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क्या आप भी डायबिटीज की वजह से दिन में 6 बार खाते हैं खाना, तो जान लें ये जरूरी बात

News18Hindi
Updated: December 11, 2019, 8:26 AM IST
क्या आप भी डायबिटीज की वजह से दिन में 6 बार खाते हैं खाना, तो जान लें ये जरूरी बात
डायबिटीज के मरीजों को दिन में 3 बार खाना चाहिए खाना

शोधकर्ता ने कहा, हमारे शोध से पता चलता है कि स्टार्च से भरपूर आहार को दिन की शुरुआत में ही लेना चाहिए.

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  • Last Updated: December 11, 2019, 8:26 AM IST
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डायबिटीज के मरीजों को अक्सर डॉक्टर खानपान में परहेज की सलाह देते हैं. डॉक्टर्स मरीजों में दिन में करीब 6 बार छोटे छोटे मील लेने को कहते हैं. लेकिन हाल में हुए एक रिसर्च के मुताबिक़, अगर डायबिटीज के मरीज इस तरह मील लेते रहते हैं तो आगे जाकर उनकी दिक्कत बढ़ जाती है और उन्हें ज्यादा गहरे इलाज की जरूरत पड़ सकती है. इस शोध के बाद डॉक्टर डायबिटीज के मरीजों को दिन में तीन मील लेने की सलाह दे रहे हैं. आइए जानते हैं इस शोध के बारे में...

पूरे विश्व में में 40 करोड़ लोग डायबिटीज का शिकार हैं. इसमें सबसे ज्यादा टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित हैं. ज्यादातर डॉक्टर मधुमेह के मरीजों को रक्त में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए दवा देते हैं. साथ ही मरीजों को अपने खान-पान की आदतें और जीवनशैली को भी सुधारने की सलाह दी जाती है. कई चिकित्सकों का मानना है कि टाइप-2 मधुमेह के मरीजों को थोड़ी-थोड़ी देर में छोटे-छोटे आहार लेने चाहिए. मरीजों को दिन में छह बार छोटे आहार लेने की सलाह दी जाती है.

इजरायल की तेल अवीव यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए शोध में कहा गया है कि छह बार खाने का तरीका गलत है और इससे कई परेशानियां हो सकती हैं. यह उन मरीजों के लिए ज्यादा खराब है, जिन्हें रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है. शोधकर्ताओं के अनुसार इंसुलिन के ज्यादा डोज से ग्लूकोज की मात्रा में असंतुलन होता है. इससे वजन में बढ़ोतरी भी हो सकती है और दिल की बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है.

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शोधकर्ताओं की टीम के मुताबिक़, शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (जैविक घड़ी) के अनुसार खाना खाने से शारीरिक प्रक्रियाओं को एक साथ बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकता है, जिससे एक व्यक्ति की इंसुलिन की जरूरतों में कमी लाई जा सकती है. जैविक घड़ी के अनुसार व्यक्ति को दिन में तीन बार भोजन करना चाहिए.

वजन होगा नियंत्रित, ब्लड शुगर लेवल होगा ठीक:
शोधकर्ता और प्रोफेसर डेनियल जाकुबोविच ने कहा, मधुमेह पीड़ितों के लिए पारंपरिक आहार दिनभर में छह छोटे हिस्सों में बंटा होता है. लेकिन, यह आहार रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में प्रभावकारी साबित नहीं हुआ है. इसी वजह से मधुमेह से पीड़ित मरीजों को अतिरिक्त इलाज और इंसुलिन की जरूरत पड़ती है. इंसुलिन के इंजेक्शन से वजन बढ़ता है और रक्त शर्करा के स्तर में भी बढ़ोतरी होती है. शोधकर्ताओं की टीम ने एक अध्ययन किया, जिसमें दर्शाया गया है कि मधुमेह पीड़ितों के लिए दिन में तीन आहार ज्यादा फायदेमंद हो सकते हैं.शोधकर्ता ने कहा, हमारे शोध से पता चलता है कि स्टार्च से भरपूर आहार को दिन की शुरुआत में ही लेना चाहिए. इससे ग्लूकोज के स्तर में संतुलन आता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स का स्तर भी सुधरता है. हमें उम्मीद है कि इस आहार का पालन करने से मधुमेह पीड़ितों को ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे रक्त शर्करा पर उनका नियंत्रण बेहतर होगा.

उन्होंने देखा कि छह बार आहार खाने वालों की तुलना में तीन बार आहार लेने वाले मरीजों के वजन में कमी आई और रक्त शर्करा को स्तर ज्यादा नियंत्रित हुआ. उनमें इंसुलिन की जरूरत में कमी आई और कुछ मरीजों ने इंसुलिन का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर दिया. साथ ही मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद मिली और कई अन्य बीमारियों जैसे हृदयरोग और कैंसर का भी जोखिम कम हुआ.

शोधकर्ताओं ने टाइप-2 मधुमेह से पीड़ित 28 प्रतिभागियों पर अध्ययन किया. एक समूह को दिन में छह बार भोजन दिया गया और दूसरे समूह को तीन बार. तीन बार आहार लेने वाली व्यवस्था में सुबह में ज्यादा खाने को कहा गया और रात में कम से कम खाने की सलाह दी गई. उन्हें नाश्ते में ब्रेड, फल और मिठाई खाने के लिए दिया गया. दोपहर में पर्याप्त मात्रा में भोजन दिया गया और रात के खाने में बेहद कम और बिना स्टार्च वाला खाना दिया गया. फिर दो हफ्ते और 12 हफ्ते बाद भी इनकी जांच की गई.

(एजेंसी-भाषा)

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First published: December 11, 2019, 8:05 AM IST
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