए बेहद जरूरी हैं.यह पौधे कहां लगाए जाएंगे और इन पौधों को लगाने का कार्यभार किसके ऊपर होगा, इस पर वन विभाग ने बैठक कर ली है.

    नर्सरी में रखकर की जा रही है पौधों की देखरेख

    जिन 36 लाख पौधों को वन विभाग लगाएगा उनको अभी वन विभाग की नर्सरी में रखकर उनकी देखभाल की जा रही है.जो 26 विभाग पौधे रोपित करेंगे,इस पूरे वर्षा काल में वन विभाग उन सभी 26 विभागों को ये पौधे देगा ताकि वे अपने स्थल पर लगा सकें.

    80 प्रतिशत टारगेट जुलाई में पूरा हो जाएगा
    डीएफओ रवि कुमार सिंह ने बताया कि वन विभाग 36 लाख पौधे लगाएगा.इसमें 26 विभाग सहयोग कर रहे हैं.जुलाई से लेकर अगस्त तक इन पौधों को लगाया जाएगा.लोकल प्रजाति को महत्व दिया जाएगा जो खत्म होने की कगार पर पहुंच चुकी हैं जैसे नीम, पाकड़ और पीपल.80 परसेंट जो टारगेट है उसे जुलाई में ही पूरा कर लिया जाएगा और जो पौधे लगाए जाने हैं उन्हें नर्सरी में रखकर बड़ा किया जा रहा है.जून के अंतिम सप्ताह में इन पौधों को विभागों को दे दिया जाएगा.

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर