हां मैं अलग हूं और मुझे भी प्यार करने का पूरा हक है

मैं एक राय देना चाहती हूं उन लोगों को जो मेरे जैसे ही हैं. डरिए मत. मेरे कई दोस्त हैं जिन्हें उनका पार्टनर एक डेटिंग ऐप से ही मिला है. और वो इसलिए क्योंकि वो आगे बढ़े हैं. प्यार, प्यार होता है और हम भी इंसान हैं.

News18Hindi
Updated: February 15, 2018, 3:49 PM IST
हां मैं अलग हूं और मुझे भी प्यार करने का पूरा हक है
virali modi- विराली मोदी
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Updated: February 15, 2018, 3:49 PM IST
Love- हां अंग्रेजी के ये चार शब्द बहुत कम है लेकिन इनका मतलब काफी गहरा है. ये आपकी भावनाओं, बर्ताव और नज़रिये को कंट्रोल करता है. प्यार करने वाला सही इंसान मिलना जो आपको अपनाए, आपकी देखरेख करे, सभी के बसकी बात नहीं होती है. और मुझ जैसे इंसान के लिए तो ये काफी मुश्किल है क्योंकि मैं बाकी के लोगों से अलग हूं.

मैं अभी तक तीन रिलेशन में रह चुकी हूं जिनमें से दो मुझे डेटिंग ऐप के द्वारा मिले थे. मुझे अभी-भी याद है जब मैंने पहली बार डेटिंग ऐप पर अपना प्रोफाइल बनाया था. मैं काफी नर्वस थी. मेरे दिमाग में ये बात चल रही थी कि मेरे अलग होने की वजह से कोई मुझे अपनाएगा या नहीं. या फिर लोग मेरी प्रोफाइल फोटो जिसमें मैं एक व्हीलचेयर पर बैठी हूं वही देखकर आगे बढ़ जाएंगे.

मेरे हाथ कांप रहे थे जब मैं अपनी प्रोफाइल बना रही थी. अपने बारे में बताने के बाद मैंने एक बात और लिखी वो ये कि “हां, मैं व्हीलचेयर पर हूं- अगर ये आपके लिए मायने रखता है”. बस मैंने इसे इतना ही छोड़ दिया.

सच कहूं तो मैंने कई हफ्तों तक अपनी प्रोफाइल ही खोलकर नहीं देखी. शायद मैं डरी हुई थी. लेकिन फिर एक दिन जब मैंने अपनी प्रोफाइल देखी तो मुझे खुशी हुई क्योंकि कई लोगों ने मेरे प्रोफाइल बनाने के ज़ज्बे की प्रशंसा की थी. वो मुझे जानना चाहते थे और समझना भी. कई लोग उनमें ऐसे भी थे जिन्होंने मुझ पर तरस किया था और प्रशंसा नहीं की थी.

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कुछ ही महीने पहले मुझे डेटिंग ऐप पर एक लड़के ने अप्रोच किया. उसे पता था कि मैं व्हीलचेयर पर हूं और मैंने भी उससे मिलने से पहले अपने बारे में बता दिया था. उसने मेरी हर बात पर हामी भरी और वो मुझे और अच्छी तरह जानना चाहता था. हम एक मॉल में कॉफी शॉप पर गए (क्योंकि मॉल ही एक ऐसी जगह है जहां आपको सारी सुविधाएं उपलब्ध होती हैं). हम दोनों ने एक-दूसरे के साथ कॉफी पी और बात करनी शुरू की. समय कब निकल गया पता ही नहीं चला. आखिर में जब वो लड़का जाने के लिए उठा और मैंने अपनी व्हीलचेयर निकाली तो उसने मुझसे कहा कि “मैं भूल गया था कि आप व्हीलचेयर पर हैं”.

कई लोगों के लिए ये सुनना काफी खराब होता है लेकिन मुझे उसकी ये बात अच्छी लगी. इस डेट ने मुझे एक सीख दी वो ये कि डेटिंग हमेशा ब्लैक एंड व्हाइट नहीं होती है. एक ग्रे एरिया भी होता है जिसे हमें खोजना चाहिए. मैं अगर अलग हूं, इसका मतलब ये नहीं कि मैं खुद को बाहर नहीं निकाल सकती और दुनिया का सामना नहीं कर सकती. अलग होना टैबू थोड़ी न है. ये काफी साधारण-सी बात है. हम इंसान हैं जहां हमें पूरा हक होता है प्यार करने का. सोसाइटी में कई लोग ऐसे हैं जो हम जैसे अलग लोगों को साधारण बिल्कुल नहीं समझते हैं और सोचते हैं कि हमारी कोई शारीरिक अपेक्षाएं नहीं होती हैं. ऐसा नहीं है.

मैं एक राय देना चाहती हूं उन लोगों को जो मेरे जैसे ही हैं. डरिए मत. मेरे कई दोस्त हैं जिन्हें उनका पार्टनर एक डेटिंग ऐप से ही मिला है. और वो इसलिए क्योंकि वो आगे बढ़े हैं. प्यार, प्यार होता है और हम भी इंसान हैं.

विराली मोदी एक डिसेबिलिटी राइट एक्टिविस्ट, मोटिवेशनल स्पीकर और ऐडवेंचर स्पोर्ट्स एन्थूजिएस्ट हैं.
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