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डिजिटल एडिक्‍शन के शिकार तो नहीं आप? सेहत पर होते हैं ये बड़े नुकसान

हम वर्चुअल दुनिया के इतने आदि हो चुके हैं कि हमें एक मिनट भी इससे दूर रहना संभव नहीं लगता.
हम वर्चुअल दुनिया के इतने आदि हो चुके हैं कि हमें एक मिनट भी इससे दूर रहना संभव नहीं लगता.

डिजिटल टेक्‍नॉलोजी (Digital Technology) के आदत की वजह से कई नुकसान झेलना पड़ रहा है. लोग घंटों सोशल मीडिया पर समय गुजारते हैं, सेल्‍फी खींचते हैं, फोटो अपलोड करते हैं और उस पर मिलने वाले लाइक्‍स और कमेंट को देखकर ही खुश हो जा रहे हैं. लेकिन व्‍यक्तिगत रिश्‍तों में दूरियां बढ़ती जा रहीं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 2:34 PM IST
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डिजिटल टेक्‍नॉलोजी (Digital Technology) ने हमारी जिंदगी को बहुत आसान बना दिया है. दुनिया से खुद को जोड़े रहने के लिए हम इसका भरपूर प्रयोग कर रहे हैं. मोबाइल, लैपटॉप और टैब की आदत सी पड़ गई है. लेकिन क्‍या हो अगर हम एक दिन के लिए इन टेक्‍नॉलोजी का प्रयोग ना करें. निश्चित तौर पर यह डिसीजन किसी के लिए भी आसान नहीं होगा. दरअसल इसी को डिजिटल एडिक्‍शन (Digital Addiction) कहा जा रहा है. हम वर्चअल दुनिया के इतने ज्यादा आदी हो चुके हैं कि हमें एक मिनट भी इससे दूर रहना संभव नहीं लगता.

रीयल लाइफ से बढ़ रहीं दूरियां

डिजिटल टेक्‍नॉलोजी की आदत की वजह से कई नुकसान भी झेलने पड़ रहे हैं. लोग घंटों सोशल मीडिया पर समय गुजारते हैं, सेल्‍फी खींचते हैं, फोटो अपलोड करते हैं और उस पर मिलने वाले लाइक्‍स और कमेंट को देखकर ही खुश हो जा रहे हैं. लेकिन व्‍यक्तिगत रिश्‍तों में दूरियां बढ़ गईं हैं. लोगों में अकेलापन बढ़ता जा रहा है. पारिवारिक रिश्‍तों में गरमाहट नहीं रही. लोग अपने आस पास से बेखबर हैं और रीयल लाइफ से ज्‍यादा वर्चअल दुनिया में जी रहे हैं.



हो रहे हैं यह नुकसान
1. लगातार टेक्‍नोलॉजी के प्रयोग से लोगों में स्‍ट्रेस बढ़ रहा है, लोग 24 घंटे अपडेट रहना चाहते हैं

2. लोग हर दो मिनट पर अपना फोन उठाकर चेक कर रहे हैं जिससे दिमाग हर वक्‍त फोन को लेकर अलर्ट रहता है

3. सोशल मीडिया पर हर वक्‍त समय गुजारने की वजह से लोगों में गुस्‍सा, डिप्रेशन की शिकायत भी बढ़ी है

4. हर वक्‍त एक डर रहता है कि इंटरनेट पर आ रहे कोई कंटेंट छूट ना जाए

5. हम सोते जागते मोबाइल का प्रयोग कर रहे हैं, ऑनलाइन गेम में घंटों समय बर्बाद हो जा रहा है

6.मोबाइल की वजह से ना तो हम समय पर सो पा रहे हैं और ना ही समय पर उठ पाते हैं.

7. जब तक हम फोन को एक बार चेक ना कर लें किसी और चीज में ध्‍यान नहीं लगा पाते

8. परिवार और दोस्‍तों से दूरी बनती जा रही है, पास हो कर भी वह सोशल मीडिया पर हैं

9. मोबाइल के बिना डिप्रेशन और अकेलापन अनुभव हो रहा है

डिजिटल डीटॉक्‍स जरूरी

डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) का मतलब यह बिल्‍कुल नहीं है कि इन टेक्‍नॉलोजी का प्रयोग पूरी तरह बंद कर दिया जाए. इसका मतलत बस इतना है कि आप रियल लाइफ में दुबारा आएं. दरअसल डिटॉक्स आपको अपने उपकरणों पर निर्भर होने से रोकने में आपकी मदद भर करता है.(Disclaimer:इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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