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जानिए कैसे फैलता है डेंगू- ये हैं इसके लक्षण, बचाव के तरीके

डेंगू का मच्छर गंदी नालियों में नहीं बल्कि साफ सुथरे पानी में पनपते हैं.

Hindi.news18.com | April 16, 2019, 12:35 PM IST
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Last Updated 4 days ago

हाइलाइट्स

डेंगू चार किस्मों के डेंगू वायरस के संक्रमण से होता है, जो मादा एडीस मच्छर के काटने से फैलता है. बहुत से लोगों को नहीं पता कि डेंगू का मच्छर गंदी नालियों में नहीं बल्कि साफ सुथरे पानी में पनपते हैं. साफ सुथरे शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को इसका ज्यादा खतरा रहता है. बचाव इलाज से हमेशा बेहतर रहता है. यह एक वायरस से होता है इसलिए इसकी कोई दवा या एंटीबायटिक नहीं है, इसका इलाज इसके लक्षणों का इलाज करके ही किया जाता है. तेज बुखार बीमारी के पहले से दूसरे हफ्ते तक रहता है.

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डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस बीमारी से बचने के उपायों को जाननों के लिए बेहद जरूरी है. डेंगू मच्छरों को अंडे देने से रोकने के लिए घर में पानी जमा होने से रोकना चाहिए. बाहर रखे साफ पानी के बर्तनों जैसे पालतू जानवरों के पानी के बर्तन, बगीचों में पानी देने वाले बर्तन और पानी जमा करने वाले टैंक इत्यादि को साफ रखें.

लक्षण-
डेंगू में तेज बुखार के साथ नाक बहना, खांसी, आखों के पीछे दर्द, जोड़ों के दर्द और त्वचा पर हल्के रैश होते हैं.
कुछ लोगों में लाल और सफेद निशानों के साथ पेट खराब, जी मिचलाना, उल्टी आदि हो सकता है.

बचाव-
जिन लोगों के घर में कोई डेंगू से पीड़ित है, वह थोड़ा ज्यादा ध्यान रखें कि मच्छर दूसरे सदस्यों को न काटे. बीमारी को फैलने से बचाने के लिए पीड़ित को मच्छरदानी के अंदर सोना चाहिए. अस्पतालों को भी चाहिए कि वे डेंगू के मरीजों को मच्छरदानी उपलब्ध करवाएं.
बचाव के लिए मच्छर प्रतिरोधक का इस्तेमाल करें. बचाव के लिए पूरी बाजू की कमीज और पायजामा या पैंट पहनें.
यह भी ध्यान रखें कि खिड़कियों के पर्दे सुरक्षित हों और उनमें छेद न हों. एयर कंडीशंड कमरों में रहकर बीमारी से बचा जा सकता है.
घर के अंदर फूलदानों में पानी जमा न होने दें और उन्हें हफ्ते में एक बार जरूर साफ करें.

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भरपूर मात्रा में तरल आहार लें, क्योंकि डिहाइड्रेशन से ही बीमारी खतरनाक होती है. अगर डेंगू के मरीज का प्लेटलेट्स काउंट 10,000 से ज्यादा हो तो प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन की जरूरत नहीं होती. बेवजह प्लेटलेट्स ट्रांसफ्यूजन नुकसान कर सकता है.

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