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DIWALI 2019: दिवाली पर प्रदूषण से बचने के लिए करें ये काम, हवा को न बनाएं जहरीली

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के फरमान के बाद छत्तीसगढ़ में दो महीनों तक पटाखे नहीं फूटेंगे. (Demo Pic)

छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के फरमान के बाद छत्तीसगढ़ में दो महीनों तक पटाखे नहीं फूटेंगे. (Demo Pic)

अगर आप दिवाली पर होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं और खुद को इससे बचाना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए.

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    दिवाली खुशियों और रोशनी का त्योहार है. इस दिन लोग अपने घर को बहुत अच्छे से सजाकर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं. दिवाली के उत्सव को मनाते हुए लोग पटाखे भी जलाते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि हर साल दिवाली पर पटाखे जलाने से कितना प्रदूषण फैलता है. प्रदूषण की समस्या से इस समय पूरा देश परेशान है. देश की राजधानी दिल्ली इससे कुछ ज्यादा ही प्रभावित हो रही है. अगर आप दिवाली पर होने वाले प्रदूषण को लेकर चिंतित हैं और खुद को इससे बचाना चाहते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान जरूर रखना चाहिए. आइए आपको बताते हैं दिवाली पर होने वाले प्रदूषण से बचने के लिए आप क्या उपाय कर सकते हैं.

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    अस्थमा मरीज न निकलें बाहर

    दिवाली पर पटाखे जलाने से प्रदूषण बढ़ जाता है और हवा में जहर घुल जाता है. ऐसे में अगर घर में किसी सदस्य को अस्थामा या सांस से जुड़ी कोई बीमारी हो तो उसे खुले में बाहर न निकलने दें. सांस से जुड़ी बीमारी के मरीजों की प्रदूषित हवा से परेशानी और बढ़ सकती है. अगर इन मरीजों को किसी जरूरी काम से बाहर जाना हो तो उन्हें मास्क पहनकर निकलना चाहिए.

    कचरा घर के आसपास न फेंके

    दिवाली आने से पहले ही घर की साफ-सफाई का काम शुरू हो जाता है. सफाई के दौरान घर से निकलने वाले कचरे को आप घर के आसपास न फेंके और न जमा करें. इसे कुड़े फेंकने की सही जगह पर ही फेंके. आसपास कूड़ा फेंकने से गंदगी बढ़ती है.

    पटाखे जलाने का एक निश्चित समय

    पटाखों को रात भर जलाने की बजाए एक समय निश्चित कर लें. सीमित मात्रा में पटाखों को जलाने से प्रदूषण की मात्रा को कुछ हद तक तम किया जा सकता है. इसके अलावा तेज आवाज वाले पटाखों को जलाने से बचें. तेज आवाज वाले पटाखों के कारण दिल के मरीजों का खतरा और बढ़ सकता है.

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    ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं

    50 डेसीबल से ज्यादा का शोर मनुष्य के लिए घातक होता है. ज्यादा शोर होने से कान के पर्दों को नुकसान पहुंचता है लेकिन दिवाली के दौरान जो पटाखे जलाते हैं वो 100 डेसीबल से ज्यादा के होते हैं. इतना ज्यादा शोर किसी भी इंसान के लिए काफी खतरनाक है. ऐसा करने से बचें. ध्वनि प्रदूषण न फैलाएं.

    Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.

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