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नॉन वेजिटेरियन भी पसंद करते हैं न्यूट्री कुलचा, विजय नगर में 'मामाजी अमृतसरी न्यूट्री कुलचा' पर लें इसका स्वाद

नॉन वेजिटेरियन भी पसंद करते हैं न्यूट्री कुलचा, विजय नगर में 'मामाजी अमृतसरी न्यूट्री कुलचा' पर लें इसका स्वाद

इस दुकान पर मिलने वाले न्यूट्री कुलचा का स्वाद आसपास के इलाकों में काफी फेमस हो चुका है.

इस दुकान पर मिलने वाले न्यूट्री कुलचा का स्वाद आसपास के इलाकों में काफी फेमस हो चुका है.

Delhi NCR Food Outlets: देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में वैसे तो खाने पीने के कई आउटलेट्स हैं, लेकिन ऐसी कम ही जगहें हैं जहां पर परोसा तो वेज आइटम जाता है लेकिन नॉन वेजिटेरियन खाने के शौकीन भी वहां के फूड आइटम को पसंद करते हैं. ऐसी ही एक जगह है विजय नगर में स्थित 'मामाजी अमृतसरी न्यूट्री कुलचा' (Nutri Kulcha) की शॉप. यहां रमा-गरम कुलचों के साथ न्यूट्री से बनाई डिश परोसी जाती है. शाकाहारी लोगों को इस मसालेदार डिश में अलग आनंद आता है तो मांसाहारी लोग चिकन कीमा समझकर उसका मजा लूटते हैं.

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    Delhi NCR Food Outlets: (डॉ. रामेश्वर दयाल) देश की राजधानी दिल्ली (Delhi) में खाने-पीने के कई ऐसे आउटलेट्स हैं कि उनके यहां सब कुछ वेज ही परोसा जाता है, लेकिन उनकी कुछ डिश ऐसी होगी जो आपको नॉनवेज का मजा दे सकती हैं. इसके पीछे सारा खेल सोयाबीन की बड़ियां, चाप या न्यूट्री का होता है. अगर इन्हें सही मसालों के साथ बनाया जाए तो उनका स्वाद बिल्कुल मटन या चिकन जैसा होगा. कुछ लोगों के साथ तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि डॉक्टर ने नॉनवेज खाने से मना कर दिया है तो ऐसे लोग इसी तरह की डिश खाकर अपने मन और जुबान को बहला देते हैं.

    आज हम आपको एक ऐसे ही ठिए के बारे में बताएंगे, जहां गरमा-गरम कुलचों (Nutri Kulcha) के साथ न्यूट्री से बनाई डिश परोसी जाती है. शाकाहारी लोगों को इस मसालेदार डिश में अलग आनंद आता है तो मांसाहारी लोग चिकन कीमा समझकर उसका मजा लूटते हैं. असल में इस ठिए का ओनर पंजाब (Punjab) के लुधियाना से हैं. अब आप समझ जाइए कि यहां मिलने वाली डिश अलग और जानदार होगी.
    नॉनवेज के शौकीन भी करते हैं न्यूट्री कुलचा पसंद

    इस तरह की डिश दिल्ली (Delhi) में जहां बेची जाती हैं, वहां उनका रेट कुछ ज्यादा हो सकता है. लेकिन यह न्यूट्री कुलचा जेब को तो भाता ही है, साथ ही जुबान और मन को भी खुब संतुष्टि देता है. दिल्ली यूनिवर्सिटी (Delhi University) के बगल में आप विजय नगर (Vijay Nagar) पहुंचेंगे तो यहीं पर मदर डेयरी के पास ही ‘मामाजी अमृतसरी न्यूट्री कुलचा’ का ठिया आपको दिख जाएगा. यहां पर सिर्फ एक ही डिश मिलती है, वह है मसालेदार व गाढ़ी तरी में बनी न्यूट्री (सोयाबीन की छोटी बड़ियां) की सब्जी और साथ में कुलचे. इस सब्जी को जब तवे पर तैयार किया जाता है तो इस बात का पूरा भ्रम होने लगता है कि यह चिकन कीमे की डिश तैयार की जा रही है. ऊपर से मक्खन का तड़का इसे बेहद शानदार और खुशबूदार बना देता है. खाने की तो बात ही अलग है, यह देखने में भी नॉनवेज डिश जैसी नजर आती है.

    यहां पर सिर्फ एक ही डिश मिलती है, वह है मसालेदार व गाढ़ी तरी में बनी न्यूट्री (सोयाबीन की छोटी बड़ियां) की सब्जी और साथ में कुलचे.

    यहां पर सिर्फ एक ही डिश मिलती है, वह है मसालेदार व गाढ़ी तरी में बनी न्यूट्री की सब्जी और साथ में कुलचे.

    यूनिवर्सिटी के छात्र भी हैं मुरीद

    आप जब इसका ऑर्डर देंगे तो इस न्यूट्री की गाढ़ी तरीदार डिश को मक्खन का तड़का व हरा धनिया छिड़ककर तैयार कर लिया जाता है. कुलचों को भी अलग तवे पर गरम किया जाता है. पहले कुलचों पर न्यूट्री की तरी लगाई जाती है, जिससे गरम तवे पर पड़ते ही वह मसालेदार धुआं सा छोड़ते नजर आएंगे. फिर कुलचों में मक्खन का तड़का लगाया जाता है. अच्छी तरह गरम होने के बाद कुलचों पर हरा धनिया छिड़ककर उसे कलरफुल बना दिया जाता है. कुलचे और सब्जी प्लेट में रखने को तैयार हैं. इसके साथ हरी मिर्च, धनिया, पुदीना, अनारदाने की चटनी व कटी प्याज के अलावा नींबू का एक पीस और मांगने पर कच्ची हरी मिर्च भी दी जाती है.

    गरम होने के बाद कुलचों पर हरा धनिया छिड़ककर उसे कलरफुल बना दिया जाता है.

    गरम होने के बाद कुलचों पर हरा धनिया छिड़ककर उसे कलरफुल बना दिया जाता है.

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    खाकर देखिए, आपको पूरा नॉनवेज का मजा मिलेगा. बगल में यूनिवर्सिटी है, आसपास होस्टल हैं, इसलिए छात्रों को इस डिश में खासा मजा आता है. कई छात्र तो ग्रुप बनाकर रात में डिनर करने इसी ठिए पर आ जाते हैं. दो सूजी-मैदा कुलचे के साथ 60 रुपये में और आटे के कुचले के साथ 70 रुपये में इस तथाकथित नॉनवेज डिश का मजा लिया जा सकता है.

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    लुधियाना से दिल्ली तक आने की कहानी है दिलचस्प

    इस ठिए को पांच साल पहले राजीव शर्मा ने शुरू किया था. इससे पहले उनके पिताजी विलायती राम पंजाब स्थित लुधियाना में इसी तरह का ठिया लगाते थे. इस ठिए का दिल्ली आना भी कम दिलचस्प नहीं है. राजीव की बड़ी बहन मलकागंज में रहती हैं. पिताजी की मृत्यु होने के बाद उन्होंने भाई से कहा कि दिल्ली में आकर ठिया लगाएं और यह स्पेशल डिश बेचें. उनका दिल्ली आने का मन नहीं था. लेकिन बहन की जिद पर चले आए.

    शुरू के पांच-छह महीने तो काफी परेशानी भरे रहे, लेकिन ठिए पर साथ आने वाले भांजे का कहना था ‘मामाजी, तुसी परवाह न करो, दिल्ली में सब चलता है.‘बस धीरे-धीरे काम चल निकला. भांजे के कारण दुकान भी चली और मामाजी नाम भी पड़ गया. राजीव बताते हैं कि असल में सारा खेल मसाले और प्याज, लहसुन, अदरक के मिश्रण का है. इसके अलावा पंजाबी खाना बनाने का अलग ही तरीका है, जिससे नॉनवेज जैसा स्वाद उभर आता है. इसी के चलते यह डिश सभी को पसंद आने लगी. शाम 4:30 बजे ठिया सज जाता है और रात 10 बजे तक रौनक रहती है. कोई अवकाश नहीं रहता है.

    नजदीकी मेट्रो स्टेशन: विश्वविद्यालय व मॉडल टाउन

    Tags: Delhi, Food, Lifestyle

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