वासुदेव द्वादशी 2019: इस व्रत से कटेंगे पाप, मिलेगा मोक्ष!

Vasudeva Dwadashi 2019, वासुदेव द्वादशी 2019: यह व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए भी किया जाता है. इस व्रत के फल से खोया हुआ साम्राज्य भी हासिल किया जा सकता है.

News18Hindi
Updated: July 13, 2019, 5:05 AM IST
वासुदेव द्वादशी 2019: इस व्रत से कटेंगे पाप, मिलेगा मोक्ष!
वासुदेव द्वादशी 2019: इस व्रत से कटेंगे पाप, मिलेगा मोक्ष!
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Updated: July 13, 2019, 5:05 AM IST
Vasudeva Dwadashi 2019, वासुदेव द्वादशी 2019: हिंदू धर्म में कई धार्मिक त्यौहार और व्रत प्रचलित हैं इन्हीं में से एक है अषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को रखा जाने वाला वासुदेव द्वादशी का व्रत. यह व्रत आज 13 जुलाई शनिवार के दिन है. मान्यता है कि यह व्रत भगवान कृष्ण को समर्पित है. इस दिन भक्त भगवान कृष्ण और मां लक्ष्मी की भी पूजा अर्चना करते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दिन जो भी भक्त सच्चे मन से भगवान का स्मरण करते हुए यह व्रत पूरा करता है उसे जन्म मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है और मृत्यु के बाद वह मोक्ष को प्राप्त होता है. आइए जानते हैं इस व्रत से जुड़ी धार्मिक बातें.

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करें इनकी पूजा:
जैसा कि व्रत के नाम से स्पष्ट है कि इस दिन वासुदेव भगवान की पूजा का प्रावधान है. हिंदू धर्म ग्रंथों में वासुदेव कृष्ण भगवान को कहा गया है. इस दिन उनके सभी नामों और उनके शरीर के अंगों की बारी बारी से पूजा होती है. यह व्रत देवशयनी एकादशी के एक दिन रखा जाता है.

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मां देवकी ने रखा था कृष्ण के लिए ये व्रत:
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां देवकी ने वासुदेव कृष्ण के लिए यह व्रत रखा था. इस दिव वासुदेव की पूजा करने के लिए एक तांबे के कलश में शुद्ध जल भरकर उसे वस्त्र से चारों तरफ से लपेट देना चाहिए.इसके बाद कृष्ण भगवान की प्रतिमा स्थापित कर विधिवत तरीके से पूजा पाठ करना चाहिए. इसके बाद जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुओं का दान करना चाहिए. इस दिन विष्‍णु सहस्‍त्रनाम का जाप करने से जीवन के कई संकट कट जाते हैं. यह व्रत पुत्र प्राप्ति के लिए भी किया जाता है. इस व्रत के फल से खोया हुआ साम्राज्य भी हासिल किया जा सकता है.
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Disclaimer:  इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन्हें प्रयोग में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क अवश्य करें.
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