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खुशखबरी! अब डिप्रेशन का इलाज हुआ और आसान...


Updated: October 29, 2019, 1:16 PM IST
खुशखबरी! अब डिप्रेशन का इलाज हुआ और आसान...
डिप्रेशन हमारे देश में बढ़ता ही जा रहा है

न्यूरोलॉजी न्यूरोसर्जरी एण्ड साइक्याट्री जरनल (Journal of Neurology Neurosurgery and Psychiatry) में छपे एक शोध में वैज्ञानिकों ने एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं) का डिप्रेशन के लक्षणों पर पड़ने वाले प्रभाव (Impact of Anti-Inflammatory Medicines on Depression Symptoms) को बताया है.

  • Last Updated: October 29, 2019, 1:16 PM IST
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लंदन. डिप्रेशन (Depression) के शिकार लोगों के लिए खुशखबरी (Good News) है. अगर एंटी-डिप्रेसेन्ट दवाएं (Anti-Depressant Medicine) आप पर असर नहीं कर रहीं हैं तो यह खबर आप के लिए है. वैज्ञानिकों ने एक शोध (Scientific Research on Depression) में पाया है कि दर्दनिवारक (Painkiller Medicine) और एंटी-इंफ्लेमेटरी (Anti-Inflammatory) दवाओं से भी डिप्रेशन का इलाज (Treatment of Depression) संभव है. न्यूरोलॉजी न्यूरोसर्जरी एण्ड साइक्याट्री जरनल (Journal of Neurology Neurosurgery and Psychiatry) में छपे एक शोध में वैज्ञानिकों ने एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं) का डिप्रेशन के लक्षणों पर पड़ने वाले प्रभाव (Impact of Anti-Inflammatory Medicines on Depression Symptoms) को बताया है.

इस पत्रिका में 1600 से अधिक मरीजों पर 26 प्रकार के शोध के नतीजों का निष्कर्ष छापा गया है. इसमे साफ कहा गया कि जो लोग एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाओं का सेवन करते हैं उनके अवसाद से उबरने की संभावना 79 फीसदी अधिक होती है. एंटी इंफ्लेमेटरी दवाओं में एस्पीरिन, इबूप्रोफेन, ब्लड प्रेशर के लिए इस्तेमाल होने वाली मेडिसिन आती हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2015-16 के भारतीय राष्ट्रीय मेंटल हेल्थ सर्वे में बीस में से एक भारतीय को अवसाद का शिकार पाया गया. यह नहीं 15 प्रतिशत भारतीयों को मानसिक रोगों से जुड़ी देखभाल की जरुरत है. 2012 में 2.58 लाख आत्महत्याएं दर्ज की गईं जिनमें से अधिकतर 15-49 उम्र समूह के पाए गए.

अवसाद किसी को भी हो सकता है (सभी तस्वीरें- प्रतीकात्मक)


पूरी दुनिया की बात करें तो 45 करोड़ से ज्यादा लोग किसी न किसी प्रकार के मानसिक अस्वस्थता से ग्रसित हैं. 2015 तक विश्व भर के 30 करोड़ लोग अवसाद से ग्रसित थे.

मुख्य शोधकर्ता प्रोफेसर जाउपिंग तांग ने बताया कि एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं मरीजों में एंटीडिप्रेसेन्ट का काम करतीं हैं. तांग चीन की हाउझांग विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर बुलमोर ने कहा कि इस शोध से हमें अवसाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने के नए तरीकों का पता चला है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी का भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

हालांकि यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ लंदन के  प्रोफेसर डेविड कर्टिस के मुताबिक यह शोध पुख्ता नहीं है और एंटी-इंफ्लेमेटरी दवाएं मददगार नहीं मानी जा सकतीं.
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जीवन संवाद

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First published: October 29, 2019, 1:16 PM IST
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